BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
18 views

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) तथा सी.डब्ल्यू. विच द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'सेंसरी कॉर्टेक्स' (Sensory Cortex), 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच तंत्रिका मार्ग साझाकरण (Neural Pathway Sharing), सिनैप्टिक रीमैपिंग (Synaptic Remapping), और क्रॉस-मॉडालिटी ट्रांसफर की सक्रियण गतिकी, तथा चार्ल्स जुड के 'सामान्यीकरण सिद्धांत' (Theory of Generalization) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ट्रांसफर ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Transfer Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यावहारिक अनुप्रयोग (Practical Application), कौशल सामान्यीकरण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

व्याख्या: अधिगम स्थानांतरण (Transfer of Learning) के संदर्भ में एडवर्ड थॉर्नडाइक का 'समान तत्वों का सिद्धांत' यह बताता है कि एक स्थिति में सीखा गया ज्ञान या कौशल दूसरी स्थिति में तभी स्थानांतरित होता है जब दोनों स्थितियों में समान तत्व (मानसिक प्रक्रियाएं, संवेदी-मोटर मार्ग या विषय-वस्तु) मौजूद होते हैं। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, जब पूर्व अधिगम और नवीन अधिगम के दौरान मस्तिष्क के समान न्यूरल नेटवर्क (जैसे सेंसरी कॉर्टेक्स, मोटर कॉर्टेक्स और हिप्पोकैम्पस) सक्रिय होते हैं, तो सिनैप्टिक प्लास्टिसिटी और तंत्रिका मार्ग साझाकरण के कारण सकारात्मक स्थानांतरण संभव होता है। 'न्यूरो-ट्रांसफर ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' इसी आधार पर प्राथमिक कक्षाओं में व्यावहारिक और प्रासंगिक शिक्षण डिजाइन करने पर बल देती है ताकि छात्र आसानी से ज्ञान को वास्तविक जीवन में लागू कर सकें। अतः विकल्प (b) सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है।
Share:

Related Questions

→ उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, चट्टानी संरचनाओं और खनिज संसाधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र) में मिलने वाली प्राचीन चट्टानें मुख्य रूप से आर्कियन (Archaean) युग की नाइस (Gneiss) और ग्रेनाइट चट्टानें हैं, जो भूगर्भीय दृष्टि से प्रायद्वीपीय भारत का ही उत्तरी विस्तार हैं। 2. मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों में पाई जाने वाली 'ककराज' (Kankar) और 'विंध्ययन बलुआ पत्थर' (Vindhyan Sandstone) का उपयोग भवन निर्माण और संगमरमर जैसी टाइल्स के निर्माण में बड़े पैमाने पर किया जाता है, और यहीं देश का प्रमुख चूना पत्थर (Limestone) भंडार भी स्थित है। 3. उत्तर प्रदेश में यूरेनियम के सीमित भंडार केवल ललितपुर जिले में पाए जाते हैं, जबकि कोयला संसाधनों का प्रमुख भंडार सोनभद्र जिले के सिंगरौली क्षेत्र में स्थित है। 4. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में लौह अयस्क (Iron Ore) और तांबा (Copper) के बड़े औद्योगिक निक्षेप पाए जाते हैं, जिनके दोहन के लिए राज्य सरकार ने हाल ही में खनन नीतियां बनाई हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गुइफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'संक्रियाएँ, विषयवस्तु और उत्पाद' (Operations, Contents, and Products) के त्रि-आयामी वर्गीकरण के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), 'इंफीरियर टेम्पोरल कॉर्टेक्स' (Inferior Temporal Cortex) और 'डॉर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex) के बीच संवेदी सूचना प्रसंस्करण, प्रतीकात्मक रूपांतरण और अमूर्त तार्किक उत्पादन की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) द्वारा प्रतिपादित 'त्रितंत्र बुद्धि सिद्धांत' (Triarchic Theory: घटकीय, अनुभवात्मक और सांदर्भिक बुद्धि) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान और संज्ञानात्मक संवर्धन शिक्षाशास्त्र (Cognitive Enhancement Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुआयामी बौद्धिक क्षमताओं, विश्लेषणात्मक व व्यावहारिक कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान (Scaffolding)' की अवधारणाओं का सबसे सटीक और व्यावहारिक शैक्षणिक निहितार्थ निम्नलिखित में से क्या है? → उत्तर प्रदेश की 'चित्रकला, वास्तुकला और ऐतिहासिक स्मारकों' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के जौनपुर में स्थित 'अटाला मस्जिद' का निर्माण शर्की वंश के सुल्तान इब्राहिम शाह शर्की द्वारा वर्ष 1408 में करवाया गया था, जो अपनी विशिष्ट 'अतर्की' शैली और बिना मीनारों के विशाल प्रवेश द्वार (प्रपायलॉन) के लिए प्रसिद्ध है। 2. उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी स्थित 'बुलंद दरवाजा' का निर्माण सम्राट अकबर ने गुजरात विजय (1572) के उपलक्ष्य में करवाया था, जो लाल बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर के सुंदर सम्मिश्रण से बनी मुगल वास्तुकला की एक उत्कृष्ट कृति है। 3. उत्तर प्रदेश के सारनाथ में स्थित अशोक स्तंभ के शीर्ष पर बनी चार एशियाई सिंहों की आकृतियाँ 'मौर्यकालीन वास्तुकला' का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिसे पॉलिश किए गए चुनार के बलुआ पत्थर से तराश कर बनाया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? → उत्तर प्रदेश के खनिज संसाधनों, उनके प्राप्ति स्थलों और उद्योग-धंधों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में देश के सबसे बड़े स्वर्ण भंडार होने के साथ-साथ राज्य का प्रमुख चूना पत्थर, कोयला और नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। 2. मिर्जापुर जिले का कछवां क्षेत्र और सोनभद्र का चुर्क एवं डाला क्षेत्र सीमेंट उद्योग के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है, क्योंकि यहाँ सीमेंट निर्माण के लिए आवश्यक कच्चा माल यानी चूना पत्थर आसानी से उपलब्ध है। 3. उत्तर प्रदेश में 'यूरेनियम' का एकमात्र भंडार ललितपुर जिले में पाया जाता है, जबकि 'डोलमाइटर' के प्रमुख निक्षेप बांदा और मिर्जापुर जिलों में स्थित हैं। 4. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य की पहली खनिज नीति वर्ष 1998 में घोषित की गई थी, जिसके तहत खनिज बहुल जिलों को 'औद्योगिक जिले' के रूप में घोषित कर खनिज विकास को बढ़ावा दिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.