BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
13 views

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण' (Memory and Forgetting) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हरमन एबिंगहौस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'अमिगडाला' (Amygdala), और 'कॉर्टिकल क्षेत्रों' के बीच लॉन्ग-टर्म पोटेंशिएशन (LTP), कंसोलिडेशन (Consolidation), और सिनैप्टिक छंटनी (Synaptic Pruning) की सक्रियण गतिकी, तथा रिचर्ड एटकिंसन (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard Shiffrin) के 'सूचना प्रसंस्करण मॉडल' (Information Processing Model: संवेदी स्मृति, अल्पकालिक स्मृति और दीर्घकालिक स्मृति) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मेमोरी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Memory Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में अंतरालित पुनरावृत्ति (Spaced Repetition), मन-मस्तिष्क अनुकूली शिक्षण रणनीतियों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

यह प्रश्न हरमन एबिंगहौस के 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) और एटकिंसन-शिफ्रिन के 'सूचना प्रसंस्करण मॉडल' (Information Processing Model) के न्यूरो-बायोलॉजिकल आधारों तथा प्राथमिक कक्षाओं में इनके शैक्षणिक अनुप्रयोगों पर आधारित है। हिप्पोकैम्पस स्मृति के समेकन (Consolidation) और 'लॉन्ग-टर्म पोटेंशिएशन' (LTP) में केंद्रीय भूमिका निभाता है। 'स्पेसड रिपिटेशन' (Spaced Repetition) और अर्थपूर्ण शिक्षण रणनीतियाँ सिनैप्टिक कनेक्शन को मजबूत करती हैं, जिससे विस्मरण वक्र की गिरावट को धीमा किया जा सकता है। अतः विकल्प (a) सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है।
Share:

Related Questions

→ उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण' (Memory and Forgetting) के संदर्भ में, जर्मन मनोवैज्ञानिक हरमन एबिंगहॉस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के अनुसार, सीखने की प्रक्रिया तुरंत समाप्त होने के ठीक बाद के शुरुआती समय में (विशेषकर पहले 20 से 60 मिनट के भीतर) सीखी गई विषय-वस्तु का सबसे तीव्र गति से क्षय या ह्रास क्यों होता है? → उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं कृषि-जलवायु क्षेत्रों के संदर्भ में, राज्य की मृदा प्रणालियों और उनकी विशेषताओं से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना में 'भाभर' क्षेत्र की मिट्टी अत्यंत कंकरीली, पथरीली और छिद्रयुक्त होती है, जिसके कारण नियाँ इस क्षेत्र में विलुप्त हो जाती हैं और कृषि की दृष्टि से यह क्षेत्र अनुपयुक्त होता है। 2. 'तराई' क्षेत्र भाभर के दक्षिण में स्थित एक संकीर्ण नम एवं दलदली पेटी है, जहाँ घने जंगल और लंबी घासें पाई जाती हैं, तथा हाल के दशकों में वनों की कटाई के बाद इस क्षेत्र में धान और गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर की जाने लगी है। 3. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी (बुंदेलखंड) क्षेत्र में पाई जाने वाली 'राकर' (या राँड़) मिट्टी ढलान वाले और कंकरीले भागों पर मिलती है, जो कम उपजाऊ होती है और क्षरण के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होती है। 4. उत्तर प्रदेश के गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में पाई जाने वाली 'भूड़' मृदा मूल रूप से एक प्रकार की उपजाऊ जलोढ़ दोमट मिट्टी है, जो गेहूँ और आलू के उत्पादन के लिए पूरे राज्य में सर्वोच्च स्थान रखती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विभाजन, मृदा संरचना और कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को कृषि और जलवायु की विभिन्नताओं के आधार पर कुल 9 विशिष्ट कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जो राज्य के फसल पैटर्न और उत्पादकता को निर्धारित करने में सहायता करते हैं। 2. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड (दक्षिणी पठारी) क्षेत्र में मुख्य रूप से 'मार', 'भाबर', 'र आकर' और 'परुवा' जैसी स्थानीय मृदाएँ पाई जाती हैं, जो कपास और तिलहन की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त मानी जाती हैं। 3. राज्य के 'तराई क्षेत्र' में मिट्टी में नमी की अधिकता होती है और यहाँ की मृदा महीन कणों वाली तथा उपजाऊ होती है, जो मुख्य रूप से धान और गन्ने की बंपर पैदावार के लिए अनुकूल है, लेकिन इस क्षेत्र की मिट्टी में नाइट्रोजन और फास्फोरस की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? → भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत राज्य सूची (State List) में निम्नलिखित में से कौन सा विषय शामिल है, जिस पर सामान्य परिस्थितियों में राज्य विधानमंडल द्वारा कानून बनाया जाता है? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'हावर्ड गार्डनर के बहुबुद्धि सिद्धांत' (Multiple Intelligences Theory) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, गार्डनर द्वारा प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence: प्राकृतिक पैटर्न, जीव-जंतुओं और वनस्पतियों का वर्गीकरण और पर्यावरणीय संवेदनशीलता) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब के विजुअल-स्पेशियल प्रोसेसिंग क्षेत्र' (Parietal Lobe - पर्यावरणीय दृश्यों और स्थानिक पैटर्न का विश्लेषण), 'इंसुला और प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Insula & Prefrontal Cortex - पर्यावरणीय संवेदनाओं, वर्गीकरण और संज्ञानात्मक निर्णय), और 'टेंपोरल लोब के मेमोराइजेशन सर्किट' (Temporal Lobe - जैविक और प्राकृतिक डेटा का दीर्घकालिक भंडारण) के बीच विजुअल-स्पेशियल इंटीग्रेशन, सिनेप्टिक प्लास्टिसिटी, और पारिस्थितिक तंत्रिका नेटवर्क (Ecological Neural Networks) की सक्रियण गतिकी, तथा डेनियल गोलमैन के 'संवेगात्मक बुद्धि' (Emotional Intelligence) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-नेचुरलिस्टिक ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Naturalistic Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में पर्यावरणीय जागरूकता, पैटर्न पहचान व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.