BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
15 views

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम पठार (Plateau of Learning) और मानसिक थकान के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, आर्थर गेट्स (Arthur Gates) और रटलेज बुचलेस द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम पठार के न्यूरो-बायोलॉजिकल कारकों' के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex) और 'रेटिकुलर एक्टिवेटिंग सिस्टम' (RAS) के बीच संज्ञानात्मक संतृप्ति (Cognitive Saturation), सिनैप्टिक थकान और प्रेरणा ह्रास (Loss of Motivation) की सक्रियण गतिकी, तथा लुईस थर्स्टन (L.L. Thurstone) द्वारा प्रतिपादित 'मानसिक ऊर्जा और कार्यकुशलता के नियमों' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, उपचारात्मक शिक्षण रणनीतियों (Remedial Teaching Strategies) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक अवरोधों को दूर कर पुनरुत्थान व कौशल दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

अधिगम पठार (Plateau of Learning) वह स्थिति है जहाँ सीखने की प्रक्रिया में प्रगति अस्थायी रूप से रुक जाती है। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, यह प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स और एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स में निरंतर मानसिक प्रयास के कारण उत्पन्न होने वाली संज्ञानात्मक संतृप्ति (Cognitive Saturation), सिनैप्टिक थकान और अभिप्रेरणा में कमी का परिणाम होता है। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में इस अवरोध को दूर करने के लिए अंतरालित विश्राम (Spaced Breaks), शिक्षण विधियों में विविधता और उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) का उपयोग किया जाता है।
Share:

Related Questions

→ उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन के अंतर्गत 'पूर्वी गंगा का मैदान' (Eastern Ganga Plain) और उसकी विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पूर्वी गंगा का मैदान मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के मध्य और पूर्वी जिलों (जैसे वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, बलिया, गोरखपुर आदि) में फैला हुआ है, जिसका निर्माण घाघरा, गंडक, राप्ती और गोमती जैसी नदियों के जलोढ़ निक्षेपों से हुआ है। 2. इस मैदानी क्षेत्र की ढाल अत्यधिक तीव्र होने के कारण यहाँ की नदियाँ भयंकर अपरदन करती हैं, जिससे इस पूरे क्षेत्र में पर्वतीय जैसी उबड़-खाबड़ और बंजर स्थलाकृति का निर्माण होता है। 3. इस क्षेत्र में प्राचीन जलोढ़ मृदा को 'बांगर' और नवीन जलोढ़ मृदा को 'खादर' कहा जाता है, तथा यहाँ अधिक वर्षा और सघन जल संसाधनों के कारण धान और गेहूँ की कृषि बड़े पैमाने पर की जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? → समाजीकरण की प्रक्रिया में प्राथमिक एजेंसी (Primary Agency) निम्नलिखित में से किसे माना जाता है? → उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और जैव विविधता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का प्रथम वन्यजीव विहार 'चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार' है, जिसकी स्थापना वर्ष 1957 में चंदौली जिले में की गई थी, और यह वन्यजीवों के प्राकृतिक संरक्षण के लिए स्थापित किया गया था। 2. 'हस्तिनापुर वन्यजीव विहार' उत्तर प्रदेश का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है, जो मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा और गाजियाबाद सहित कुल पांच जिलों के विस्तृत क्षेत्र में फैला हुआ है। 3. 'नवाबगंज पक्षी विहार' (वर्तमान में चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार) उत्तर प्रदेश का प्रथम पक्षी विहार है, जिसकी स्थापना वर्ष 1984 में उन्नाव जिले में की गई थी, जबकि 'बखिरा पक्षी विहार' बलिया जिले में स्थित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार, उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (GER) को 50 प्रतिशत तक पहुँचाने का लक्ष्य किस वर्ष तक रखा गया है? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता' (Creativity) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना' (Structure of Intellect - SOI) मॉडल और सृजनात्मक चिंतन के विश्लेषण के अंतर्गत, 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) की प्रक्रिया में निम्नलिखित में से किस मुख्य बौद्धिक आयाम या योग्यता को सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.