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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियाँ और व्यक्तिगत भिन्नताएँ' (Learning Styles and Individual Differences) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, डेविड कोल्ब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle: मूर्त अनुभव, विचारशील अवलोकन, अमूर्त अवधारणा और सक्रिय प्रयोग) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'संवेदी कॉर्टेक्स' (Sensory Cortex), 'पोस्टीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Posterior Cingulate Cortex), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex) के बीच संवेदी-सूचना एकीकरण, आंतरिक प्रतिबिंब, और मोटर निष्पादन की सक्रियण गतिकी, तथा नील फ्लेमिंग (Neil Fleming) के 'VARK मॉडल' (Visual, Auditory, Reading/Writing, Kinesthetic) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-स्टाइल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Style Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी अधिगम रणनीतियों, व्यक्तिगत भिन्नता-आधारित शिक्षण व समग्र संज्ञानात्मक-संवेगात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डेविड कोल्ब (David Kolb) के अनुभवात्मक अधिगम चक्र का 'मूर्त अनुभव' (Concrete Experience) चरण मस्तिष्क के 'संवेदी कॉर्टेक्स' (Sensory Cortex) के साथ निकटता से जुड़ा है, जो बाहरी दुनिया से आने वाली संवेदी सूचनाओं को प्रोसेस करता है। प्राथमिक समावेशी कक्षाओं में विद्यार्थियों की व्यक्तिगत भिन्नताओं (Individual Differences) को ध्यान में रखते हुए, यह मॉडल और VARK मॉडल (Visual, Auditory, Reading/Writing, Kinesthetic) शिक्षकों को बहुसंवेदी शिक्षण रणनीतियाँ (Multisensory Teaching Strategies) अपनाने में मदद करते हैं, जिससे प्रत्येक छात्र अपनी अनूठी अधिगम शैली के अनुसार ज्ञान का निर्माण कर सके।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास का सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वन/मचान' (Scaffolding) की अवधारणाओं के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम के स्वरूप'—जिसमें उन्होंने 'क्रियात्मक प्रतिनिधित्व' (Enactive Representation), 'प्रतिबिम्बात्मक प्रतिनिधित्व' (Iconic Representation), और 'प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व' (Symbolic Representation) को समझाया है—के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के सिद्धांत' (Learning Theories) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) द्वारा प्रतिपादित 'क्रियाप्रूसी अनुबंधन' (Operant Conditioning: प्रबलन, पुनर्बलन अनुसूचियाँ और शेपिंग) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रिग्ला टेगमेंटल एरिया' (VTA), 'न्यूक्लियस एक्यूम्बेंस' (Nucleus Accumbens), और 'डॉसोलैटरल स्ट्रिएटम' (Dorsolateral Striatum) के बीच डोपामाइनर्जिक रिवॉर्ड प्रीडिक्शन एरर (Reward Prediction Error), आदतन मोटर समेकन (Habitual Motor Consolidation), और साहचर्य प्लास्टिसिटी की सक्रियण गतिकी, तथा इवान पावलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-बिहेवियरल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Behavioral Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सकारात्मक सुदृढ़ीकरण, अनुकूली व्यवहार परिवर्तन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की निम्नलिखित में से कौन सी एक मुख्य विकासात्मक विशेषता है जो बच्चों में अमूर्त चिंतन और तार्किक समाधान की क्षमता को दर्शाती है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं कृषि-जलवायु प्रदेशों (Agro-Climatic Zones) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कृषि जलवायु के दृष्टिकोण से कुल नौ (9) अलग-अलग प्रशासनिक एवं पारिस्थितिक क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जो राज्य के विभिन्न हिस्सों में मृदा, वर्षा और तापमान की भिन्नता को दर्शाते हैं।
2. 'भाबर और तराई क्षेत्र' के अंतर्गत आने वाले उत्तर प्रदेश के उत्तरी जिलों में उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन पाए जाते हैं, और यह क्षेत्र मुख्य रूप से गन्ने, धान और गेहूं की सघन खेती के लिए जाना जाता है।
3. उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी अर्ध-शुष्क क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मुख्य रूप से नहरों और नलकूपों पर निर्भर है, क्योंकि यहाँ वार्षिक वर्षा का औसत राज्य के पूर्वी और तराई क्षेत्रों की तुलना में काफी कम होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और जैव-विविधता क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा पक्षी विहार 'लाख बहसी पक्षी विहार' है, जो कन्नौज जिले में स्थित है, तथा इसकी स्थापना वर्ष 1988 में की गई थी।
2. उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा पक्षी विहार 'पटना पक्षी विहार' है, जो एटा जिले में स्थित है, और इसका क्षेत्रफल सबसे कम होने के बावजूद यह विभिन्न प्रवासी पक्षियों का प्रमुख आश्रय स्थल है।
3. राज्य में 'सुराहा ताल पक्षी विहार' बलिया जिले में स्थित है, जिसे आधिकारिक रूप से 'लोकनायक पक्षी विहार' भी कहा जाता है, तथा इसकी स्थापना प्रसिद्ध समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण की स्मृति में की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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