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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD - स्वलीनता स्पेक्ट्रम विकार)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, साइमन बैरन-कोहेन (Simon Baron-Cohen) द्वारा प्रतिपादित 'एम्पैथी-सिस्टेमाइज़िंग थ्योरी' (Empathizing-Systemizing Theory) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'मीडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (mPFC), 'सुपीरियर टेम्पोरल सुलस' (STS), और 'अमिग्डाला' (Amygdala) के बीच सामाजिक संज्ञान, मानसिकीकरण (Mentalizing), और प्रणालीबद्ध नियमों के प्रसंस्करण की सक्रियण विसंगति, तथा उता फ्रिथ (Uta Frith) और साथियों द्वारा प्रतिपादित 'थ्योरी ऑफ़ माइंड' (Theory of Mind - ToM) डेफिसिट हाइपोथेसिस के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, संरचित दृश्य शिक्षाशास्त्र (Structured Visual Pedagogy - TEACCH मॉडल) और विद्यार्थियों में सामाजिक संचार कौशल, संवेदी नियमन व समग्र अनुकूली व्यवहार के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के अनुसार, 'थ्योरी ऑफ़ माइंड' (ToM) की कमी और 'एम्पैथी-सिस्टेमाइज़िंग थ्योरी' बच्चों में दूसरों के दृष्टिकोण, भावनाओं और मानसिक अवस्था को समझने में कठिनाई उत्पन्न करती है, जिससे मस्तिष्क के सामाजिक नेटवर्क (जैसे mPFC और अमिग्डाला) प्रभावित होते हैं। आधुनिक समावेशी शिक्षा में, ऐसे विद्यार्थियों के लिए 'संरचित शिक्षण' (Structured Teaching जैसे TEACCH मॉडल), दृश्य संकेतों (Visual Supports), और पूर्वानुमानित वातावरण का उपयोग करके उनके सामाजिक संचार और संवेदी नियमन का प्रभावी संवर्धन किया जाता है।
Related Questions
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के दिशा-निर्देशों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. NCF 2005 के अनुसार प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन को एक पृथक विषय के रूप में पढ़ाने के बजाय 'परिवार और मित्र', 'आश्रय', 'जल', 'भोजन', 'यात्रा' और 'हम चीजें कैसे बनाते हैं' जैसी छह अंतर्संबंधित थीमों (Themes) के अंतर्गत एकीकृत रूप में पढ़ाया जाना चाहिए।
2. पर्यावरण अध्ययन के शिक्षण में 'रचनात्मक मूल्यांकन' (Formative Assessment) के अंतर्गत बच्चों के पोर्टफोलियो, सहपाठियों के आकलन, अवधारणा मानचित्रण (Concept Mapping) और गुणात्मक टिप्पणियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, न कि केवल योगात्मक परीक्षाओं को।
3. पर्यावरण अध्ययन की पाठ्यपुस्तकों में स्थानीय ज्ञान, पारंपरिक तकनीकों और स्वदेशी समुदायों के अनुभवों को स्थान देना आवश्यक है ताकि बच्चे अपने परिवेश से जुड़कर 'करके सीखने' (Learning by Doing) के सिद्धांत को आत्मसात कर सकें।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के पठार' (Plateaus in Learning) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक मनोवैज्ञानिकों (जैसे रॉस और अन्य) द्वारा विश्लेषित 'मानसिक थकान और प्रेरणा में कमी' के अलावा, अधिगम वक्र के दौरान उत्पन्न होने वाले 'पठार' (Plateau) की स्थिति को तोड़ने या समाप्त करने के लिए निम्नलिखित में से कौन सी सबसे प्रभावी और वैज्ञानिक शिक्षण रणनीति मानी जाती है?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और राष्ट्रीय पार्कों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान 'दुधवा राष्ट्रीय पार्क' (Dudhwa National Park) लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों की सीमा पर स्थित है, जिसे वर्ष 1977 में राष्ट्रीय पार्क का दर्जा दिया गया था और वर्ष 1987 में इसे 'प्रोजेक्ट टाइगर' के अंतर्गत शामिल किया गया था।
2. उत्तर प्रदेश का सबसे पहला और सबसे पुराना पक्षी विहार 'चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार' है, जो चंदौली जिले में स्थित है, जबकि राज्य का सबसे बड़ा पक्षी विहार 'लाख बहोसी पक्षी विहार' कन्नौज जिले में स्थित है।
3. 'नवाबगंज पक्षी विहार' (जिसका आधिकारिक नाम अब चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार कर दिया गया है) उन्नाव जिले में स्थित है, और यह उत्तर प्रदेश का ऐसा पहला पक्षी विहार है जिसकी स्थापना राज्य में सबसे पहले (1984 में) की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि जलवायु क्षेत्रों और प्रमुख खाद्यान्न फसलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कृषि और जलवायु की विभिन्नताओं के आधार पर कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जहाँ तराई क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की सबसे उपजाऊ जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) पाई जाती है।
2. बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएँ चिकनी और उपजाऊ होती हैं, जिनमें जल धारण करने की उच्च क्षमता होती है और सूखने पर उनमें चौड़ी तथा गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
3. राज्य में कुल खाद्यान्न उत्पादन के मामले में उत्तर प्रदेश का देश में प्रथम स्थान है, और यहाँ सर्वाधिक क्षेत्रफल पर बोई जाने वाली फसल गेहूँ है, जबकि कुल उत्पादन में धान का स्थान प्रथम है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं कृषि संदर्भ में, राज्य के किस जिले में 'अमरूद अनुसंधान केंद्र' (Guava Research Centre) स्थित है तथा यह जिला अपने किस विशेष प्रकार के अमरूद के लिए भौगोलिक संकेत (GI Tag) प्राप्त कर चुका है?
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