त्वरित लिंक्स
UPTET
18 views
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और विशिष्ट बालकों की आवश्यकताएँ' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) के 'सक्षम दोष मॉडल' (Empathizing-Systemizing Theory) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'फूजीफॉर्म फेस एरिया' (Fusiform Face Area), 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्कास' (STS), और 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN) के बीच सामाजिक-संज्ञानात्मक प्रसंस्करण (Social-Cognitive Processing), मानसिकीकरण (Mentalizing / Theory of Mind), और प्रणालिगत पैटर्न पहचान (Systemizing) की सक्रियण गतिकी, तथा साइमन बैरन-कोहेन (Simon Baron-Cohen) के 'हाइपर-सिस्टमिंग हाइपोथैसिस' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, स्ट्रक्चर्ड विजुअल-सपोर्ट पेडागोजी (Structured Visual-Support Pedagogy) और विद्यार्थियों में सामाजिक-भावात्मक संप्रेषण, सहकर्मी अंतःक्रिया व समग्र संवेदी संतुलन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यह प्रश्न ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) के न्यूरो-कॉग्निटिव और न्यूरो-बायोलॉजिकल परिप्रेक्ष्य तथा समावेशी शिक्षा की पेडागोजी पर आधारित है। साइमन बैरन-कोहेन के 'एम्पैथाइजिंग-सिस्टमाइजिंग सिद्धांत' और 'थ्योरी ऑफ़ माइंड' (Theory of Mind) के अनुसार, ASD से ग्रसित बालकों में मस्तिष्क के 'फूजीफॉर्म फेस एरिया' और 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (DMN) की कार्यप्रणाली में भिन्नता होती है, जिससे उन्हें दूसरों की मानसिक स्थिति, भावनाओं और सामाजिक संकेतों को समझने (Mentalizing) में कठिनाई होती है। इसके विपरीत, वे तार्किक पैटर्न और प्रणालियों (Systemizing) में दक्ष हो सकते हैं। इसलिए, आधुनिक समावेशी कक्षाओं में ऐसे विद्यार्थियों के लिए 'स्ट्रक्चर्ड विजुअल-सपोर्ट पेडागोजी' (जैसे PECS या विजुअल शेड्यूल) का उपयोग उनके सामाजिक-भावात्मक संप्रेषण, पूर्वानुमानित वातावरण और संवेदी संतुलन को स्थापित करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होता है। अतः विकल्प (b) सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में, वर्ष 1925 में हुए प्रसिद्ध 'काकोरी ट्रेन एक्शन' (काकोरी कांड) के दौरान सरकारी खजाने को लूटने वाले क्रांतिकारियों का नेतृत्व करने वाली संस्था 'हिस्टोरियन रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HRA) का नाम बदलकर 'हिस्टोरियन सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) किस वर्ष और किसकी अध्यक्षता में किया गया था?
→
उत्तर प्रदेश के वन्यजीव विहारों (Wildlife Sanctuaries) और उनकी अवस्थिति वाले जिलों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. 'चंद्र प्रभा वन्यजीव विहार' - चंदौली जिला (स्थापना वर्ष: 1957, यह उत्तर प्रदेश का सबसे पहला वन्यजीव विहार है।)
2. 'हस्तिनापुर वन्यजीव विहार' - मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और गाजियाबाद जिलों में फैला हुआ (यह राज्य का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है।)
3. 'किशनपुर वन्यजीव विहार' - लखीमपुर खीरी जिला (यह दुधवा टाइगर रिजर्व का हिस्सा है और दलदली हिरون व बारहसिंगा के लिए प्रसिद्ध है।)
4. 'कैटर्नीयाघाट वन्यजीव विहार' - बहराइच जिला (यह नेपाल की सीमा के पास स्थित है और यहाँ घड़ियाल तथा मगरमच्छ का प्राकृतिक संरक्षण किया जाता है।)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
→
प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और वैदिक कालीन गुरुकुल व्यवस्था के संदर्भ में, 'समावर्तन संस्कार' (Samavartana Sanskara) का मुख्य उद्देश्य और उसकी विशेषता निम्नलिखित में से क्या थी?
→
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों, तापीय विद्युत परियोजनाओं और परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र 'नरोरा परमाणु ऊर्जा संयंत्र' (Narora Atomic Power Station) बुलंदशहर जिले में गंगा नदी के तट पर स्थित है, जिसकी दोनों इकाइयों ने क्रमशः 1991 और 1992 में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया था और इसमें दाबयुक्त भारी पानी रिएक्टर (PHWR) का उपयोग किया जाता है।
2. 'अनपरा ताप विद्युत परियोजना' सोनभद्र जिले की रिहन्द जलाशय के पास स्थित है, जो राज्य की सबसे बड़ी और सर्वाधिक विद्युत उत्पादन क्षमता वाली तापीय विद्युत परियोजनाओं में से एक है, तथा इसे कोयला प्राप्ति के नजदीक होने का भौगोलिक लाभ प्राप्त है।
3. उत्तर प्रदेश राज्य में विद्युत नियामक आयोग की स्थापना वर्ष 1998 में की गई थी, जबकि राज्य में विद्युत क्षेत्र के पुनर्गठन और सुधार के लिए 'उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड' (UPPCL) का गठन वर्ष 2000 में किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश के 'प्रशासनिक ढांचे, पंचायती राज व्यवस्था और विधानमंडल' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश द्विसदनात्मक विधायिका वाला राज्य है, जिसमें विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या 403 और विधानपरिषद (Legislative Council) के सदस्यों की कुल संख्या 100 है, जो देश के किसी भी राज्य में विधानपरिषद की सबसे अधिक संख्या है।
2. उत्तर प्रदेश में पंचायती राज अधिनियम को वर्ष 1947 में पारित किया गया था, तथा राज्य में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था (ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत) को औपचारिक रूप से वर्ष 1961-62 में लागू किया गया था।
3. उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त अधिनियम के तहत लोकायुक्त का कार्यकाल वर्तमान में 5 वर्ष निर्धारित किया गया है, तथा उत्तर प्रदेश के प्रथम लोकायुक्त विशंभर दयाल थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.