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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के प्रेरक और आवश्यकता आधारित सिद्धांतों' के संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'मानवीय आवश्यकताओं के पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत 'कमी की आवश्यकताएं' (Deficiency Needs जैसे शारीरिक और सुरक्षा आवश्यकताएं) और 'विकास की आवश्यकताएं' (Growth Needs जैसे आत्म-सिद्धि) के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा डेविड मैकक्लेलैंड (David McClelland) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता सिद्धांत' (Need Theory) के अंतर्गत 'उपलब्धि की आवश्यकता' (Need for Achievement - nAch), 'संबद्धता की आवश्यकता' (Need for Affiliation - nAff), और 'सत्ता की आवश्यकता' (Need for Power - nPow) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, आंतरिक अभिप्रेरणा (Intrinsic Motivation) के संवर्धन और विद्यार्थियों में सकारात्मक स्व-सम्मान के विकास में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (b) है। अब्राहम मास्लो के 'मानवीय आवश्यकताओं के पदानुक्रम सिद्धांत' के अनुसार, निचली स्तर की 'कमी की आवश्यकताएं' (Deficiency Needs या D-Needs) जैसे शारीरिक आवश्यकताएं और सुरक्षा आवश्यकताएं जब तक पूरी नहीं होतीं, तब तक व्यक्ति उच्च स्तर की आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाता। डेविड मैकक्लेलैंड के 'आवश्यकता सिद्धांत' के अंतर्गत 'उपलब्धि की आवश्यकता' (nAch), विद्यार्थियों में उत्कृष्टता प्राप्त करने और चुनौतियों का सामना करने की आंतरिक प्रेरणा से जुड़ी है। आधुनिक समावेशी प्राथमिक शिक्षा में, जब शिक्षक बच्चों को सुरक्षित, स्वीकृत और सम्मानित महसूस कराते हैं (मास्लो का निचला स्तर), तभी वे अपनी पूरी बौद्धिक क्षमता का उपयोग करते हुए उपलब्धि की भावना (मैकक्लेलैंड) का विकास कर सकते हैं। अतः दोनों सिद्धांतों का पारस्परिक अंतर्संबंध विद्यार्थियों में आंतरिक अभिप्रेरणा और सकारात्मक अधिगम वातावरण के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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