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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और विशिष्ट आवश्यकता वाले बालक' (Inclusive Education and Children with Special Needs) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर' (ASD - Autism Spectrum Disorder) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (Mirror Neuron System), 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्काई' (Superior Temporal Sulcus), और 'इंसुला' (Insula) के बीच सामाजिक-संज्ञानात्मक प्रसंस्करण (Social-Cognitive Processing), अनुकरण की कमी, और मानसिक क्षमता (Theory of Mind) की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की के 'सामाजिक-सांस्कृतिक मध्यस्थता' सिद्धांतों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ऑटिज्म ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Autism Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सामाजिक-संचार कौशल, पीयर-मीडिएटेड हस्तक्षेप रणनीतियों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) एक न्यूरो-डेलवपमेंटल विकार है जो मुख्य रूप से सामाजिक अंतःक्रिया, संचार कौशल और दोहराए जाने वाले व्यवहारों को प्रभावित करता है। न्यूरो-संज्ञानात्मक शोध से यह स्पष्ट होता है कि मस्तिष्क का 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (MNS) और 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्काई' (STS) सामाजिक संज्ञान और अनुकरण (Imitation) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ASD से ग्रसित बालकों में इन तंत्रिका नेटवर्क (Neural Networks) की सक्रियता में भिन्नता पाई जाती है, जिससे उन्हें 'थ्योरी ऑफ माइंड' (दूसरों के दृष्टिकोण को समझना) में कठिनाई होती है। हालांकि, मस्तिष्क की 'न्यूरो-प्लास्टिसिटी' (Neuroplasticity) के सिद्धांत के आधार पर, संरचित शिक्षण (जैसे TEACCH कार्यक्रम), पीयर-मीडिएटेड हस्तक्षेप और बहुसंवेदी रणनीतियों का उपयोग करके इन बालकों में सामाजिक-संचार कौशल और समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता का सफलतापूर्वक संवर्धन किया जा सकता है। अतः विकल्प (a) सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, नदियों और उनके उद्गम स्थलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'यमुना नदी' उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के पास 'कालिंद्री' नामक स्थान (वास्तव में यमुनोत्री ग्लेशियर) से राज्य में प्रवेश करती है, तथा यह राज्य के कई जिलों से बहते हुए प्रयागराज में गंगा नदी से मिल जाती है।
2. 'शारदा नदी' (जिसे महाकाली भी कहा जाता है) का उद्गम उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में मिलाम ग्लेशियर से होता है, और यह उत्तर प्रदेश में पीलीभीत जिले के पास प्रवेश करती है।
3. 'गंडक नदी' का उद्गम नेपाल हिमालय से होता है, तथा यह उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर जिलों की सीमा के पास प्रवाहित होते हुए आगे चलकर बिहार के सोनपुर में गंगा नदी में मिल जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'किशोरावस्था में संवेग और तनावरहित विकास (Adolescent Emotions and Stress-free Development) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, स्टेनलेस हॉल (G. Stanley Hall) द्वारा प्रतिपादित 'तूफान और तनाव का सिद्धांत' (Storm and Stress Theory) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System, विशेषकर अमिग्डाला) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के विकास में असंतुलन, जो भावनात्मक अति-प्रतिक्रियाशीलता (Emotional Hyper-reactivity) और जोखिम-लेने वाले व्यवहार (Risk-taking Behavior) को जन्म देता है, की सक्रियण गतिकी, तथा एरिक्सन (Erik Erikson) के 'मनोसामाजिक विकास के चरण' (पहचान बनाम भूमिका भ्रम - Identity vs. Role Confusion) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व माध्यमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, परामर्श रणनीतियों (Counseling Strategies) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक संतुलन व सकारात्मक स्व-संकल्पना के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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बुद्धि के त्रि-आयामी सिद्धांत (Three-Dimensional Theory of Intelligence) के प्रतिपादक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) के अनुसार, बौद्धिक योग्यताओं या आयामों के कुल घटकों की संख्या प्रारंभिक रूप से कितनी थी, जिन्हें बाद में संशोधित करके बढ़ाया गया?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता और divergent thinking' (Creativity and Divergent Thinking) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जोसफ गिल्फोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन के आयाम' (फ्लेक्सिबिलिटी, फ्लुएंसी, ओरिजिनलिटी और एलैबोरेशन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'एक्सेक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (Executive Control Network - ECN), और 'सेलियंट नेटवर्क' (Salience Network) के बीच वैचारिक लचीलेपन, अंतर्दृष्टि (Insight Generation), और नवीनता प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) के 'पार्श्वीय चिंतन' (Lateral Thinking) मॉडल के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में समस्या-समाधान कौशल, मुक्त-अंत वाले प्रश्नों (Open-ended Questions) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम में 'पारिस्थितिकीय पिरामिड' (Ecological Pyramids) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संख्या का पिरामिड (Pyramid of Numbers) अधिकांश जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में उलटा (Inverted) होता है, क्योंकि यहाँ प्राथमिक उत्पादकों (पादपप्लवक) की संख्या उपभोक्ताओं (मछलियों) की तुलना में बहुत कम होती है।
2. ऊर्जा का पिरामिड (Pyramid of Energy) सदैव सीधा (Upright) बनता है, क्योंकि ऊर्जा का प्रवाह एकपोषीय स्तर से दूसरे पोषक स्तर पर जाने पर हमेशा घटता जाता है और लिंडमैन के 'दस प्रतिशत नियम' (10% Law) के अनुसार ऊर्जा का ह्रास होता है।
3. जैवभार का पिरामिड (Pyramid of Biomass) तालाब या जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में हमेशा सीधा होता है, क्योंकि जलीय जीवों का कुल शुष्क भार ऊपर के trophic levels की ओर बढ़ते हुए लगातार बढ़ता जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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