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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के समकालीन बहुआयामी सिद्धांतों' के संदर्भ में, रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि का त्रितंत्र सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के अंतर्गत वर्णित तीन प्रमुख उप-सिद्धांतों—'घटकाय या विश्लेषणात्मक बुद्धि' (Componential/Analytical Intelligence), 'अनुभवी या सृजनात्मक बुद्धि' (Experiential/Creative Intelligence), और 'व्यावहारिक या प्रासंगिक बुद्धि' (Contextual/Practical Intelligence)—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप, तथा जॉन कैरोल (John Carroll) और रेमंड कैटल (Raymond Cattell) द्वारा प्रतिपादित 'तरल और ठोस बुद्धि सिद्धांत' (Fluid and Crystallized Intelligence Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक समस्या-समाधान आधारित समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विभेदित मूल्यांकन (Differentiated Assessment) और विद्यार्थियों में वास्तविक जीवन की चुनौतियों से निपटने की क्षमताओं के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

रॉबर्ट स्टर्नबर्ग का 'बुद्धि का त्रितंत्र सिद्धांत' बुद्धि को सूचना प्रक्रमण (Information Processing) के तीन पहलुओं—विश्लेषणात्मक, सृजनात्मक (अनुभवी) और व्यावहारिक—के रूप में देखता है। वहीं, रेमंड कैटल का 'तरल और ठोस बुद्धि सिद्धांत' जन्मजात तर्क शक्ति (Fluid Intelligence) और सांस्कृतिक रूप से अर्जित ज्ञान/कौशलों (Crystallized Intelligence) के बीच अंतर करता है। स्टर्नबर्ग का विश्लेषणात्मक घटक कैटल के संचित ज्ञान (ठोस बुद्धि) से और अनुभवी घटक नवीन परिस्थितियों से निपटने की क्षमता (तरल बुद्धि) से निकटता से जुड़ा हुआ है। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में इन सिद्धांतों का समेकित उपयोग शिक्षकों को विविध शिक्षण शैलियों और विभेदित मूल्यांकन (Differentiated Assessment) की योजना बनाने में सहायता करता है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण' (Memory and Forgetting) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक विलियम जेम्स (William James) द्वारा प्रतिपादित अवधारणा के अनुसार, हमारे मस्तिष्क में दो मुख्य प्रकार की स्मृतियाँ पाई जाती हैं—'प्राथमिक स्मृति' (Primary Memory) और 'द्वितीयक स्मृति' (Secondary Memory)। इसी वर्गीकरण को आगे बढ़ाते हुए आधुनिक संज्ञानात्मक मनोविज्ञान में रिचर्ड एटकिंसन (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ़्रिन (Richard Shiffrin) द्वारा प्रस्तुत 'सूचना प्रक्रमण मॉडल' (Information Processing Model) में प्राथमिक स्मृति को निम्नलिखित में से किस आधुनिक शब्दावली और उसके मुख्य कार्य के रूप में सबसे सटीक रूप से परिभाषित किया गया है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Inferior Frontal Gyrus) और 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC) के बीच अहंकेन्द्रिता (Egocentrism), संरक्षण का अभाव और प्रतीकात्मक विचार की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'निजी भाषण और सामाजिक-सांस्कृतिक मध्यस्थता' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, खेल-आधारित अन्वेषण शिक्षाशास्त्र (Play-Based Exploration Pedagogy) और विद्यार्थियों में विकेंद्रीकरण, भाषा विकास व समग्र सामाजिक-संज्ञानात्मक परिपक्वता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, जॉर्ज स्टिचवेल (George Still) और रसेल बार्कले (Russell Barkley) द्वारा प्रतिपादित 'कार्यकारी कार्य मॉडल' (Executive Function Model of ADHD) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'बेसल गैन्ग्लिया' (Basal Ganglia), और 'सेरेबेलम' (Cerebellum) के बीच अवरोध नियंत्रण (Inhibitory Control), कार्यशील स्मृति (Working Memory) और स्व-नियमन (Self-Regulation) की सक्रियण गतिकी, तथा पॉल लिंडन (Paul Linden) और सहकर्मियों के 'दोषपूर्ण डोपापिनर्जिक न्यूरोट्रांसमिशन' (Dysfunctional Dopaminergic Neurotransmission) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, संज्ञानात्मक-व्यवहार संबंधी रणनीतियों (Cognitive-Behavioral Strategies) और विद्यार्थियों में आवेग नियंत्रण व शैक्षणिक संलग्नता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? बच्चों के भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के अनुसार भाषा और विचार शुरुआत में जीवन के शुरुआती वर्षों में दो स्वतंत्र और अलग स्रोतों से उत्पन्न होते हैं, लेकिन लगभग दो वर्ष की आयु के बाद वे आपस में मिलकर 'मौखिक सोच' (Verbal Thought) का निर्माण करते हैं। 2. जीन पियाजे (Jean Piaget) के अनुसार भाषा का विकास मुख्य रूप से संज्ञानात्मक विकास का परिणाम है और बच्चों में देखा जाने वाला 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) उनकी संज्ञानात्मक अपरिपक्वता को दर्शाता है, जो आयु बढ़ने के साथ स्वतः लुप्त हो जाता है। 3. नोम चोमस्की (Noam Chomsky) के 'भाषा अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device - LAD) सिद्धांत के अनुसार, बच्चों में भाषा सीखने की क्षमता पूरी तरह से उनके सामाजिक परिवेश और वयस्कों के साथ की गई अनुदेशात्मक अंतःक्रिया पर निर्भर करती है, न कि किसी जन्मजात जैविक संरचना पर। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण के समकालीन मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक और रॉबर्ट वुडवर्थ द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के अंतर्गत पूर्व-अधिगम और नवीन अधिगम के बीच समान साक्ष्यों, संवेदी-प्रेरक आदतों और विषय-वस्तु के संचरण के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत विभिन्न स्वतंत्र बौद्धिक क्षमताओं (जैसे- स्थानिक, भाषाई, शारीरिक-गतिसंवेदी आदि) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक बहु-विषयक कक्षा-कक्ष शिक्षण, संज्ञानात्मक लचीलेपन और विद्यार्थियों में अधिगम अंतरण (Transfer of Learning) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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