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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और विशिष्ट आवश्यकता वाले बालक' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) के 'एक्जीक्यूटिव डिस्फंक्शन मॉडल' (Executive Dysfunction Model) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'एंटीरियर सिंग्युलेट कॉर्टेक्स' (ACC), और 'बेसल गैंग्लिया' (Basal Ganglia) के बीच अवरोधक नियंत्रण (Inhibitory Control), कार्यशील स्मृति (Working Memory), और संज्ञानात्मक लचीलेपन (Cognitive Flexibility) की सक्रियण गतिकी, तथा डगलस बार्कले (Russell Barkley) के 'स्व-नियमन के न्यूरोसेविएरल मॉडल' (Neurobehavioral Model of Self-Regulation) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सेल्फ-रेगुलेटेड स्ट्रक्चर्ड पेडागोजी (Self-Regulated Structured Pedagogy) और विद्यार्थियों में आवेग नियंत्रण, ध्यान अवधि विस्तार व समग्र कार्यकारी कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) का एक्जीक्यूटिव डिस्फंक्शन मॉडल मस्तिष्क के डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (DLPFC), एंटीरियर सिंग्युलेट कॉर्टेक्स (ACC), और बेसल गैंग्लिया के बीच शिथिलता को रेखांकित करता है। रसेल बार्कले (Russell Barkley) के मॉडल के अनुसार, यह शिथिलता अवरोधक नियंत्रण (Inhibitory Control), कार्यशील स्मृति और स्व-नियमन को प्रभावित करती है। प्राथमिक समावेशी कक्षाओं में, स्ट्रक्चर्ड पेडागोजी, स्पष्ट नियम और स्व-नियमन रणनीतियाँ इन बालकों में ध्यान और आवेग नियंत्रण को बेहतर बनाने में सहायक होती हैं।
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