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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धिमत्ता के बहुआयामी सिद्धांतों (Multidimensional Theories of Intelligence)' के संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत 'संगीतकीय बुद्धिमत्ता' (Musical Intelligence) और 'शारीरिक-संवेदी बुद्धिमत्ता' (Bodily-Kinesthetic Intelligence) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस' (Superior Temporal Gyrus - STG), 'सेरिबेलम' (Cerebellum) और 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex) के बीच श्रवण प्रसंस्करण, लेयबद्ध एकीकरण और सूक्ष्म-पेशीय समन्वय (Fine-motor coordination) की सक्रियण गतिकी, तथा डैनियल गोलमैन (Daniel Goleman) द्वारा प्रतिपादित 'संवेगात्मक बुद्धि सिद्धांत' (Emotional Intelligence Theory: आत्म-जागरूकता, स्व-प्रबंधन, सामाजिक जागरूकता और संबंध प्रबंधन) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बहुसंवेदी कला-एकीकृत शिक्षाशास्त्र (Arts-integrated Pedagogy) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक नियमन, अंतर-वैयक्तिक समन्वय व समग्र कौशल विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हॉवर्ड गार्डनर के बहुबुद्धि सिद्धांत के अनुसार संगीतकीय और शारीरिक-संवेदी बुद्धिमत्ता का न्यूरो-संज्ञानात्मक आधार क्रमशः सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस तथा सेरिबेलम और मोटर कॉर्टेक्स से जुड़ा है। जब इन्हें डैनियल गोलमैन के संवेगात्मक बुद्धि (EI) ढांचे के साथ एकीकृत किया जाता है, तो यह आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षाओं में कला-एकीकृत शिक्षाशास्त्र (Arts-integrated Pedagogy) के माध्यम से विद्यार्थियों में संवेगात्मक नियमन, सहानुभूति, और सर्वांगीण कौशल विकास को बढ़ावा देता है। अतः विकल्प (b) पूर्णतः सत्य और सर्वाधिक उपयुक्त है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विकास के आयाम और अवस्थाएँ' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एरिक एरिक्सन (Erik Erikson) द्वारा प्रतिपादित 'मनोसामाजिक विकास का सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory: 'पहचान बनाम भूमिका भ्रम' अवस्था - Identity vs. Role Confusion) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), और 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System) के बीच आत्म-अवधारणा निर्माण, सामाजिक मूल्यांकन, और आवेग नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा जेम्स मार्सिया (James Marcia) के 'पहचान की अवस्थाएँ' (Identity Statuses: डिफ्यूजन, फोरक्लोज़र, मोरैटोरियम, और अचीवमेंट) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक माध्यमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-साइकोसोशल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Psychosocial Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में किशोरावस्था के दौरान सकारात्मक स्व-पहचान, निर्णय लेने की क्षमता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage) में बच्चों के भीतर 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह से विकसित हो जाता है, जिससे वे यह समझ जाते हैं कि किसी वस्तु के आकार या रूप में परिवर्तन करने से उसकी मात्रा या आयतन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
2. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage) के दौरान बालकों में 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की क्षमता आ जाती है, जिससे वे किसी वस्तु या समस्या को केवल एक ही आयाम के बजाय एक साथ कई दृष्टियों से देखने में सक्षम होते हैं।
3. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) लगभग 11-12 वर्ष की आयु से प्रारंभ होती है, जिसमें बालक अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-Deductive Reasoning) करने की योग्यता अर्जित कर लेते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास की अवस्थाएँ एवं संवेगात्मक विकास' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन बॉल्बी (John Bowlby) द्वारा प्रतिपादित 'संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory: सुरक्षित, असुरक्षित-अनिच्छुक, असुरक्षित-उत्पीड़ित और अव्यवस्थित संलग्नता) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'अमिकडाला' (Amygdala), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'हाइपोथैलेमस-पिट्यूटरी-एड्रेनल एक्सिस' (HPA Axis), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच तनाव प्रतिक्रिया विनियमन (Stress Response Regulation), कॉर्टिसोल स्राव नियंत्रण, और सामाजिक-संवेगात्मक बॉन्डिंग की सक्रियण गतिकी, तथा मैरी ऐंसवर्थ (Mary Ainsworth) की 'स्ट्रेंज सिचुएशन' (Strange Situation) कार्यप्रणाली के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-अटैचमेंट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Attachment Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण, संवेगात्मक स्थिरता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के शील गुण सिद्धांत' (Trait Theories of Personality) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक रेमंड कैटल (Raymond Cattell) द्वारा विकसित '16PF' (16 Personality Factor Questionnaire) तथा हंस आइजेंक (Hans Eysenck) के 'त्रि-आयामी शील गुण मॉडल' (Three-Factor Model / PEN Model: Psychoticism, Extraversion, Neuroticism) के वैज्ञानिक स्वरूप एवं उनके मापन पद्धति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण (Memory and Forgetting) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, हरमन एबिंगहॉस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'अमिग्डाला' (Amygdala) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच समेकन (Consolidation), सिनेप्स प्लास्टिसिटी (Synaptic Plasticity) और अल्पकालिक से दीर्घकालिक स्मृति में रूपांतरण की सक्रियण गतिकी, तथा रिचर्ड एटकिंसन (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard Shiffrin) द्वारा प्रतिपादित 'मल्टी-स्टोर मॉडल' (Multi-Store Model of Memory: संवेदी स्मृति, कार्यशील स्मृति और दीर्घकालिक स्मृति) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, संज्ञानात्मक शिक्षण रणनीतियों और विद्यार्थियों में सूचना प्रसंस्करण, पुनरावृत्ति (Rehearsal) व दीर्घकालिक ज्ञान संधारण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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