त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के समकालीन और सूचना प्रक्रमण सिद्धांतों' के संदर्भ में, रॉबर्ट स्टर्नबर्ग और उनके सहयोगियों द्वारा विकसित 'संज्ञानात्मक घटक विश्लेषण' (Cognitive Component Analysis) के अंतर्गत 'मेटाकंपोनेंट्स' (Metacomponents - उच्च-स्तरीय कार्यकारी योजना और नियंत्रण प्रक्रियाएं), 'प्रदर्शन घटक' (Performance Components - रणनीतियों का निष्पादन), और 'ज्ञान-प्राप्ति घटक' (Knowledge-Acquisition Components - नई जानकारी सीखने की प्रक्रिया) के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा आर्थर जेन्सेन (Arthur Jensen) के बुद्धि के पदानुक्रमित मॉडल के अंतर्गत 'लेवल-I (सहयोगी अधिगम और याददाश्त)' और 'लेवल-II (संज्ञानात्मक, वैचारिक और समस्या-समाधान)' योग्यताओं के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान आधारित उपागमों और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम चिंतन कौशल (HOTS) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
रॉबर्ट स्टर्नबर्ग के 'संज्ञानात्मक घटक विश्लेषण' में 'मेटाकंपोनेंट्स' (Metacomponents) वे कार्यकारी प्रक्रियाएं हैं जो किसी समस्या को परिभाषित करने, उसके समाधान की योजना बनाने, रणनीति चुनने और उसकी प्रगति की निगरानी करने का कार्य करती हैं। वहीं, आर्थर जेन्सेन (Arthur Jensen) ने बुद्धि को दो स्तरों में बांटा: 'लेवल-I' (जो associative learning, जैसे याददाश्त, रटने और अनुबंधन से संबंधित है) और 'लेवल-II' (जो cognitive-conceptual abilities, यानी अमूर्त तर्क, वैचारिक समझ और जटिल समस्या-समाधान से संबंधित है)। आधुनिक समावेशी शिक्षा और उच्च-क्रम चिंतन कौशल (HOTS) के विकास के लिए मेटाकंपोनेंट्स और लेवल-II योग्यताएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। अतः विकल्प (b) सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, वाइगोत्स्की द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान' (Scaffolding) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC - कार्यकारी नियंत्रण और संज्ञानात्मक योजना), 'टेम्पोरो-पैरिएटल जंक्शन' (TPJ - सामाजिक संज्ञान और दूसरों के दृष्टिकोण को समझना), तथा 'ब्रोका और वर्निक क्षेत्र' (Broca's & Wernicke's Areas - सामाजिक भाषा और मध्यस्थ वाक्/Private Speech का प्रसंस्करण) के बीच सहयोगात्मक न्यूरोनल सिंक्रनाइजेशन, इंटर-ब्रेन कपलिंग (Inter-brain Coupling), और व्हाइट मैटर ट्रैक्ट्स (जैसे सुपीरियर लोंगिट्यूडल फेसिकुलस) के सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर के 'स्कैफोल्डिंग' अवधारणा के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-वाइगोत्स्कियन ऑप्टिमाइज्ड सोशियो-कॉग्निटिव पेडागोजी' (Neuro-Vygotskian Optimized Socio-Cognitive Pedagogy) और विद्यार्थियों में सहयोगात्मक समस्या-समाधान, स्वनिर्देशित अधिगम व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश के लोक संगीत एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सी गायन शैली मूल रूप से उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र से संबंधित है, जो प्रायः वर्षा ऋतु में कजरी के साथ गाई जाती है और जिसमें विरह एवं शृंगार रस की प्रधानता होती है?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विभाजन, जलवायु और मृदा प्रकारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा, उच्च आर्द्रता और सघन वनों के कारण दलदली भूमि पाई जाती है, जहाँ मुख्य रूप से धान और गन्ने की बंपर पैदावार होती है, तथा यहाँ मैदानी भागों की तुलना में जैव विविधता अधिक समृद्ध होती है।
2. 'भाभर' क्षेत्र शिवालिक पहाड़ियों के ठीक दक्षिण में स्थित कंकड़, पत्थर और मोटे बालू युक्त एक संकीर्ण पट्टी है, जहाँ नदियाँ धरातल पर प्रकट होकर मद्धम गति से बहती हैं और बड़े पैमाने पर कृषि कार्य किए जाते हैं।
3. राज्य के दक्षिणी पठारी भाग (बुंदेलखंड क्षेत्र) की मुख्य नदियाँ जैसे चंबल, बेतवा और केन हैं, जो उत्तर की ओर बहकर यमुना में मिलती हैं और इस प्रक्रिया में क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बीहड़ (Ravines) और मृदा अपरदन का निर्माण करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास और जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC) और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच संरक्षण (Conservation), वर्गीकरण (Classification) और उत्क्रमणीयता (Reversibility) की सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक प्रतिनिधित्व के तीन तरीकों' (Enactive, Iconic, and Symbolic Representations) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, गतिविधि-आधारित शिक्षाशास्त्र (Activity-based Pedagogy) और विद्यार्थियों में मूर्त अनुभवों से अमूर्त चिंतन की ओर संक्रमण, तार्किक संक्रियाओं व समस्या-समाधान कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता' (Creativity) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना' (Structure of Intellect - SOI) मॉडल और सृजनात्मक चिंतन के विश्लेषण के अंतर्गत, 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) की प्रक्रिया में निम्नलिखित में से किस मुख्य बौद्धिक आयाम या योग्यता को सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.