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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिल्फ़र्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि संरचना मॉडल' (Operations, Contents, and Products: कुल 150/180 घटक) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), और 'टेम्पोरल कॉर्टेक्स' (Temporal Cortex) के बीच सूचना प्रसंस्करण (Information Processing), श्रेणीबद्ध वर्गीकरण (Categorization), और संक्रियात्मक लचीलेपन की सक्रियण गतिकी, तथा चार्ल्स स्पीयरमैन के 'द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Intelligence Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहु-आयामी बौद्धिक कौशल, विश्लेषणात्मक व व्यावहारिक चिंतन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जे.पी. गिल्फ़र्ड (J.P. Guilford) का बुद्धि का त्रिआयामी सिद्धांत (Structure of Intellect - SOI Model) बुद्धि को तीन आयामों—संक्रियाओं (Operations), विषय-वस्तु (Contents), और उत्पादों (Products)—के रूप में वर्गीकृत करता है। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, यह मॉडल मस्तिष्क के डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (Dorsolateral Prefrontal Cortex) और पैरिएटल लोब जैसे उच्च-स्तरीय कार्यकारी नियंत्रण केंद्रों के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है, जो सूचना के प्रसंस्करण, श्रेणीबद्ध वर्गीकरण और संज्ञानात्मक लचीलेपन को संचालित करते हैं। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में, यह दृष्टिकोण विद्यार्थियों में बहु-आयामी बौद्धिक क्षमताओं, विश्लेषणात्मक व सृजनात्मक चिंतन के संवर्धन में 'न्यूरो-इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' के माध्यम से अत्यधिक प्रभावी सिद्ध होता है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सामाजिक अध्ययन' के अंतर्गत 'प्राचीन भारतीय इतिहास और महाजनपद काल' के संदर्भ में, बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' और जैन ग्रंथ 'भगवती सूत्र' में उल्लिखित 'षोडश महाजनपद' (16 महाजनपदों) में से वर्तमान उत्तर प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रमुख महाजनपदों (जैसे कुरु, पांचाल, मल्ल, काशी, कोशल, वत्स और सूरसेन) की राजधानियों (क्रमशः इंद्रप्रस्थ, अहिच्छत्र/कामपिल्य, कुशीनगर/पावा, वाराणसी, श्रावस्ती/अयोध्या, कौशाम्बी, और मथुरा) के पुरातात्विक साक्ष्यों, राजनीतिक संरचनाओं, तथा महाजनपद कालीन 'गणसंघ' (जैसे पवा और कुशीनगर के मल्ल, एवं कपिलवस्तु के शाक्य) की लोकतांत्रिक शासन प्रणालियों और राजतंत्रात्मक प्रणालियों के तुलनात्मक अध्ययन के वैधानिक, ऐतिहासिक तथा शैक्षणिक निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव विहारों (Wildlife Sanctuaries) और उनकी अवस्थिति वाले जिलों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. 'चंद्र प्रभा वन्यजीव विहार' - चंदौली जिला (स्थापना वर्ष: 1957, यह उत्तर प्रदेश का सबसे पहला वन्यजीव विहार है।)
2. 'हस्तिनापुर वन्यजीव विहार' - मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और गाजियाबाद जिलों में फैला हुआ (यह राज्य का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है।)
3. 'किशनपुर वन्यजीव विहार' - लखीमपुर खीरी जिला (यह दुधवा टाइगर रिजर्व का हिस्सा है और दलदली हिरون व बारहसिंगा के लिए प्रसिद्ध है।)
4. 'कैटर्नीयाघाट वन्यजीव विहार' - बहराइच जिला (यह नेपाल की सीमा के पास स्थित है और यहाँ घड़ियाल तथा मगरमच्छ का प्राकृतिक संरक्षण किया जाता है।)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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उत्तर प्रदेश की प्रमुख जनजातियों (Tribes) और उनकी निवास बहुलता वाले जिलों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. 'थारू जनजाति' - महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और खीरी जिलों (विशेष रूप से तराई क्षेत्र) में निवास करती है, और यह दीपावली को 'शोक पर्व' के रूप में मनाती है।
2. 'बुक्सा (बोक्सा) जनजाति' - बिजनौर और आगरा जिलों में मुख्य रूप से पाई जाती है, जो अनुलोम-प्रतिलोम विवाह प्रणालियों और पटवारी व्यवस्था जैसी पारंपरिक पंचायतों को मानती है।
3. 'جونसारी' (जौनसारी) और 'राजी जनजाति' - मुख्य रूप से ललितपुर और महोबा जिलों में पाई जाने वाली अनुसूचित जनजातियाँ हैं, जो कृषि और वन उत्पादों पर निर्भर हैं।
4. 'खरवार जनजाति' - मुख्य रूप से सोनभद्र, बलिया और देवरिया जिलों में पाई जाती है, जो मूल रूप से वीर और क्षत्रिय वंशज होने का दावा करती है और कर्मा इनका प्रमुख नृत्य है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और राष्ट्रीय पार्कों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में स्थित 'पीलीभीत टाइगर रिजर्व' को वर्ष 2020 में प्रतिष्ठित 'TX2' अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, क्योंकि इस अभयारण्य ने मात्र चार वर्षों के भीतर बाघों की संख्या को दोगुना (14 से बढ़ाकर लगभग 65) कर दिया था।
2. 'चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य' उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में स्थित राज्य का सबसे पुराना वन्यजीव अभयारण्य है, जिसकी स्थापना वर्ष 1957 में एशियाई शेरों के पुनरुत्पादन और संरक्षण के उद्देश्य से की गई थी।
3. 'हस्तिनापुर वन्यजीव अभयारण्य' उत्तर प्रदेश का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य है, जो मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा और गाजियाबाद जिलों तक फैला हुआ है और यहाँ मुख्य रूप से दलदली हिरण (बारासिंगा) व गंगा डॉल्फिन का संरक्षण किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों, मेलों और सांस्कृतिक उत्सवों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. ख्याल नृत्य - बुंदेलखंड क्षेत्र (यह नृत्य पुत्र जन्मोत्सव के अवसर पर रंगबिरंगे कागजों और बांसों से मंदिरनुमा प्रतिकृतियां सिर पर रखकर किया जाता है)
2. पाई-डंडा नृत्य - पूर्वांचल क्षेत्र (यह नृत्य गुजरात के डांडिया नृत्य के समान होता है, जिसमें अहीर समुदाय के लोग लाठियों और डंडों के साथ युद्ध कला का प्रदर्शन करते हैं)
3. चरकुला नृत्य - ब्रज क्षेत्र (यह एक घड़ा नृत्य है, जिसमें रथ के पहिये पर 108 दीपों को रखकर सिर पर संतुलित किया जाता है और यह नृत्य राधा-कृष्ण की आराधना में किया जाता है)
4. कर्मा नृत्य - सोनभद्र और मिर्जापुर क्षेत्र (यह खरवार और गोंड जनजातियों द्वारा फसल कटाई और प्रकृति पूजा के अवसर पर किया जाने वाला एक पारंपरिक लोक नृत्य है)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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