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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और डिस्लेक्सिया (Dyslexia - पठन वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, मार्गरेट स्नोling (Margaret Snowling) और आधुनिक न्यूरोसाइंस के 'फोनोलॉजिकल डेफिसिट हाइपोथेसिस' (Phonological Deficit Hypothesis) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस' (Superior Temporal Gyrus - STG), 'वेंट्रल ऑर्थोग्राफिक प्रोसेसिंग स्ट्रीम' (Ventral Visual Word Form Area - VWFA) और 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area) के बीच श्रवण-ध्वनि प्रसंस्करण, दृश्य शब्द रूप मानचित्रण और फ़ोनेम-ग्राफ़ेम एकीकरण की सक्रियण विसंगति, तथा शेली शेविट (Sally Shaywitz) और आधुनिक न्यूरो-इमेजिंग अध्ययनों के 'फंक्शनल डिसकनेक्टिविटी मॉडल' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मल्टीसेंसरी फोनिक्स आधारित शिक्षाशास्त्र (Multisensory Structured Literacy - Orton-Gillingham Approach) और विद्यार्थियों में पठन प्रवाह, वर्तनी सटीकता व समग्र साक्षरता दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डिस्लेक्सिया (पठन वैकल्य) एक न्यूरो-डेवलपमेंटल विकार है जो मुख्य रूप से फोनोलॉजिकल प्रोसेसिंग (ध्वनि-प्रसंस्करण) को प्रभावित करता है। आधुनिक न्यूरोसाइंस और मार्गरेट स्नोling तथा शेली शेविट के अध्ययनों के अनुसार, मस्तिष्क के सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस (STG) और विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया (VWFA) के बीच कार्यात्मक असंगति के कारण बच्चे अक्षरों को ध्वनियों में बदलने (फ़ोनेम-ग्राफ़ेम एकीकरण) में कठिनाई महसूस करते हैं। 'ऑर्टन-जिलिंगहम' जैसी मल्टीसेंसरी स्ट्रक्चर्ड लिटरेसी पद्धतियां इस न्यूरो-कॉग्निटिव कमी को दूर करने में अत्यधिक प्रभावी हैं।
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हिंदी भाषा शिक्षण और व्याकरण के अंतर्गत 'कार्सक' (कारक - Case) तथा 'सर्वनाम' के प्रयोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिंदी व्याकरण में कारकों की कुल संख्या आठ मानी जाती है, जहाँ 'अधिकरण कारक' का विभक्ति चिह्न 'में, पर' होता है और यह क्रिया के होने के स्थान, समय या अवसर का बोध कराता है।
2. 'संप्रदान कारक' और 'कर्म कारक' दोनों की विभक्तियाँ एक ही जैसी ('को') होती हैं, किंतु दोनों में अंतर यह है कि कर्म कारक में क्रिया का सीधा प्रभाव कर्म पर पड़ता है (जहाँ 'को' वैकल्पिक या प्रत्यक्ष होता है), जबकि संप्रदान कारक में 'को' का प्रयोग 'के लिए' के अर्थ में किसी को कुछ देने या किसी के वास्ते कुछ करने के भाव में होता है।
3. हिंदी में सर्वनाम के कुल छह भेद होते हैं—पुरुषवाचक, निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, संबंधवाचक, प्रश्नवाचक और निजवाचक, जहाँ 'आप' शब्द का प्रयोग केवल मध्यम पुरुष आदरसूचक सर्वनाम के रूप में ही किया जाता है और इसका प्रयोग निजवाचक के रूप में संभव नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सामाजिक अध्ययन' के अंतर्गत 'भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन' के संदर्भ में, वर्ष 1925 के 'काकोरी कांड' (जिसे अब आधिकारिक तौर पर 'काकोरी ट्रेन एक्शन' कहा जाता है) के ऐतिहासिक घटनाक्रम, इसे अंजाम देने वाले 'हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HRA) के संस्थापकों, इस घटना में शामिल प्रमुख क्रांतिकारियों (जैसे रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, रोशन सिंह और राजेंद्र लाहिड़ी) को दी गई फांसी की सजा के स्थलों, तथा इस घटना के परिणामस्वरूप भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की दिशा में आए राजनीतिक और वैचारिक बदलावों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम पठार और मानसिक थकान' के संदर्भ में, आर्थर गेट्स (Arthur Gates) और रसेल (Russell) द्वारा विश्लेषित 'अधिगम के पठार' (Plateaus in Learning) के अंतर्गत 'प्रेरणा की कमी', 'गलत शिक्षण विधियों', और 'शारीरिक-मानसिक थकान' (Physiological & Mental Fatigue) के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा विलियम मैकडगल (William McDougall) द्वारा प्रतिपादित 'मूलप्रवृत्तियों का सिद्धांत' (Instinct Theory) के अंतर्गत 'संवेगों और मूलप्रवृत्तियों' (जैसे भय और पलायन) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, उपचारात्मक शिक्षण चक्र (Remedial Teaching Cycle) और विद्यार्थियों में संचयी अधिगम अवरोधों को दूर करने में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध मेलों, उत्सवों और उनसे संबंधित जिलों या विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के 'बटेश्वर मेला' (आगरा) का आयोजन यमुना नदी के तट पर किया जाता है, जो एक प्रसिद्ध पशु मेला है और विशेष रूप से ऊंटों के क्रय-विक्रय के लिए जाना जाता है।
2. 'सैयद सलार मसूद गाजी का मेला' बहराइच में आयोजित किया जाता है, जो हिंदू और मुस्लिम दोनों संप्रदायों के लोगों के लिए सांप्रदायिक सदभाव का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है।
3. 'शाकंभरी देवी मेला' का आयोजन सहारनपुर जिले में किया जाता है, जो उत्तर प्रदेश के उन मेलों में शामिल है जहाँ राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के भूगोल और कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. योजना आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश को कुल 9 प्रमुख कृषि जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जो राज्य की मृदा, वर्षा और तापमान की भिन्नता को दर्शाते हैं।
2. 'भाबर और तराई' क्षेत्र राज्य के उत्तर में स्थित हैं, जहाँ भाबर क्षेत्र कंकड़-पत्थरों से निर्मित होने के कारण कृषि के लिए कम उपजाऊ है, जबकि तराई क्षेत्र महीन जलोढ़ और नम मिट्टी से युक्त होने के कारण धान और गन्ने की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
3. उत्तर प्रदेश के दक्षिण में स्थित 'बुंदेलखंड' क्षेत्र में लाल-पिला और मार मृदा पाई जाती है, जहाँ सिंचाई के मुख्य साधनों की कमी और पथरीली भूमि के कारण मुख्य रूप से रबी के मौसम में चना और ज्वार-बाजरा जैसी फसलों की खेती की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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