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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Inferior Frontal Gyrus) और 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC) के बीच अहंकेन्द्रिता (Egocentrism), संरक्षण का अभाव और प्रतीकात्मक विचार की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'निजी भाषण और सामाजिक-सांस्कृतिक मध्यस्थता' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, खेल-आधारित अन्वेषण शिक्षाशास्त्र (Play-Based Exploration Pedagogy) और विद्यार्थियों में विकेंद्रीकरण, भाषा विकास व समग्र सामाजिक-संज्ञानात्मक परिपक्वता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार, पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (लगभग 2 से 7 वर्ष) में बच्चे अहंकेन्द्रिता (दूसरों के दृष्टिकोण को न समझ पाना), संरक्षण की कमी और जीववाद (Animism) से ग्रसित होते हैं। न्यूरो-संज्ञानात्मक रूप से, इस समय प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स और कार्यकारी नियंत्रण नेटवर्क पूरी तरह परिपक्व नहीं होते हैं। लेव वायगोत्स्की के 'निजी भाषण' (Private Speech) के साथ इसका समन्वय करते हुए, शिक्षक खेल-आधारित और सहयोगात्मक शिक्षाशास्त्र का उपयोग करके बच्चों में संज्ञानात्मक विकेंद्रीकरण और भाषा विकास को बढ़ावा दे सकते हैं।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण' (Memory and Forgetting) के संदर्भ में, जर्मन मनोवैज्ञानिक हरमन एबिंगहॉस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के अनुसार, अधिगम के तुरंत बाद शुरुआती घंटों में भूलने की दर सबसे तीव्र होती है, और उसके बाद यह वक्र सपाट होने लगता है। एबिंगहॉस के इस वक्र को गणितीय रूप से किस समीकरण या फलन (Function) के सबसे निकट दर्शाया जाता है?
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भारतीय शिक्षा आयोग (हंटर आयोग, 1882) और लार्ड कर्जन के शैक्षिक सुधारों तथा प्राथमिक शिक्षा के विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हंटर आयोग (1882) ने प्राथमिक शिक्षा के प्रसार और सुधार की जिम्मेदारी मुख्य रूप से नवनिर्मित स्थानीय निकायों (District Boards और Municipalities) को सौंपने की संस्तुति की थी, तथा प्राथमिक शिक्षा स्थानीय भाषाओं (Vernacular Languages) के माध्यम से दिए जाने पर विशेष बल दिया था।
2. लॉर्ड कर्जन ने अपने कार्यकाल के दौरान वर्ष 1904 में 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम' (Indian Universities Act) पारित किया, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को कड़ा करना, सीनेट के आकार को सीमित करना और उच्च शिक्षा में उच्च कोटि के अनुसंधान (Research) को बढ़ावा देना था।
3. वर्ष 1929 में स्थापित 'हार्टोग समिति' (Hartog Committee) ने भारत में प्राथमिक शिक्षा के अत्यधिक अपव्यय (Wastefulness) और ठहराव (Stagnation) की समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी और यह सुझाव दिया था कि प्राथमिक शिक्षा का विस्तार जल्दबाजी में करने के बजाय इसके गुणात्मक सुधार और समेकन (Consolidation) पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'मूल्यांकन और मापन' (Evaluation and Measurement) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, बेंजामिन ब्लूम (Benjamin Bloom) द्वारा प्रतिपादित 'शैक्षिक उद्देश्यों के वर्गीकरण' (Bloom's Taxonomy: ज्ञान, बोध, अनुप्रयोग, विश्लेषण, संश्लेषण और मूल्यांकन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'एंटिओर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच संज्ञानात्मक जटिलता का श्रेणीकरण, त्रुटि संसूचन (Error Detection), और उच्च-स्तरीय कार्यकारी नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा नॉर्मन ग्रोनलुंड (Norman Gronlund) के 'रचनात्मक और योगात्मक मूल्यांकन मॉडल' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मूल्यांकन ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Assessment Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) व समग्र संज्ञानात्मक-संवेगात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन के अंतर्गत 'तराई क्षेत्र' (Tarai Region) की विशेषताओं और उसकी पारिस्थितिक स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. तराई क्षेत्र भाबर पेटी के ठीक दक्षिण में स्थित एक संकीर्ण और नम (Marshy) पट्टी है, जहाँ महीन जलोढ़ (कंकड़-पत्थर के स्थान पर महीन सिल्ट और चिकनी मिट्टी) का निक्षेप होता है और भाबर क्षेत्र में विलुप्त हुई छोटी नदियाँ पुनः धरातल पर प्रकट होकर दलदली भूमि का निर्माण करती हैं।
2. इस क्षेत्र की जलवायु अत्यधिक नम, उष्ण और स्वास्थ्य के लिए अपेक्षाकृत कम अनुकूल मानी जाती थी, किंतु भूमि सुधार और वनों की कटाई के कारण अब इस क्षेत्र में गन्ने, धान और जूट की बंपर कृषि की जाती है।
3. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में प्राकृतिक वनस्पतियों के अंतर्गत लंबे हाथी घास (Elephant Grass) और घने जंगल पाए जाते हैं, और यह क्षेत्र दुधवा राष्ट्रीय उद्यान (लखीमपुर खीरी) जैसे महत्वपूर्ण वन्यजीव संरक्षण क्षेत्रों का हिस्सा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक, राजनीतिक और विधायी ढाँचे (Administrative & Legislative Framework) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश विधान परिषद (Uttar Pradesh Legislative Council) राज्य का उच्च सदन है, जिसमें कुल सदस्यों की संख्या 100 है और यह एक स्थायी निकाय है जिसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष पश्चात सेवानिवृत्त होते हैं।
2. उत्तर प्रदेश में पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम वर्ष 1947 में पारित किया गया था, जिसके अंतर्गत राज्य में त्रि-स्तरीय पंचायत प्रणाली (ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत) की स्थापना की गई है।
3. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के कुल 8 जिले शामिल हैं, जिनमें गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर और शामली आते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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