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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमताओं और उपचारात्मक शिक्षण' के संदर्भ में, सैमुअल किर्क (Samuel Kirk) द्वारा परिभाषित 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disability) के अंतर्गत 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia) और 'डिस्प्रैक्सिया' (Dyspraxia) के न्यूरोलॉजिकल एवं मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा पॉल ब्रोका (Paul Broca) और कार्ल वर्निक (Carl Wernicke) द्वारा न्यूरोलॉजिकल शोधों के आधार पर प्रतिपादित 'अफेसिया' (Aphasia) एवं 'डिस्फेसिया' (Dysphasia)—जो कि वाक् और भाषा विकारों से संबंधित हैं—के पारस्परिक अंतर्संबंधों और उनके उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) हेतु अपनाई जाने वाली 'बहुसंवेदी उपागम' (Multisensory Approach - VAKT Method) की वैज्ञानिक संरचना के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याख्या: 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia) एक तांत्रिक/न्यूरोलॉजिकल लेखन अक्षमता है जो वर्तनी, खराब लिखावट और विचारों को लिखित रूप में व्यक्त करने की कठिनाई से जुड़ी है। 'डिस्प्रैक्सिया' (Dyspraxia) गत्यात्मक समन्वय (Motor Coordination) से संबंधित विकार है। 'अफेसिया' (Aphasia) मस्तिष्क के बाएं गोलार्ध (Left Hemisphere) में स्थित ब्रोका क्षेत्र (भाषा उत्पादन) या वर्निक क्षेत्र (भाषा बोध) की क्षति के कारण होता है। इन सभी भाषा और लेखन संबंधी विकारों के उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) के लिए ग्रेस फेर्नाल्ड (Grace Fernald) द्वारा विकसित VAKT (Visual, Auditory, Kinesthetic, Tactile) बहुसंवेदी पद्धति का उपयोग वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रभावी माना जाता है। अतः विकल्प (A) पूर्णतः सत्य एवं सटीक है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'कोहलबर्ग के नैतिक विकास का सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के चरण' (Pre-conventional, Conventional, और Post-conventional स्तर) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), 'एंटीरियर सिंग्युलेट कॉर्टेक्स' (ACC), और 'इंसुला' (Insula) के बीच संवेगात्मक-नैतिक निर्णय लेने (Emotional-Moral Decision Making), सहानुभूतिपूर्ण अनुक्रिया (Empathic Responding), और सामाजिक मानदंड अनुपालन की सक्रियण गतिकी, तथा कैरोल गिलीगन (Carol Gilligan) के 'देखभाल के नैतिकता सिद्धांत' (Ethics of Care) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, वैल्यू-बेस्ड मोरल पेडागोजी (Value-Based Moral Pedagogy) और विद्यार्थियों में नैतिक तार्किकता, सामाजिक न्याय व समग्र चरित्र निर्माण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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हिंदी व्याकरण के अंतर्गत, 'व्यंजन' वर्णों के वर्गीकरण में 'प्रयत्न' (अभ्यंतर प्रयत्न) के आधार पर 'अंतःस्थ' और 'उष्म' व्यंजनों के अतिरिक्त, 'घोषत्व' (Vocal Cord Vibration) के आधार पर प्रत्येक वर्ग के कौन से वर्ण 'अघोष' (Voiceless) ध्वनि के अंतर्गत आते हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम शैलियाँ और वैयक्तिक भिन्नताएँ (Learning Styles and Individual Differences) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, नील फ्लेming (Neil Fleming) द्वारा प्रतिपादित 'VARK मॉडल' (Visual, Auditory, Reading/Write, Kinesthetic) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'विजुअल कॉर्टेक्स' (Visual Cortex), 'प्राइमरी ऑडिटरी कॉर्टेक्स' (Primary Auditory Cortex), 'अंसुलेट गाइरस' (Angular Gyrus) और 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex) के बीच संवेदी इनपुट प्रसंस्करण, बहुसंवेदी एकीकरण और संज्ञानात्मक कोडिंग की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड कोल्ब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'experiential learning cycle' (अनुभवात्मक अधिगम चक्र: अभिसारी, आत्मसातकर्ता, अपसारी और Accommodating शैलियाँ) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विभेदित निर्देश (Differentiated Instruction) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक विविधता, स्वायत्त अधिगम व वैयक्तिकृत ज्ञान निर्माण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं कृषि-जलवायु परिदृश्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जो यहाँ की मृदा, वर्षा और तापमान की विभिन्नताओं को दर्शाते हैं।
2. राज्य के बुंदेलखंड क्षेत्र में मुख्य रूप से लाल और परुवा मृदा पाई जाती है, जहाँ सिंचाई के साधनों की सीमित उपलब्धता के कारण चना, मटर और ज्वार जैसी कम पानी की आवश्यकता वाली फसलें उगाई जाती हैं।
3. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में गन्ने का सघन उत्पादन होता है, और यह क्षेत्र देश में चीनी के कटोरे के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।
4. राज्य के तराई क्षेत्र में पाई जाने वाली मृदा अत्यधिक शुष्क, बंजर और कंकड़-पथरयुक्त होती है, जिस कारण वहाँ कृषि कार्य पूरी तरह असंभव है और केवल कांटेदार झाड़ियाँ ही उगती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, संरक्षित क्षेत्रों और राष्ट्रीय उद्यानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान 'दुधवा राष्ट्रीय उद्यान' (Dudhwa National Park) लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों की सीमा पर फैला हुआ है, जिसे 1977 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था और 1987-88 में इसे 'प्रोजेक्ट टाइगर' के तहत शामिल किया गया।
2. 'पीलीभीत टाइगर रिजर्व' (Pilibhet Tiger Reserve) को वर्ष 2020 में वैश्विक पुरस्कार 'TX2' से सम्मानित किया गया था, क्योंकि इस अभयारण्य ने पिछले कुछ वर्षों में बाघों की संख्या को दोगुना कर दिया था।
3. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित 'बखिरा पक्षी विहार' (Bakhira Bird Sanctuary) राज्य का सबसे बड़ा प्राकृतिक आर्द्रभूमि (Wetland) पक्षी विहार है, जिसे रामसर साइट (Ramsar Site) के रूप में भी मान्यता प्राप्त है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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