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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और डिस्ग्राफिया (Dysgraphia - लेखन वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, मारिया बोश और साथियों द्वारा प्रतिपादित 'ग्राफोटेक मोटर डेफिसिट मॉडल' (Graphomotor Deficit Model) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'सुपीरियर पैराइटल लोब्यूल' (Superior Parietal Lobule), 'प्रेमोटर कॉर्टेक्स' (Premotor Cortex) और 'सेरेबेलम' (Cerebellum) के बीच दृश्य-स्थानिक समन्वय, ठीक मोटर नियंत्रण (Fine Motor Control) और ऑर्थोग्राफिक-मोटर प्रोग्रामिंग की सक्रियण विसंगति, तथा बारबराCONNELL और साथियों द्वारा प्रतिपादित 'मल्टीसेंसरी काइनेस्थेटिक लेखन दृष्टिकोण' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, काइनेस्थेटिक-टैक्टाइल लेखन शिक्षाशास्त्र (Kinesthetic-Tactile Writing Pedagogy) और विद्यार्थियों में हस्तलेखन प्रवाह, वर्तनी सटीकता व समग्र अभिव्यक्तात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

इस प्रश्न में डिस्ग्राफिया (लेखन वैकल्य) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ को दर्शाया गया है। सुपीरियर पैराइटल लोब्यूल (स्थानिक प्रसंस्करण), प्रेमोटर कॉर्टेक्स (योजना और मोटर क्रियान्वयन) और सेरेबेलम (गति समन्वय) हाथ से लिखने की क्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनमें विसंगति होने पर ग्राफोटेक मोटर डिस्ग्राफिया उत्पन्न होता है। इसके निवारण हेतु 'मल्टीसेंसरी काइनेस्थेटिक टैक्टाइल राइटिंग पेडากॉगी' (जैसे- रेत या टेक्सचर पर लिखना) अत्यधिक प्रभावी मानी जाती है। अत: विकल्प (b) सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
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