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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता और शिक्षण विधियाँ' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जोए गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: तरलता, लचीलापन, मौलिकता और विस्तार) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC), और 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN) के बीच कार्यकारी नियंत्रण, संज्ञानात्मक लचीलेपन, और स्वतःस्फूर्त विचार उत्पादन (Spontaneous Idea Generation) की सक्रियण गतिकी, तथा एलिस पॉल टोरेंस (E. Paul Torrance) के 'टोरेंस परीक्षण ऑफ़ क्रिएटिव थिंकिंग' (TTCT) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में नवीन समस्या-समाधान रणनीतियों, मस्तिष्क उद्वेलन (Brainstorming) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
स्पष्टीकरण: सही उत्तर विकल्प (a) है। न्यूरो-संज्ञानात्मक शोध के अनुसार, सृजनात्मकता और अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) में मस्तिष्क का 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (DMN - जो दिवास्वप्न और स्वतःस्फूर्त विचार से जुड़ा है) और 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC - जो कार्यकारी नियंत्रण और मूल्यांकन से जुड़ा है) के बीच सहयोगात्मक सक्रियण होता है। यह द्वंद्वात्मक संतुलन विचारों की मौलिकता, लचीलेपन और टोरेंस परीक्षण (TTCT) के मानदंडों को पूरा करने में मदद करता है। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' इसी तंत्र का उपयोग करके बच्चों में समस्या-समाधान और बहुआयामी चिंतन का विकास करती है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायु संदर्भ में, राज्य की वर्षा ऋतु और मानसून की सक्रियता के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की बंगाल की खाड़ी वाली शाखा मुख्य रूप से पूर्वी तराई और उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्रों में अधिक वर्षा करती है, तथा जैसे-जैसे यह मानसून पूर्व से पश्चिम की ओर तथा उत्तर से दक्षिण की ओर बढ़ता है, वर्षा की मात्रा में धीरे-धीरे कमी आती जाती है।
2. राज्य में होने वाली कुल वार्षिक वर्षा का लगभग 75% से 80% भाग केवल वर्षा ऋतु (जून से सितंबर) के दौरान ही प्राप्त होता है, जबकि शेष शीतकाल में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) के कारण होने वाली वर्षा रबी की फसलों (विशेषकर गेहूँ) के लिए अत्यंत लाभदायक होती है।
3. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी और बुंदेलखंड क्षेत्र में मानसूनी वर्षा का औसत राज्य के अन्य भागों की तुलना में सबसे अधिक दर्ज किया जाता है, क्योंकि यह क्षेत्र विंध्यन पहाड़ियों के अत्यधिक निकट स्थित होने के कारण मानसून बादलों को पूर्ण रूप से रोक लेता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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कोह्लबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के संदर्भ में, 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले दोनों चरणों की मुख्य विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) और रॉबर्ट वुडवर्थ (Robert Woodworth) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements), चार्ल्स जुड (Charles Judd) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization), तथा विलियम बैगले (William Bagley) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्य और विशिष्ट उद्देश्यों का सिद्धांत' के वैज्ञानिक स्वरूप तथा 'द्विपक्षीय स्थानांतरण' (Bilateral Transfer) के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के पठार' (Plateaus of Learning) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक सवैन (Sabine) तथा एल.एस. होलिंगवर्थ (L.S. Hollingworth) द्वारा प्रतिपादित 'पठार निर्माण के प्रमुख कारणों' (जैसे—थकान, अभिप्रेरणा की कमी, रुचि का अभाव, जटिल विषय-वस्तु, और अनुचित शिक्षण विधियाँ) के वैज्ञानिक स्वरूप तथा इनसे उबरने के उपायों (जैसे—शिक्षार्थी की रुचि जागृत करना, नवीन विधियों का प्रयोग करना, और विश्राम देना) के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, भूगर्भिक संरचना और प्रमुख खनिज संसाधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 2,40,928 वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 7.33% है और क्षेत्रफल की दृष्टि से यह देश का चौथा (राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद) सबसे बड़ा राज्य है।
2. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड और बघेलखंड का पठार) में भूगर्भिक दृष्टि से सबसे प्राचीन चट्टानें पाई जाती हैं, और इस क्षेत्र में राज्य के प्रमुख खनिज जैसे डायमंड (बांदा/मिर्जापुर), नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले, पोटाश लवण और चूना पत्थर (सोनभद्र के कजरी और गुरमा क्षेत्र) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
3. राज्य में भूगर्भिक संरचना की दृष्टि से उत्तरी भाग में स्थित 'भाबर और तराई' क्षेत्र में महीन जलोढ़ मृदा तथा दलदली भूमि पाई जाती है, जहाँ प्राचीन गोंडवाना लैंड की विंध्यन क्रम की चट्टानों से बड़े पैमाने पर संगमरमर और यूरेनियम का खनन किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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