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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमताओं और विकासात्मक विकारों के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक आकलन' के संदर्भ में, 'पठन वैकल्य' (Dyslexia) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'बाएं गोलार्ध के पश्च-टेम्पोरल और ऑक्सीपिटो-टेम्पोरल कॉर्टेक्स' (Left Temporo-Parietal and Occipito-Temporal Cortex) की दृश्य-शब्द रूप पहचान (Visual Word Form Recognition) और ध्वन्यात्मक प्रसंस्करण (Phonological Processing) विफलता की प्रक्रिया, तथा शेलविरा (Sally Shaywitz) द्वारा प्रतिपादित 'डिस्लेक्सिया के न्यूरोबायोलॉजिकल मॉडल' के अंतर्गत 'ध्वन्यात्मक मार्ग' और 'दृश्य मार्ग' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बहुसंवेदी ऑर्टन-गिर्लिंगहैम (Orton-Gillingham) पद्धति के अनुकूलित अनुप्रयोग और विद्यार्थियों में पठन दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
पठन वैकल्य (Dyslexia) एक विशिष्ट पठन विकार है जो मुख्य रूप से मस्तिष्क के बाएं गोलार्ध के टेम्पोरो-पैरिटल और ऑक्सीपिटो-टेम्पोरल क्षेत्रों में ध्वन्यात्मक प्रसंस्करण (Phonological Processing) और दृश्य-शब्द रूप पहचान की विफलता के कारण होता है। सैली शैलेविरा (Sally Shaywitz) के न्यूरोबायोलॉजिकल मॉडल के अनुसार, इन बच्चों में तंत्रिकाकीय मार्ग बाधित होते हैं। इसके निवारण के लिए 'ऑर्टन-गिर्लिंगहैम' जैसी बहुसंवेदी शिक्षण पद्धतियों का उपयोग किया जाता है जो ध्वनियों (Phonemes) को दृश्य और स्पर्श अनुभवों के साथ जोड़कर पठन दक्षता का संवर्धन करती हैं।
Related Questions
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प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण में 'अनुभव आधारित अधिगम' (Experiential Learning) के उपागम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अनुभव आधारित अधिगम विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक अवधारणाओं को रटने के बजाय प्रत्यक्ष अनुभवों, वास्तविक जीवन की परिस्थितियों और पर्यावरण के साथ अंतःक्रिया के माध्यम से ज्ञान का निर्माण करने का अवसर प्रदान करता है।
2. इस उपागम के अंतर्गत 'कोल की अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Kolb's Experiential Learning Cycle) में ठोस अनुभव (Concrete Experience), चिंतनशील अवलोकन (Reflective Observation), अमूर्त अवधारणा (Abstract Conceptualization) और सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation) जैसे चरण क्रमिक रूप से शामिल होते हैं।
3. पर्यावरण अध्ययन की पाठ्यचर्या में क्षेत्रीय भ्रमण (Field Trips) और सामुदायिक सर्वेक्षण (Community Surveys) को केवल मनोरंजक गतिविधियों के रूप में देखा जाना चाहिए, जिनका मूल्यांकन विद्यार्थियों के अधिगम परिणामों से कोई सीधा संबंध नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में निम्नलिखित में से कितनी भाषाओं को मान्यता दी गई है?
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उत्तर प्रदेश की परिवहन, राजमार्गों और एक्सप्रेसवे संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा निर्मित 'पूर्वांचल एक्सप्रेसवे' की कुल लंबाई लगभग 341 किलोमीटर है, जो लखनऊ जिले से शुरू होकर गाजीपुर जिले तक जाती है और इसे बिहार सीमा तक विस्तारित करने की योजना है।
2. 'बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे' की कुल लंबाई लगभग 296 किलोमीटर है, जो चित्रकूट जिले से शुरू होकर इटावा जिले के कुदrail के पास आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से मिलती है और यह उत्तर प्रदेश के 7 जिलों से होकर गुजरती है।
3. 'गंगा एक्सप्रेसवे' उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 594 किलोमीटर है और यह मेरठ जिले से शुरू होकर प्रयागराज जिले तक कुल 12 जिलों को जोड़ता है।
4. उत्तर प्रदेश से गुजरने वाला 'राष्ट्रीय राजमार्ग 19' (NH-19), जिसे पहले NH-2 कहा जाता था, दिल्ली से कोलकाता को जोड़ता है और यह राज्य के आगरा, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों से होकर गुजरता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के संदर्भ में, वर्ष 1994 में आयोजित यूनेस्को (UNESCO) के 'सलामानका स्टेटमेंट और फ्रेमवर्क फॉर एक्शन' (Salamanca Statement and Framework for Action) के मुख्य वैचारिक आधार और दिशा-निर्देशों के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सा मूलभूत सिद्धांत समावेशी शिक्षा की दार्शनिक और व्यावहारिक नींव को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
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बाल विकास के संदर्भ में 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वन या मचान' (Scaffolding) की अवधारणाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लेव वाइगोत्स्की के अनुसार, ZPD वास्तविक विकास स्तर (जो स्वतंत्र रूप से समस्या समाधान द्वारा निर्धारित होता है) और संभावित विकास स्तर (जो किसी वयस्क या अधिक सक्षम साथी के मार्गदर्शन में प्राप्त किया जा सकता है) के बीच का अंतर है।
2. 'चान्त्वन' (Scaffolding) वह प्रक्रिया है जिसके तहत किसी वयस्क या शिक्षक द्वारा बच्चे को सीखने की प्रक्रिया के प्रारंभिक चरणों में अस्थायी और अनुकूलित सहायता प्रदान की जाती है, जिसे बच्चे की क्षमता में सुधार होने के साथ धीरे-धीरे कम (विड्रॉ) कर दिया जाता है।
3. जीन पियाजे ने अपने संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में इन दोनों अवधारणाओं (ZPD और Scaffolding) को केंद्रीय स्थान दिया है और यह प्रतिपादित किया है कि बच्चे अपने ज्ञान का निर्माण सामाजिक अंतःक्रिया के बिना केवल अपनी स्वतंत्र खोज के माध्यम से करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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