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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा और अधिगम के सिद्धांतों' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (विशेष रूप से अमिगडाला और हाइपोथैलेमस), 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC) और 'डॉर्मोलेटेरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) के बीच होमियोस्टैसिस विनियमन, भावनात्मक सुरक्षा, आत्म-सिद्धि और आंतरिक अभिप्रेरणा की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डेसी (Edward Deci) और रिचर्ड रयान (Richard Ryan) द्वारा प्रतिपादित 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory: स्वायत्तता, सक्षमता और संबद्धता) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, भावनात्मक रूप से सुरक्षित रचनावादी शिक्षाशास्त्र (Emotionally Safe Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में आंतरिक रूप से प्रेरित अधिगम, संज्ञानात्मक जुड़ाव व समग्र कल्याण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

व्याख्या: इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प 'a' है। न्यूरोसाइंस और शैक्षिक मनोविज्ञान के समन्वय के अनुसार, जब शिक्षार्थियों की बुनियादी शारीरिक और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताएं (मास्लो के पदानुक्रम के आधार पर) पूरी हो जाती हैं, तो मस्तिष्क का लिम्बिक सिस्टम (हाइपोथैलेमस और अमिगडाला) शांत होता है और होमियोस्टैसिस प्राप्त होता है। इसके परिणामस्वरूप, प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (DLPFC और vmPFC) बेहतर तरीके से कार्य करता है, जो एडवर्ड डेसी और रिचर्ड रयान के 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory) के मुख्य घटकों—स्वायत्तता (Autonomy), सक्षमता (Competence) और संबद्धता (Relatedness)—को सक्रिय करता है। यह प्रक्रिया विद्यार्थियों में बाह्य अभिप्रेरणा से ऊपर उठकर 'आंतरिक अभिप्रेरणा' (Intrinsic Motivation) और सार्थक संज्ञानात्मक जुड़ाव को प्रोत्साहित करती है, जो समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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→ पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह सदैव किस प्रकार का होता है? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'दृष्टिबाधित अधिगमकर्ताओं के समावेश और स्थानिक संज्ञान (Spatial Cognition) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, मस्तिष्क के 'दृश्य कॉर्टेक्स' (Visual Cortex) में होने वाली 'तंत्रिका प्लास्टिसिटी' (Neural Plasticity) और संवेदी प्रतिस्थापन (Sensory Substitution) की गतिकी, जिसके तहत ब्रेल लिपि (Braille Literacy) और स्पर्शनीय मानचित्रों के प्रसंस्करण के दौरान 'सोमेटोसेंसररी कॉर्टेक्स' (Somatosensory Cortex) और 'पैरीएटल लोब' (Parietal Lobes) का सक्रियण होता है, तथा रीटा कार्टर (Rita Carter) और आधुनिक तंत्रिका विज्ञान द्वारा प्रतिपादित 'मस्तिष्क के क्रॉस-मॉडल पुनर्गठन' (Cross-modal Plasticity) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, स्पर्श-आधारित शिक्षण सामग्री (Tactile TLM) के डिजाइन और विद्यार्थियों में स्थानिक अभिविन्यास व स्वतंत्र गतिशीलता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायुगत संदर्भ में, 'तराई एवं भाबर' क्षेत्रों की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'भाबर क्षेत्र' शिवालिक पहाड़ियों के ठीक गिद्धपादों (Foothills) में सिंधु से तीस्ता नदी तक फैला हुआ एक संकीर्ण क्षेत्र है, जहाँ नदियाँ कंकड़-पत्थर और मोटे अवक्षेपों का निक्षेपण करती हैं और अधिकांश छोटी नदियाँ इस पारगम्य (Permeable) क्षेत्र में विलुप्त हो जाती हैं। 2. 'तराई क्षेत्र' भाबर पेटी के ठीक दक्षिण में स्थित एक विस्तृत, नम और दलदली क्षेत्र है, जहाँ भाबर में विलुप्त हुई नदियाँ पुनः धरातल पर प्रकट होती हैं और यहाँ अत्यधिक नमी के कारण घने जंगल तथा लंबी घासें पाई जाती हैं। 3. तराई क्षेत्र की मिट्टी अत्यधिक उपजाऊ जलोढ़ होती है, लेकिन यहाँ जलवायु अत्यधिक उष्ण, शुष्क और मानसूनी होती है, जिसके कारण यह क्षेत्र कृषि के लिए अनुपयुक्त माना जाता है और यहाँ धान तथा गन्ने की खेती बिल्कुल नहीं की जा सकती। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → उत्तर प्रदेश की लोक कला, संस्कृति, मेलों और उत्सवों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध 'बटेश्वर मेला' (जो ऊँटों के व्यापार के लिए प्रसिद्ध है) का आयोजन प्रतिवर्ष कार्तिक महीने में आगरा जिले में यमुना नदी के तट पर किया जाता है, जबकि 'देवा शरीफ़ मेला' बाराबंकी जिले में सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की दरगाह पर आयोजित होता है। 2. बुंदेलखंड क्षेत्र का पारंपरिक लोकनृत्य 'धोला' और 'राई' नृत्य है, जहाँ राई नृत्य मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर मयूर नृत्य की शैली में किया जाता है, जबकि 'सैरा' नृत्य फसल कटाई के समय उल्लास व्यक्त करने के लिए किया जाता है। 3. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिवर्ष बौद्ध सर्किट के विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 'राज्य बौद्ध महोत्सव' का आधिकारिक आयोजन कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर), सारनाथ (वाराणसी) और कुशीनगर में एक साथ संयुक्त रूप से किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → पर्यावरण अध्ययन (EVS) शिक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र के अंतर्गत 'जैव विविधता' (Biodiversity) और उसके संरक्षण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'हॉटस्पॉट' (Biodiversity Hotspots) की अवधारणा का प्रतिपादन ब्रिटिश पर्यावरणविद् नॉर्मन मायर्स (Norman Myers) द्वारा वर्ष 1988 में किया गया था, और किसी क्षेत्र को हॉटस्पॉट घोषित करने के लिए दो मुख्य शर्तें अनिवार्य हैं: उस क्षेत्र में कम से कम 1,500 स्थानिक (Endemic) पौधों की प्रजातियाँ होनी चाहिए और उस क्षेत्र ने अपनी मूल वानस्पतिक भूमि का कम से कम 70% या उससे अधिक हिस्सा खो दिया हो। 2. भारत में वर्तमान में कुल चार आधिकारिक जैव विविधता हॉटस्पॉट क्षेत्र मान्यता प्राप्त हैं, जो हैं: पश्चिमी घाट (Western Ghats), पूर्वी हिमालय (Eastern Himalaya), इंडो-बर्मा क्षेत्र (Indo-Burma Region) और सुंडालैंड (Sundaland - जिसमें निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं)। 3. 'इन-सिटू' (In-situ - स्व-स्थाने) संरक्षण रणनीति के अंतर्गत जीवों और वनस्पतियों का संरक्षण उनके प्राकृतिक आवास से बाहर (जैसे कि वानस्पतिक उद्यान, ज़ू या जीन बैंक में) किया जाता है, जबकि 'एक्स-सिटू' (Ex-situ - बाह्य-स्थाने) संरक्षण के अंतर्गत राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभ्यारण्य और बायोस्फीयर रिजर्व आते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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