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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण' (Memory and Forgetting) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हरमन एबिंगhaus (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'अमिकडाला' (Amygdala), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच सिनैप्टिक समेकन (Synaptic Consolidation), दीर्घकालिक शक्तिवर्धक (Long-Term Potentiation - LTP) क्षय, और पुनरावृत्ति (Rehearsal) आधारित स्मृति पुनर्प्राप्ति की सक्रियण गतिकी, तथा रिचर्ड एटकिंसन (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard Shiffrin) के 'मल्टी-स्टोर मॉडल' (Sensory, Short-Term, and Long-Term Memory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मेमोरी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Memory Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्पेaced रिपिटिशन (Spaced Repetition), म्नेमोनिक्स व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

विस्मरण वक्र (Hermann Ebbinghaus) और मल्टी-स्टोर मॉडल (Atkinson-Shiffrin) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हिप्पोकैम्पस में LTP (Long-Term Potentiation) का क्षय और सिनैप्टिक समेकन का अभाव भूलने का मुख्य कारण है। 'स्पेaced रिपिटिशन' और सक्रिय पुनर्प्राप्ति (Active Retrieval) जैसी तकनीकें न्यूरोप्लास्टिसिटी को बढ़ावा देती हैं और अल्पकालिक स्मृति से दीर्घकालिक स्मृति में सूचना के स्थानांतरण को सुगम बनाती हैं, जो कि प्राथमिक समावेशी शिक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पियाजे के अनुसार बालक अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं अपने पर्यावरण के साथ सक्रिय अन्वेषण (Active Exploration) द्वारा करता है, जबकि वाइगोत्स्की के अनुसार उच्च मानसिक क्रियाओं का विकास मुख्य रूप से सामाजिक अंतःक्रिया, संस्कृति और भाषा के आंतरिकरण (Internalization) के माध्यम से होता है। 2. पियाजे द्वारा प्रस्तावित 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) को वाइगोत्स्की ने बालक के विकास में एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक सामाजिक बाधा माना है, और उनके अनुसार यह वयस्कों की नकल मात्र है जिसका संज्ञानात्मक विकास से कोई सीधा संबंध नहीं होता है। 3. वाइगोत्स्की के 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) की अवधारणा यह दर्शाती है कि अधिगम का वास्तविक स्तर और संभावित स्तर के बीच का अंतर केवल जैविक परिपक्वता (Biological Maturation) द्वारा निर्धारित होता है, न कि किसी अधिक ज्ञानी अन्य (MKO) के सहयोग से। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, पियाजे (Jean Piaget) और वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांतों के शैक्षणिक अनुप्रयोगों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जीन पियाजे के अनुसार, बच्चे 'सक्रिय ज्ञान निर्माता' (Active Knowledge Builders) होते हैं जो अपनी भौतिक दुनिया के साथ अंतःक्रिया करके अपने स्कीमा (Schema) का निर्माण और संशोधन करते हैं, इसलिए समावेशी कक्षाओं में विशेष आवश्यकता वाले बालकों के लिए संवेदी-गामक और मूर्त अनुभवों पर आधारित शिक्षण सामग्रियां प्रदान करना आवश्यक है। 2. लेव वाइगोत्स्की का सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत यह मानता है कि उच्च मानसिक प्रक्रियाओं का विकास सामाजिक अंतःक्रिया और भाषा के माध्यम से होता है, जिसके अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD) और 'चान्द्रोण या पाटन' (Scaffolding) की अवधारणाएं समावेशी विद्यालयों में सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) और सहकर्मी शिक्षण (Peer Tutoring) का आधार बनती हैं। 3. पियाजे और वाइगोत्स्की दोनों ही अधिगम को बाहरी पर्यावरणीय उद्दीपकों और पुनर्बलन (Reinforcement) का परिणाम मानते हैं, तथा दोनों का यह दृढ़ विश्वास था कि बच्चों के मानसिक विकास में भाषा की कोई महत्वपूर्ण विकासात्मक भूमिका नहीं होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश के वन्यजीव विहारों एवं उनके भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा और अधिगम के सिद्धांतों' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (विशेष रूप से अमिगडाला और हाइपोथैलेमस), 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC) और 'डॉर्मोलेटेरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) के बीच होमियोस्टैसिस विनियमन, भावनात्मक सुरक्षा, आत्म-सिद्धि और आंतरिक अभिप्रेरणा की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डेसी (Edward Deci) और रिचर्ड रयान (Richard Ryan) द्वारा प्रतिपादित 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory: स्वायत्तता, सक्षमता और संबद्धता) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, भावनात्मक रूप से सुरक्षित रचनावादी शिक्षाशास्त्र (Emotionally Safe Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में आंतरिक रूप से प्रेरित अधिगम, संज्ञानात्मक जुड़ाव व समग्र कल्याण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के प्राचीन एवं आधुनिक अनुबंधन सिद्धांतों' के संदर्भ में, इवान पावलोव (Ivan Pavlov) द्वारा प्रतिपादित 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत 'अनुबंधन विलोपन' (Extinction), 'सहज पुनrप्राप्ति' (Spontaneous Recovery), और 'उत्तेजना सामान्यीकरण' (Stimulus Generalization) के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) द्वारा प्रतिपादित 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत 'आंशिक सुदृढ़ीकरण अनुसूचियाँ' (Partial Reinforcement Schedules जैसे अंतराल और अनुपात अनुसूचियाँ) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सकारात्मक सुदृढ़ीकरण (Positive Reinforcement) के रणनीतिक उपयोग और विद्यार्थियों में वांछित व्यवहार संशोधन व आदत निर्माण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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