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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और एडीएचडी (ADHD - अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, रसेल बार्कले (Russell Barkley) द्वारा प्रतिपादित 'कार्यकारी कार्य मॉडल' (Executive Function Model) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'डॉर्मोलेटेरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'बेसल गैन्ग्लिया' (Basal Ganglia: विशेष रूप से कॉडेट न्यूक्लियस और पुटामेन) और 'सेरेबेलम' (Cerebellum) के बीच स्व-न, निरोधक नियंत्रण (Inhibitory Control), कार्यशील स्मृति, और मोटर गतिविधि के समन्वय की सक्रियण विसंगति, तथा जियोवानी सुटिया (Giovanni因为它 / Cia) और आधुनिक न्यूरोसाइंस के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क डिसफंक्शन मॉडल' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सेल्फ-रेगुलेटेड स्ट्रक्चर्ड लर्निंग अप्रोच (Self-Regulated Structured Learning Approach) और विद्यार्थियों में आत्म-नियंत्रण, ध्यान एकाग्रता व समग्र कार्यकारी दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
रसेल बार्कले (Russell Barkley) का 'कार्यकारी कार्य मॉडल' (Executive Function Model) यह स्पष्ट करता है कि एडीएचडी (ADHD) मुख्य रूप से निरोधक नियंत्रण (Inhibitory Control) और मस्तिष्क के प्रीफ्रंटल-स्ट्राइटल नेटवर्क (विशेष रूप से प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स और बेसल गैन्ग्लिया) की कार्यप्रणाली में विसंगति से जुड़ा है। इसके परिणामस्वरूप बच्चों में आत्म-विनियमन, कार्यशील स्मृति और आवेग नियंत्रण में कठिनाई आती है। समावेशी कक्षा-कक्ष में ऐसे विद्यार्थियों के लिए 'सेल्फ-रेगुलेटेड स्ट्रक्चर्ड लर्निंग अप्रोच' और मल्टीसेंसरी रणनीतियाँ अत्यंत प्रभावी होती हैं।
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं कृषि-जलवायु क्षेत्रों के संदर्भ में, राज्य को कुल कितने प्रमुख कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है, और इनमें से किस क्षेत्र में चावल और गेहूं की सघन खेती के साथ-साथ गन्ने का सर्वाधिक उत्पादन होता है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास और संज्ञानात्मक अंतर्संबंधों' के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास का सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता स्तर' (Post-conventional Morality Level) के विशिष्ट चरणों—'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' तथा 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत'—के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप और मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' तथा 'इंसुला' (Insula) की सहानुभूतिपूर्ण निर्णय लेने की प्रक्रिया, तथा कैरोल गिलिगन (Carol Gilligan) द्वारा प्रतिपादित 'देखभाल का नैतिकता दृष्टिकोण' (Ethics of Care) के अंतर्गत 'स्वयं केंद्रितता से सार्वभौमिक उत्तरदायित्व तक' के चरणों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, नैतिक दुविधाओं (Moral Dilemmas) के समाधान और विद्यार्थियों में सामाजिक-संवेगात्मक न्यायसंगत व्यवहार के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के प्रथम राज्यपाल कौन थे तथा स्वतंत्र भारत के उत्तर प्रदेश (तत्कालीन संयुक्त प्रांत) की पहली महिला राज्यपाल बनने का गौरव किसे प्राप्त हुआ था?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास के मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास का सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत वर्णित तीन प्रमुख स्तरों (पूर्व-पारंपरिक, पारंपरिक, और उत्तर-पारंपरिक) और उनके छह चरणों—विशेष रूप से 'आज्ञापालन और दंड अभिविन्यास', 'व्यक्तिगत पुरस्कार/सापेक्षवादी अभिविन्यास', 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास', 'कानून और व्यवस्था अभिविन्यास', 'सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास', और 'सार्वभौमिक नैतिक अंतरात्मा अभिविन्यास'—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप, तथा कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) द्वारा कोहलबर्ग के सिद्धांत की आलोचना करते हुए प्रतिपादित 'देखभाल की नैतिकता' (Ethics of Care) के सिद्धांत—जिसमें न्याय के दृष्टिकोण के स्थान पर सहानुभूति, संबंधों और उत्तरदायित्व के आयाम को प्राथमिकता दी जाती है—के वैज्ञानिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मूल्य-आधारित शिक्षा और नैतिक दुविधा (Moral Dilemma) आधारित शिक्षण रणनीतियों में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के परिवहन नेटवर्क, एक्सप्रेसवे परियोजनाओं और सड़क अवसंरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को 'एक्सप्रेसवे का प्रदेश' भी कहा जाता है, क्योंकि देश के कुल चालू एक्सप्रेसवे का एक बहुत बड़ा हिस्सा इस राज्य में स्थित है; उदाहरण के लिए, 'पूर्वांचल एक्सप्रेसवे' की कुल लंबाई लगभग 341 किलोमीटर है, जो लखनऊ से शुरू होकर गाजीपुर तक जाती है।
2. 'बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे' की कुल लंबाई लगभग 296 किलोमीटर है, जो चित्रकूट जिले से शुरू होकर इटावा जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से मिलती है, तथा यह इस क्षेत्र के आर्थिक और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
3. यमुना एक्सप्रेसवे (Yamina Expressway) ग्रेटर नोएडा को सीधे आगरा से जोड़ता है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 302 किलोमीटर है, और यह उत्तर प्रदेशडा (YEIDA) द्वारा विकसित किया गया देश का सबसे लंबा 8-लेन नियंत्रित पहुँच वाला एक्सप्रेसवे है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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