BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
1 views

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के पठार' (Plateaus of Learning) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक सवैन (Sabine) तथा एल.एस. होलिंगवर्थ (L.S. Hollingworth) द्वारा प्रतिपादित 'पठार निर्माण के प्रमुख कारणों' (जैसे—थकान, अभिप्रेरणा की कमी, रुचि का अभाव, जटिल विषय-वस्तु, और अनुचित शिक्षण विधियाँ) के वैज्ञानिक स्वरूप तथा इनसे उबरने के उपायों (जैसे—शिक्षार्थी की रुचि जागृत करना, नवीन विधियों का प्रयोग करना, और विश्राम देना) के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

अधिगम के पठार (Plateaus of Learning) अधिगम प्रक्रिया के दौरान आने वाले वे अस्थायी ठहराव या क्षैतिज बिंदु हैं जहाँ सीखने की मात्रा या निष्पादन में कोई प्रगति नहीं दिखाई देती है। इसके मुख्य कारणों में मानसिक थकान, अभिप्रेरणा की कमी, विषय-वस्तु की अत्यधिक जटिलता, पुरानी शिक्षण विधियों का बार-बार प्रयोग और रुचि का अभाव शामिल हैं। यह इस बात का प्रमाण नहीं है कि बालक की बुद्धि या क्षमता समाप्त हो गई है, बल्कि यह सीखने की प्रक्रिया में अवरोध का संकेत देता है। इसे उचित शिक्षण विधियों में परिवर्तन करके, विश्राम देकर, और शिक्षार्थी को प्रेरित करके (Reinforcement & Motivation) दूर किया जा सकता है। अतः विकल्प (b) इस संदर्भ में सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
Share:

Related Questions

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा' (Motivation) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक डेविड मैक्लीलैंड (David McClelland) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता सिद्धांत' (Needs Theory / Achievement Motivation Theory) में निम्नलिखित में से किस त्रिविध आवश्यकताओं (Triad of Needs) का उल्लेख किया गया है, जो मानव व्यवहार और सीखने की प्रक्रिया को गहराई से प्रभावित करती हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियां' (Learning Styles) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक डेविड कोल्ब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित ' experiential learning theory' (अनुभवात्मक अधिगम चक्र) में चार मुख्य चरण होते हैं- ठोस अनुभव, विचारशील अवलोकन, मूर्त अवधारणा और सक्रिय प्रयोग। यदि कोई शिक्षार्थी 'कन्वर्जेंट' (Convergent - अभिसारी) अधिगम शैली से युक्त है, तो वह कोल्ब के चक्र के किन दो चरणों के संयोजन का सबसे अधिक उपयोग करके समस्याओं का समाधान करेगा? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और डिस्केलकुलिया (Dyscalculia - गणना वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, स्टैनिस्लास डीहेन (Stanislas Dehaene) द्वारा प्रतिपादित 'ट्रिपल-कोड मॉडल' (Triple-Code Model: जिसमें दृश्य 'अरेबिक नंबर फॉर्म', श्रव्य 'वर्बल वर्ड फॉर्म', और अमूर्त 'मैग्नीफ्यूड एनलॉग रिप्रेजेंटेशन' शामिल हैं) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'इंट्रापैरीएटल सर्कस' (Intraparietal Sulcus - IPS), 'फूसीफॉर्म ग्यारस' (Fusiform Gyrus) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच संख्यात्मक प्रसंस्करण, मात्रात्मक आकलन और स्थानिक-संख्यात्मक एसोसिएशन की सक्रियण विसंगति, तथा ब्रायन बटरवर्थ (Brian Butterworth) द्वारा प्रतिपादित 'कोर नंबर सेंस हाइपोथेसिस' (Core Number Sense Hypothesis) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मल्टीसेंसरी न्यूमैरिकल मैपिंग शिक्षाशास्त्र (Multisensory Numerical Mapping Pedagogy) और विद्यार्थियों में गणितीय प्रवाह, स्थानिक समझ व समग्र संख्यात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियाँ और कॉग्निटिव स्टाइल्स' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हरमन विटकिन (Herman Witkin) द्वारा प्रतिपादित 'क्षेत्र-स्वतंत्र और क्षेत्र-आश्रित संज्ञानात्मक शैली' (Field-Independent and Field-Dependent Cognitive Styles) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'विजुअल-स्पेशियल नेटवर्क' (Visual-Spatial Network: विशेष रूप से दाहिना पैरिएटल लोब), 'डॉर्मोलेटेरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), और 'वेंट्रल विजुअल पाथवे' के बीच विश्लेषणात्मक अमूर्त प्रसंस्करण, वैश्विक प्रासंगिकता और बाहरी विधाओं से स्वतंत्रता की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड कोल्ब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle: मूर्त अनुभव, चिंतनशील अवलोकन, अमूर्त अवधारणा और सक्रिय प्रयोग) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विभेदित अनुभवात्मक शिक्षाशास्त्र (Differentiated Experiential Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक लचीलेपन, समस्या-समाधान अनुकूलन व समग्र वैचारिक समझ के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं सांस्कृतिक संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा युग्म 'जिला' और वहाँ मनाए जाने वाले पारंपरिक 'लोक-उत्सव या मेले' के दृष्टिकोण से सुमेलित नहीं है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.