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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और एडीएचडी (ADHD - अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, रसेल बार्कले (Russell Barkley) द्वारा प्रतिपादित 'कार्यकारी कार्य मॉडल' (Executive Function Model) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'डॉर्मोलेटेरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'बेसल गैन्ग्लिया' (Basal Ganglia: विशेष रूप से कॉडेट न्यूक्लियस और पुटामेन) और 'सेरेबेलम' (Cerebellum) के बीच स्व-न, निरोधक नियंत्रण (Inhibitory Control), कार्यशील स्मृति, और मोटर गतिविधि के समन्वय की सक्रियण विसंगति, तथा जियोवानी सुटिया (Giovanni因为它 / Cia) और आधुनिक न्यूरोसाइंस के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क डिसफंक्शन मॉडल' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सेल्फ-रेगुलेटेड स्ट्रक्चर्ड लर्निंग अप्रोच (Self-Regulated Structured Learning Approach) और विद्यार्थियों में आत्म-नियंत्रण, ध्यान एकाग्रता व समग्र कार्यकारी दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

रसेल बार्कले (Russell Barkley) का 'कार्यकारी कार्य मॉडल' (Executive Function Model) यह स्पष्ट करता है कि एडीएचडी (ADHD) मुख्य रूप से निरोधक नियंत्रण (Inhibitory Control) और मस्तिष्क के प्रीफ्रंटल-स्ट्राइटल नेटवर्क (विशेष रूप से प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स और बेसल गैन्ग्लिया) की कार्यप्रणाली में विसंगति से जुड़ा है। इसके परिणामस्वरूप बच्चों में आत्म-विनियमन, कार्यशील स्मृति और आवेग नियंत्रण में कठिनाई आती है। समावेशी कक्षा-कक्ष में ऐसे विद्यार्थियों के लिए 'सेल्फ-रेगुलेटेड स्ट्रक्चर्ड लर्निंग अप्रोच' और मल्टीसेंसरी रणनीतियाँ अत्यंत प्रभावी होती हैं।
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