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उत्तर प्रदेश की प्रमुख जनजातियों (Tribes) और उनकी निवास बहुलता वाले जिलों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. 'थारू जनजाति' - महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और खीरी जिलों (विशेष रूप से तराई क्षेत्र) में निवास करती है, और यह दीपावली को 'शोक पर्व' के रूप में मनाती है। 2. 'बुक्सा (बोक्सा) जनजाति' - बिजनौर और आगरा जिलों में मुख्य रूप से पाई जाती है, जो अनुलोम-प्रतिलोम विवाह प्रणालियों और पटवारी व्यवस्था जैसी पारंपरिक पंचायतों को मानती है। 3. 'جونसारी' (जौनसारी) और 'राजी जनजाति' - मुख्य रूप से ललितपुर और महोबा जिलों में पाई जाने वाली अनुसूचित जनजातियाँ हैं, जो कृषि और वन उत्पादों पर निर्भर हैं। 4. 'खरवार जनजाति' - मुख्य रूप से सोनभद्र, बलिया और देवरिया जिलों में पाई जाती है, जो मूल रूप से वीर और क्षत्रिय वंशज होने का दावा करती है और कर्मा इनका प्रमुख नृत्य है। उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?

Detailed Explanation

युग्म 1 सही है: थारू जनजाति उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों (विशेषकर महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, खीरी, बहराइच) में निवास करती है और यह दीपावली के त्यौहार को शोक पर्व के रूप में मनाती है। युग्म 2 सही है: बुक्सा या बोक्सा जनजाति मुख्य रूप से बिजनौर जिले में बहुतायत में पाई जाती है और इनकी अपनी सामाजिक पंचायत व्यवस्था होती है। युग्म 3 गलत है: जौनसारी और राजी जनजातियाँ मुख्य रूप से उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों (तथा उत्तर प्रदेश के विभाजन से पहले के पर्वतीय जिलों) में पाई जाती हैं, न कि ललितपुर और महोबा में (ललितपुर में सौर और भरारी जैसी जनजातियाँ मिलती हैं)। युग्म 4 सही है: खरवार जनजाति मुख्य रूप से सोनभद्र, देवरिया, बलिया और गाजीपुर जिलों में पाई जाती है, और 'कर्मा' इनका एक बहुत ही प्रसिद्ध लोकनृत्य है।
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