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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के मनोविश्लेषणात्मक और संरचनात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) द्वारा प्रतिपादित 'व्यक्तित्व की संरचना' (Structure of Personality) के अंतर्गत 'इदम' (Id), 'अहम' (Ego), और 'पराअहम' (Superego) के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' एवं 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच संघर्ष, तथा कार्ल जुंग (Carl Jung) द्वारा प्रतिपादित 'विश्लेषणात्मक मनोविज्ञान' (Analytical Psychology) के अंतर्गत 'सामूहिक अचेतन' (Collective Unconscious) और 'आदिप्ररूप' (Archetypes - जैसे 'परसोना' और 'शैडो') के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, रक्षा युक्तियों (Defense Mechanisms) के मनोवैज्ञानिक प्रबंधन और विद्यार्थियों में संतुलित व नैतिक व्यक्तित्व के विकास में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सिगमंड फ्रायड के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत के अनुसार, 'इदम' (Id) अचेतन मन का वह हिस्सा है जो तात्कालिक संतुष्टि (Pleasure Principle) चाहता है और इसका तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक आधार आवेगों को नियंत्रित करने वाले 'लिम्बिक सिस्टम' से जुड़ा है। वहीं, कार्ल जुंग के 'विश्लेषणात्मक मनोविज्ञान' में 'सामूहिक अचेतन' (Collective Unconscious) और 'आदिप्ररूप' (Archetypes) उन आनुवंशिक रूप से साझा अनुभवों को दर्शाते हैं जो मानव जाति की विकासवादी विरासत हैं। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में विद्यार्थियों के संवेगात्मक ज्वार, व्यवहारिक समायोजन और नैतिक विकास को समझने के लिए इन सिद्धांतों का गहरा निहितार्थ है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और डिस्केलकुलिया (Dyscalculia - गणितीय वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, ब्रायन बटरवर्थ (Brian Butterworth) द्वारा प्रतिपादित 'कोर नंबर हाइपोथेसिस' (Core Number Hypothesis) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'इंट्रापैरिएटल सल्カス' (Intraparietal Sulcus - IPS) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच संख्यात्मक परिमाण प्रसंस्करण (Numerical Magnitude Processing), स्थानिक-अंक मानचित्रण और कार्यशील स्मृति की सक्रियण विसंगति, तथा स्टैनिस्लास दहाने (Stanislas Dehaene) द्वारा प्रतिपादित 'ट्रिपल कोड मॉडल' (Visual, Auditory Verbal, and Magnitude Codes) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मल्टीसेंसरी न्यूमेरेसी शिक्षाशास्त्र (Multisensory Numeracy Pedagogy) और विद्यार्थियों में गणितीय प्रवाह, तार्किक संख्या बोध व समग्र संख्यात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा विकास और विचार' के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सिद्धांतों के तुलनात्मक अध्ययन के अंतर्गत, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'अहम केंद्रित भाषण' (Egocentric Speech) तथा वायगोत्स्की द्वारा प्रतिपादित 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) और 'सामाजिक भाषण' (Social Speech) के मनोवैज्ञानिक स्वरूप तथा उनके विकासात्मक क्रम के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और दर्शन के संदर्भ में, 'वैशेषिक दर्शन' और उसके प्रणेता महर्षि कणाद द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वैशेषिक दर्शन के प्रवर्तक महर्षि कणाद (उलूक) हैं, और यह एक भौतिकवादी एवं pluralistic (बहुवादी) दर्शन है जो इस ब्रह्मांड की रचना 'परमाणुवाद' (Atomic Theory) के सिद्धांत पर आधारित मानता है।
2. इस दर्शन के अनुसार, संपूर्ण भौतिक जगत अदृश्य और अविभाज्य 'परमाणुओं' से मिलकर बना है, और पृथ्वी, जल, तेज (अग्नि) तथा वायु- इन चार द्रव्यों के परमाणु नित्य होते हैं, जबकि आकाश को परमाणु नहीं बल्कि एक अमूर्त विभु द्रव्य माना गया है।
3. वैशेषिक दर्शन न्याय दर्शन के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है (इसे न्याय-वैशेषिक युग्म भी कहा जाता है), और यह मोक्ष प्राप्ति के लिए 'पदार्थों के तत्वज्ञान' (षड्धर्मों या छह श्रेणियों- द्रव्य, गुण, कर्म, सामान्य, विशेष और समवाय का ज्ञान) को आवश्यक मानता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन तथा इसकी जलवायु एवं मिट्टियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'भाट' (Bhat) मृदाएँ यहाँ की प्रमुख विशेष स्थानीय मिट्टियाँ हैं, जिसमें 'मार' मृदा मुख्य रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र की एक चिकनी, काले रंग की अत्यधिक उपजाऊ उपजाऊ मृदा है जो नमी पाकर बहुत चिपचिपी हो जाती है।
2. उत्तर प्रदेश में ग्रीष्म ऋतु के दौरान पश्चिम से पूर्व की ओर चलने वाली अत्यधिक गर्म, शुष्क और धूल भरी हवाओं को 'लू' कहा जाता है, और इस राज्य में सबसे अधिक तापमान वाला जिला आगरा और झाँसी क्षेत्र माना जाता है।
3. उत्तर प्रदेश के गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में पाई जाने वाली नवीन जलोढ़ मृदा को 'खादर' कहा जाता है, जिसमें पोटेशियम और चूने की प्रचुरता होती है, और यह मृदा प्रतिवर्ष बाढ़ के पानी द्वारा नवीकृत होने के कारण कृषि के लिए अत्यधिक उपजाऊ होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता और समस्या समाधान' (Creativity and Problem Solving) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: फ्लूएंसी, फ्लेक्सिबिलिटी, ओरिजिनलिटी) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'एक्जीक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (Executive Control Network), और 'सेलियन्स नेटवर्क' (Salience Network) के बीच संज्ञानात्मक लचीलेपन, मस्तिष्क के दोनों गोलार्द्धों के बीच अंतर्गोलार्द्धीय संचार (Interhemispheric Communication), और अनियोजित अंतर्दृष्टि (Unplanned Insight) की सक्रियण गतिकी, तथा ग्राहम वालेस के 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण' (तैयारी, उद्भवन, प्रबुद्धता, और सत्यापन) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रेएटीविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक विचारों के सृजन, मुक्त-अंत वाले प्रश्नों (Open-ended Questions) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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