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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के सिद्धांत और उनका कक्षा-कक्ष में अनुप्रयोग' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, इवान पावलोव (Ivan Pavlov) द्वारा प्रतिपादित 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory: अनुबंधित उद्दीपक, अनुबंधित अनुक्रिया, विलोपन और स्वतःस्फूर्त पुनर्प्राप्ति) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'अमिकडाला' (Amygdala), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'सेरिबेलम' (Cerebellum) के बीच भय वातानुकूलन (Fear Conditioning), साहचर्य स्मृति समेकन (Associative Memory Consolidation), और स्वचालित मोटर प्रतिक्रियाओं के अधिग्रहण की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन वाटसन (John B. Watson) के 'व्यवहारवाद' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कंडीशनिंग ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Conditioning Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में चिंता प्रबंधन, सकारात्मक कक्षा-कक्ष वातावरण व समग्र संवेगात्मक अनुकूली व्यवहार के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इवान पावलोव का शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत न केवल एक बाहरी व्यवहारवादी प्रक्रिया है, बल्कि इसका गहरा न्यूरो-बायोलॉजिकल आधार भी है। मस्तिष्क का 'अमिकडाला' (Amygdala) संवेगात्मक और भय वातानुकूलन (Fear Conditioning) में केंद्रीय भूमिका निभाता है, जबकि 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) प्रासंगिक और साहचर्य स्मृतियों (Associative Memories) के समेकन में सहायता करता है। जब एक तटस्थ उद्दीपक (CS) को बार-बार अस्वाभाविक उद्दीपक (US) के साथ जोड़ा जाता है, तो सिनैप्टिक प्लास्टिसिटी (विशेष रूप से लॉन्ग-टर्म पोटेंशिएशन - LTP) के माध्यम से न्यूरल पाथवे मजबूत होते हैं। आधुनिक 'न्यूरो-कंडीशनिंग ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' के अंतर्गत, शिक्षक इस गतिकी का उपयोग करके कक्षा में सकारात्मक उद्दीपकों (जैसे प्रशंसा, सुरक्षित वातावरण) द्वारा विद्यार्थियों में भय या चिंता को कम कर सकते हैं और अनुकूलित अधिगम व्यवहार को बढ़ावा दे सकते हैं। अतः विकल्प (a) सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है।
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उत्तर प्रदेश के शिक्षा, साहित्य, अनुसंधान संस्थानों और उनके स्थापना वर्ष/अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान' की स्थापना वर्ष 1976 में लखनऊ में की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा और साहित्य का संवर्द्धन करना तथा साहित्यकारों को सम्मानित करना है।
2. 'भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान' (IIIT) उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित है, जिसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (Institute of National Importance) का दर्जा प्राप्त है।
3. 'बुंदेलखंड विश्वविद्यालय' झाँसी में स्थित है और इसकी स्थापना वर्ष 1985 में की गई थी, जो इस क्षेत्र में उच्च शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के औद्योगिकीकरण और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZs) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा औद्योगिक पार्क और उससे संबंधित जिले का युग्म सही सुमेलित नहीं है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता (Creativity) और अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) के अंतर्गत 'अपसारी उत्पादन' (Divergent Production) के घटकों—'धाराप्रवाहता' (Fluency), 'लचीलापन' (Flexibility), 'मौलिकता' (Originality), और 'विस्तारीकरण' (Elaboration)—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN) और 'एक्जीक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (Executive Control Network) के बीच रचनात्मक विचार सृजन और आलोचनात्मक मूल्यांकन की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) द्वारा प्रतिपादित 'पार्श्व चिंतन' (Lateral Thinking) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान के अभिनव उपागमों और विद्यार्थियों में सृजनात्मक क्षमता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा विकास और मनोभाषिकी सिद्धांतों' के संदर्भ में, नोम चोमस्की (Noam Chomsky) द्वारा प्रतिपादित 'भाषा अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device - LAD) और 'सार्वव्यापक व्याकरण' (Universal Grammar) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप, तथा जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के भाषा विकास संबंधी विचारों (जैसे 'अहंकेन्द्रित भाषण' बनाम 'सामाजिक भाषण और आंतरिक भाषण') के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बहुभाषी शिक्षाशास्त्र (Multilingual Pedagogy) और विद्यार्थियों में संप्रेषण कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण-अधिगम में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के उद्देश्यों और विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सी.सी.ई. (CCE) का मुख्य उद्देश्य केवल छात्रों के संज्ञानात्मक (Cognitive) विकास का अंत में लिखित परीक्षा के माध्यम से आंकलन करना है, और इसमें सह-शैक्षणिक पक्षों (Co-scholastic domains) की उपेक्षा की जाती है।
2. पर्यावरण अध्ययन में सतत मूल्यांकन का तात्पर्य शिक्षण प्रक्रिया के दौरान निरंतर फीडबैक प्राप्त करना है, ताकि विद्यार्थियों की अधिगम संबंधी कठिनाइयों और कमजोरियों का निदान (Diagnosis) करके उपयुक्त उपचारारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) प्रदान किया जा सके।
3. व्यापक मूल्यांकन के अंतर्गत छात्र के व्यक्तिगत विकास, सामाजिक गुणों, पर्यावरण के प्रति दृष्टिकोण, सहकारिता और व्यावहारिक कौशलों का आकलन विभिन्न गुणात्मक और मात्रात्मक उपकरणों (जैसे पोर्टफोलियो, अवलोकन, अन anecdotes आदि) के माध्यम से किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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