त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
उत्तर प्रदेश की प्रमुख जनजातियों (Tribes) और उनकी निवास बहुलता वाले जिलों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. 'थारू जनजाति' - महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और खीरी जिलों (विशेष रूप से तराई क्षेत्र) में निवास करती है, और यह दीपावली को 'शोक पर्व' के रूप में मनाती है। 2. 'बुक्सा (बोक्सा) जनजाति' - बिजनौर और आगरा जिलों में मुख्य रूप से पाई जाती है, जो अनुलोम-प्रतिलोम विवाह प्रणालियों और पटवारी व्यवस्था जैसी पारंपरिक पंचायतों को मानती है। 3. 'جونसारी' (जौनसारी) और 'राजी जनजाति' - मुख्य रूप से ललितपुर और महोबा जिलों में पाई जाने वाली अनुसूचित जनजातियाँ हैं, जो कृषि और वन उत्पादों पर निर्भर हैं। 4. 'खरवार जनजाति' - मुख्य रूप से सोनभद्र, बलिया और देवरिया जिलों में पाई जाती है, जो मूल रूप से वीर और क्षत्रिय वंशज होने का दावा करती है और कर्मा इनका प्रमुख नृत्य है। उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
युग्म 1 सही है: थारू जनजाति उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों (विशेषकर महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, खीरी, बहराइच) में निवास करती है और यह दीपावली के त्यौहार को शोक पर्व के रूप में मनाती है। युग्म 2 सही है: बुक्सा या बोक्सा जनजाति मुख्य रूप से बिजनौर जिले में बहुतायत में पाई जाती है और इनकी अपनी सामाजिक पंचायत व्यवस्था होती है। युग्म 3 गलत है: जौनसारी और राजी जनजातियाँ मुख्य रूप से उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों (तथा उत्तर प्रदेश के विभाजन से पहले के पर्वतीय जिलों) में पाई जाती हैं, न कि ललितपुर और महोबा में (ललितपुर में सौर और भरारी जैसी जनजातियाँ मिलती हैं)। युग्म 4 सही है: खरवार जनजाति मुख्य रूप से सोनभद्र, देवरिया, बलिया और गाजीपुर जिलों में पाई जाती है, और 'कर्मा' इनका एक बहुत ही प्रसिद्ध लोकनृत्य है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास का सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के तीन स्तर और छह चरण' (पूर्व-पारंपरिक, पारंपरिक, और उत्तर-पारंपरिक स्तर) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Ventromedial Prefrontal Cortex - vmPFC), 'एंटीरियर सिंग्युलेट कॉर्टेक्स' (ACC), और 'इंसुला' (Insula) के बीच सामाजिक-संवेगात्मक सहानुभूति (Empathy), नैतिक दुविधा प्रसंस्करण (Moral Dilemma Processing), और आवेग नियमन की सक्रियण गतिकी, तथा कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) के 'नैतिक विकास के देखभाल परिप्रेक्ष्य' (Ethic of Care) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मॉरल वैल्यूड पेडागोजी' (Neuro-Moral Valued Pedagogy) और विद्यार्थियों में नैतिक तर्क, समानुभूतिपूर्ण व्यवहार व समग्र चरित्र निर्माण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के सामाजिक-सांस्कृतिक और निर्मितिवादी सिद्धांतों' के संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'एक्सेक्यूटीव नेटवर्क' (Executive Network) और 'लैंग्वेज नेटवर्क' की सहयोगात्मक सक्रियण प्रक्रिया, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'मचान या पाड़' (Scaffolding) की अवधारणा के अंतर्गत 'अस्थायी सहायता और क्रमिक विलोपन' (Fading) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक स्वायत्तता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, भौतिक विभाजनों और उनके विशिष्ट लक्षणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का मैदानी भाग (गंगा-यमुना का मैदान) मुख्य रूप से जलोढ़ (Alluvial) निक्षेपों से निर्मित है, जिसे स्थानीय रूप से 'काँप मिट्टी' भी कहा जाता है, और इसका ढाल उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर है।
2. उत्तर प्रदेश के दक्षिण में स्थित पठारी क्षेत्र (जिसे बुंदेलखंड का पठार कहा जाता है) प्रायद्वीपीय पठार का ही उत्तर की ओर फैला हुआ हिस्सा है, जो प्राचीन विंध्यन क्रम की चट्टानों से बना है तथा यहाँ की मुख्य नदियाँ चंबल, बेतवा और केन हैं।
3. तराई क्षेत्र शिवालिक पहाड़ियों के ठीक दक्षिण में स्थित एक संकीर्ण, नम और दलदली पट्टी है, जहाँ भूमिगत नदियाँ प्रकट होती हैं और यह क्षेत्र घने जंगलों तथा लम्बे 'तलाई' घासों के लिए जाना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं ऐतिहासिक संदर्भ में 'बुंदेलखंड पठार' की विशेषताओं और वहाँ की प्रमुख नदियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बुंदेलखंड का पठारी क्षेत्र प्राचीन गोंडवाना लैंड का हिस्सा है, जो उत्तर में यमुना नदी, दक्षिण में विंध्य श्रेणी, पश्चिम में बेतवा नदी और पूर्व में केन नदी से घिरा हुआ है।
2. इस क्षेत्र की प्रमुख नदियाँ जैसे चंबल, बेतवा, केन और टोंस नदियाँ उत्तर की ओर बहते हुए यमुना या गंगा में मिलती हैं, और ग्रीष्मकाल में इनमें जल की भारी कमी हो जाती है क्योंकि ये मौसमी (Non-perennial) नदियाँ हैं।
3. बुंदेलखंड क्षेत्र की प्रमुख मिट्टियों में 'मार', 'भाबर', 'रड़ुआ' और 'पैंडुआ' शामिल हैं, जो कृषि की दृष्टि से अत्यधिक उपजाऊ होती हैं और यहाँ बिना किसी सिंचाई के धान की सघन खेती की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'हावर्ड गार्डनर के बहुबुद्धि सिद्धांत' (Multiple Intelligences Theory) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, गार्डनर द्वारा प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence: प्राकृतिक पैटर्न, जीव-जंतुओं और वनस्पतियों का वर्गीकरण और पर्यावरणीय संवेदनशीलता) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब के विजुअल-स्पेशियल प्रोसेसिंग क्षेत्र' (Parietal Lobe - पर्यावरणीय दृश्यों और स्थानिक पैटर्न का विश्लेषण), 'इंसुला और प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Insula & Prefrontal Cortex - पर्यावरणीय संवेदनाओं, वर्गीकरण और संज्ञानात्मक निर्णय), और 'टेंपोरल लोब के मेमोराइजेशन सर्किट' (Temporal Lobe - जैविक और प्राकृतिक डेटा का दीर्घकालिक भंडारण) के बीच विजुअल-स्पेशियल इंटीग्रेशन, सिनेप्टिक प्लास्टिसिटी, और पारिस्थितिक तंत्रिका नेटवर्क (Ecological Neural Networks) की सक्रियण गतिकी, तथा डेनियल गोलमैन के 'संवेगात्मक बुद्धि' (Emotional Intelligence) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-नेचुरलिस्टिक ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Naturalistic Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में पर्यावरणीय जागरूकता, पैटर्न पहचान व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.