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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता (Creativity)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जोसफ गिल्फोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन (Divergent Thinking)' के घटकों — प्रवाहशीलता (Fluency), लचीलापन (Flexibility), मौलिकता (Originality), और विस्तारण (Elaboration) — के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), और 'सेरिएटर सैलियंस नेटवर्क' (Salience Network) के बीच वैचारिक लचीलेपन (Ideational Flexibility), डिफ़ॉल्ट और कार्यकारी प्रणालियों के बीच गतिशील युग्मन (Dynamic Coupling), और नवीनता उत्पादन की सक्रियण गतिकी, तथा एलिस पॉल टॉरेन्स (E. Paul Torrance) के 'टॉरेन्स टेस्ट्स ऑफ़ क्रिएटिव थिंकिंग' (TTCT) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, क्रिएटिविटी-ड्रिवेन कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Creativity-Driven Constructive Pedagogy) और विद्यार्थियों में अपरंपरागत समस्या-समाधान, अभिनव विचार निर्माण व समग्र बौद्धिक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

व्याख्या: सृजनात्मकता और अपसारी चिंतन का न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण यह बताता है कि जब विद्यार्थी किसी समस्या के बहुमुखी व मौलिक समाधान (प्रवाहशीलता, लचीलापन, मौलिकता) तलाशते हैं, तो मस्तिष्क का डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क (DMN - जो कल्पना और सहज विचारों से जुड़ा है) और डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (DLPFC - जो कार्यकारी नियंत्रण और मूल्यांकन से जुड़ा है) एक साथ गतिशील रूप से कार्य करते हैं। यह न्यूरो-डाइनैमिक्स टॉरेन्स टेस्ट्स ऑफ़ क्रिएटिव थिंकिंग (TTCT) के सैद्धांतिक आधार के अनुरूप है और समावेशी कक्षाओं में 'कन्स्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी' के तहत छात्रों में समग्र बौद्धिक लचीलेपन और समस्या-समाधान कौशल को बढ़ावा देता है।
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में 'प्राथमिक स्तर पर सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के उद्देश्यों और विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन में CCE का मुख्य उद्देश्य छात्रों के केवल संज्ञानात्मक विकास (Cognitive Development) का लिखित परीक्षाओं के माध्यम से अंकन करना है, ताकि उनके प्रदर्शन की तुलना अन्य विद्यालयों के छात्रों से की जा सके। 2. पर्यावरण अध्ययन में मूल्यांकन की सतत प्रक्रिया के अंतर्गत छात्रों के व्यावहारिक कौशलों, क्षेत्र भ्रमण (Field Visits) के दौरान उनके अवलोकन, तथा सामूहिक परियोजनाओं (Group Projects) में उनकी सहभागिता का निरंतर आकलन किया जाना चाहिए। 3. व्यापक मूल्यांकन (Comprehensive Evaluation) के अंतर्गत छात्रों के केवल औपचारिक सह-शैक्षणिक कौशलों को शामिल किया जाता है, जबकि उनके व्यक्तिगत मूल्यों, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण और सामाजिक सहभागिता जैसे गुणात्मक पक्षों का आकलन इस प्रक्रिया से बाहर रखा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? बच्चों में भाषा अर्जन (Language Acquisition) और भाषा विकास (Language Development) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नॉम चोमस्की (Noam Chomsky) के अनुसार, बच्चों में भाषा सीखने की एक जन्मजात क्षमता होती है, जिसे 'भाषा अर्जन यंत्र' (Language Acquisition Device - LAD) कहा जाता है, और इसके समर्थन में वे 'सार्वव्यापक व्याकरण' (Universal Grammar) के सिद्धांत को प्रस्तुत करते हैं। 2. लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) का मानना था कि भाषा और विचार शुरुआत में दो स्वतंत्र गतिविधियाँ होती हैं, जो बाद में (लगभग दो वर्ष की आयु के आसपास) आपस में मिल जाती हैं, और सामाजिक अंतःक्रिया भाषा विकास का सबसे मुख्य आधार है। 3. बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के अनुसार बच्चे भाषा अनुकरण (Imitation), पुनर्बलन (Reinforcement) और अभ्यास (Practice) के माध्यम से सीखते हैं, न कि किसी जन्मजात आंतरिक नियम प्रणाली के द्वारा। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? बुद्ध कालीन शिक्षा प्रणाली और उसकी प्रमुख विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बौद्ध कालीन शिक्षा प्रणाली में मठों (Monasteries) और विहारों में प्रवेश के लिए 'प्रव्रज्या' (Pravrajya) संस्कार कराया जाता था, जो लगभग 8 वर्ष की आयु में होता था, जिसके बाद छात्र 'सामणेर' (Novice) कहलाता था। 2. बौद्ध काल में उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद लगभग 20 वर्ष की आयु में 'उपनपसंदा' (Upasampada) संस्कार संपन्न होता था, जिसके उपरांत छात्र पूर्ण भिक्षु (Bhikkhu) बनता था और संघ की सदस्यता प्राप्त करता था। 3. बौद्ध शिक्षा का माध्यम पूरी तरह से पाली और अन्य लोक भाषाएं थीं, और इस प्रणाली में वर्ण व्यवस्था या जातिगत भेदभाव को पूर्ण स्थान दिया गया था, जिसके कारण शूद्रों और महिलाओं का प्रवेश वर्जित था। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) की अवधारणा के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन 'विशिष्ट बालकों' (Children with Special Needs) के शैक्षिक समावेशन के मूल सिद्धांत को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों और तापीय विद्युत परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सी परियोजना 'नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन' (NTPC) द्वारा संचालित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL) के अंतर्गत आती है?
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