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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के सामाजिक-सांस्कृतिक और निर्मितिवादी सिद्धांतों' के संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'एक्सेक्यूटीव नेटवर्क' (Executive Network) और 'लैंग्वेज नेटवर्क' की सहयोगात्मक सक्रियण प्रक्रिया, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'मचान या पाड़' (Scaffolding) की अवधारणा के अंतर्गत 'अस्थायी सहायता और क्रमिक विलोपन' (Fading) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक स्वायत्तता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लेव वाइगोत्स्की का 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (ZPD) वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच का अंतर है, जिसे वयस्क या अधिक सक्षम साथी (More Knowledgeable Other - MKO) के मार्गदर्शन से प्राप्त किया जाता है। जेरोम ब्रूनर द्वारा दी गई 'मचान' (Scaffolding) की अवधारणा इसी ZPD के भीतर शिक्षार्थी को दी जाने वाली वह अस्थायी सहायता है जिसे कार्य में प्रवीणता बढ़ने के साथ-साथ धीरे-धीरे हटा (Fading) लिया जाता है। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, यह प्रक्रिया मस्तिष्क के 'एक्सेक्यूटीव नेटवर्क' और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' को उत्तेजित करती है, जिससे शिक्षार्थी में उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक लचीलापन, समस्या-समाधान क्षमता और स्व-नियमन (Self-Regulation) का विकास होता है। अतः विकल्प (b) इस संदर्भ में सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा विकास और पियाजे बनाम वाइगोत्स्की के दृष्टिकोण' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'अहम केंद्रित भाषा' (Egocentric Speech) तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), 'वर्निक क्षेत्र' (Wernicke's Area) और 'डॉसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) के बीच भाषा के आंतरिककरण, स्व-नियमन (Self-Regulation) और संज्ञानात्मक विकेन्द्रीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा अLuria (A.R. Luria) के 'भाषा के नियामक कार्यों' (Regulative Functions of Speech) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सोशियो-कॉग्निटिव स्केफोल्डिंग पेडागोजी (Socio-Cognitive Scaffolding Pedagogy) और विद्यार्थियों में संवादात्मक दक्षता, कार्यकारी नियंत्रण व समग्र भाषा-मध्यस्थता वाले विचार के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'संधि' और 'समास' की अवधारणाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संधि का शाब्दिक अर्थ 'मेल' या 'जोड़' होता है, जिसके अंतर्गत दो वर्णों (धवनियों) का परस्पर मेल होता है, जबकि समास का तात्पर्य दो या दो से अधिक शब्दों का परस्पर मिलकर एक नया संक्षिप्त शब्द बनाने की प्रक्रिया से है।
2. 'दिग्गज' शब्द में व्यंजन संधि है (दिक + गज), जिसके नियम के अनुसार यदि किसी वर्ग के पहले वर्ण (क्, च्, ट्, त्, प्) के बाद कोई स्वर या किसी वर्ग का तीसरा/चौथा वर्ण अथवा अंतःस्थ व्यंजन (य्, र्, ल्, व्) आए, तो पहला वर्ण अपने ही वर्ग के तीसरे वर्ण में बदल जाता है।
3. 'चंद्रशेखर' (चंद्र है शिखर पर जिसके अर्थात् शिव) शब्द में कर्मधारय समास है, क्योंकि इसमें पूर्व पद और उत्तर पद दोनों की प्रधानता समान होती है और यह किसी तीसरे विशेष अर्थ को प्रकट नहीं करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा' (Motivation) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकताओं का पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत, निम्नलिखित में से कौन सी आवश्यकता मास्लो के पदानुक्रम में सबसे उच्चतम (शीर्ष) स्तर का प्रतिनिधित्व करती है और व्यक्ति के पूर्ण विकास (Self-Actualization) के बाद उसकी आंतरिक संतुष्टि से जुड़ी होती है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के गेस्टाल्टवादी सिद्धांत' (Gestalt Theory of Learning) के संदर्भ में, मैक्स वर्दइमर (Max Wertheimer), वोल्फगांग कोहलर (Wolfgang Köhler), और कुर्त कोफ्का (Kurt Koffka) द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के अंतर्गत 'सम्पूर्णता का नियम' (Law of Good Gestalt), 'अकास्मिक समाधान' (Aha! Experience), और 'संज्ञानात्मक पुनर्रचना' (Cognitive Restructuring) के वैज्ञानिक स्वरूप तथा एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के साथ उनके तुलनात्मक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में बाल विकास एवं शिक्षण विधि के अंतर्गत, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत की किस अवस्था में व्यक्ति पारंपरिक नैतिकता से उत्तर-पारंपरिक नैतिकता की ओर संक्रमण करता है, जहाँ वह समाज के नियमों को निरपेक्ष मानने के बजाय सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकारों को अधिक प्राथमिकता देता है?
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