त्वरित लिंक्स
UPTET
17 views
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Cognitive Development Theory: संवेदी-गामी, पूर्व-संक्रियात्मक, मूर्त संक्रियात्मक और औपचारिक संक्रियात्मक चरण) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच स्कीमा निर्माण (Schema Formation), मानसिक संतुलन (Equilibration), और अमूर्त तार्किक प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड कोलब (David Kolb) के 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle: मूर्त अनुभव, चिंतनशील अवलोकन, अमूर्त अवधारणा और सक्रिय प्रयोग) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कॉग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Cognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक लचीलेपन, समस्या-समाधान व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न में जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के चरणों तथा डेविड कोलब के अनुभवात्मक अधिगम चक्र के न्यूरो-संज्ञानात्मक और न्यूरो-बायोलॉजिकल आधारों का गहन विश्लेषण किया गया है। मस्तिष्क का प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स कार्यकारी कार्यों, तार्किक चिंतन और योजना बनाने के लिए उत्तरदायी है, जबकि हिप्पोकैम्पस नए अनुभवों को दीर्घकालिक स्मृति और स्कीमा के रूप में समेकित करने में मदद करता है। पियाजे का स्कीमा एकीकरण और कोलब का अनुभवात्मक चक्र (मूर्त अनुभव से सक्रिय प्रयोग तक) मिलकर प्राथमिक समावेशी कक्षाओं में बच्चों की संज्ञानात्मक दक्षता और वैचारिक आंतरिकरण को बढ़ाते हैं। इसलिए विकल्प (a) सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश में प्रसिद्ध 'बटेश्वर मेला' किस जनपद में आयोजित किया जाता है?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन तथा आर्थिक परिदृश्य के संदर्भ में 'विंध्यन पर्वतीय एवं पठारी क्षेत्र' की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिण में स्थित यह क्षेत्र मुख्य रूप से मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली और चित्रकूट जनपदों के दक्षिणी भागों में फैला हुआ है, जो कैमूर और सोनार श्रेणियों के रूप में विंध्यन क्रम की प्राचीन चट्टानों से निर्मित है।
2. इस क्षेत्र की स्थलाकृति अत्यधिक पथरीली, असमतल और सूखी होने के कारण यहाँ की मृदा मुख्य रूप से 'लाल और सघन' (Red Soil) प्रकार की है, जिसमें जल धारण क्षमता कम होने के कारण सिंचाई के लिए मुख्य रूप से पक्के कुओं और नहरों की अत्यधिक आवश्यकता होती है।
3. विंध्यन क्षेत्र में खनिज संसाधनों की दृष्टि से चूना पत्थर (Limestone), डोलोमाइट, नॉन-प्लास्टिक फायरक्ले और ग्लास सैंड (शीशा बालू) के प्रचुर भंडार पाए जाते हैं, जिसके कारण इस क्षेत्र में सीमेंट, कांच और खनन आधारित उद्योगों का अच्छा विकास हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण प्रबंधन के संदर्भ में, राज्य का प्रथम वन्यजीव विहार (Wildlife Sanctuary) कौन सा है और इसकी स्थापना किस वर्ष तथा किस जनपद में की गई थी?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और विशिष्ट बालक' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'अवधान न्यूनता अतिसक्रियता विकार' (Attention Deficit Hyperactivity Disorder - ADHD) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'बेसल गैन्ग्लिया' (Basal Ganglia), और 'फ्रंटोसियाटाल सर्किट' (Fronto-striatal Circuit) के बीच डोपामिनर्जिक डिस्फंक्शन (Dopaminergic Dysfunction), कार्यकारी कार्य विफलता (Executive Function Deficits), और अवरोधक नियंत्रण की कमी (Impulse Inhibition Failure) की सक्रियण गतिकी, तथा रसेल बार्कले (Russell Barkley) के 'आत्म-नियमन का कार्यकारी मॉडल' (Executive Model of Self-Regulation) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ADHD ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-ADHD Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्व-निगरानी (Self-monitoring), टोकन इकॉनमी, पर्यावरण अनुकूल संरचनात्मक समायोजन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता और समस्या समाधान' (Creativity and Problem Solving) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अभिसारी और अपसारी चिंतन' (Convergent and Divergent Thinking: जिसमें प्रवाहशीलता, लचीलापन, मौलिकता और विस्तार शामिल हैं) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex), 'एंटिरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex), और 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN) के बीच विचार मंथन (Brainstorming), संज्ञानात्मक लचीलेपन, और इनसाइट आधारित समस्या-समाधान की सक्रियण गतिकी, तथा ग्राहम वालेस (Graham Wallas) के 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण' (Preparation, Incubation, Illumination, और Verification) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में अपरंपरागत सोच (Out-of-the-box Thinking), मुक्त अंत वाले प्रश्न (Open-ended Questions) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.