त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की विधियां एवं शिक्षण अधिगम प्रक्रिया' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, डेविड कोल्ब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'प्रायोगिक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle: मूर्त अनुभव, चिंतनशील अवलोकन, अमूर्त अवधारणा और सक्रिय प्रयोग) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'संवेदी-मोटर कॉर्टेक्स' (Sensory-Motor Cortex), 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC) के बीच संवेदी सूचना एकीकरण, स्मृति समेकन (Memory Consolidation), और कार्यकारी योजना की सक्रियण गतिकी, तथा डोनाल्ड शॉन (Donald Schön) के 'चिंतनशील अभ्यास' (Reflective Practice: Reflection-in-action और Reflection-on-action) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-एक्सपीरियंसल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Experiential Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में अनुभवात्मक अधिगम, आत्म-मूल्यांकन क्षमता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डेविड कोल्ब का 'प्रायोगिक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) अनुभवात्मक अधिगम का एक प्रमुख मॉडल है। जब शिक्षार्थी मूर्त अनुभव प्राप्त करता है, तो संवेदी-मोटर कॉर्टेक्स सक्रिय होता है; चिंतनशील अवलोकन के दौरान 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (DMN) और हिप्पोकैम्पस आंतरिक चिंतन और स्मृति समेकन में मदद करते हैं; अमूर्त अवधारणा और सक्रिय प्रयोग के चरण में 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) कार्यकारी नियंत्रण और योजना का संचालन करता है। डोनाल्ड शॉन का 'चिंतनशील अभ्यास' (Reflective Practice) इस प्रक्रिया को और गहन बनाता है। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में यह न्यूरो-एक्सपीरियंसल पेडागोजी विद्यार्थियों को करके सीखने, संज्ञानात्मक लचीलेपन और समग्र विकास का अवसर प्रदान करती है। अतः विकल्प 'a' सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश के बजट और आर्थिक संरचना के संदर्भ में, राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत 'उत्तर प्रदेश मिलेट पुनरुद्धार कार्यक्रम' (UP Millets Revitalization Programme) का मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित में से क्या है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'उत्तर प्रदेश के इतिहास और वास्तुकला' के संदर्भ में, जौनपुर के शर्की वंश (Sharqi Dynasty) द्वारा निर्मित स्थापत्य कला की विशिष्ट विशेषताओं, विशेषकर 'अताला मस्जिद' (Atala Masjid - इब्राहीम शाह शर्की द्वारा 1408 ईस्वी में निर्मित) की संरचना, जिसमें पारंपरिक इस्लामी गुंबदों के साथ-साथ हिंदू और बौद्ध वास्तुकला के प्रभावों (जैसे विशाल ढलान वाले खंभे, स्तंभों पर आधारित मण्डप, और बिना मीनारों के भव्य महाद्वार या 'प्रोपाइलन' शैली) का समावेश है, तथा इस स्थापत्य कला के संरक्षण व सांस्कृतिक समागम के ऐतिहासिक एवं pedagogical निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों, विश्वविद्यालयों और उनकी स्थापना के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. इलाहाबाद विश्वविद्यालय (Allahabad University) - प्रयागराज (स्थापना वर्ष: 1887)
2. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) - वाराणसी (स्थापना वर्ष: 1916)
3. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) - अलीगढ़ (स्थापना वर्ष: 1920)
4. संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGIMS) - लखनऊ (स्थापना वर्ष: 1975)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-कौन से सही सुमेलित हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियाँ (Learning Styles)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, नील फ्लेミング (Neil Fleming) द्वारा प्रतिपादित 'VARK मॉडल' (Visual, Auditory, Reading/Writing, Kinesthetic) के अंतर्गत संवेदी तौर-तरीकों (Sensory Modalities) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ऑसिपिटल लोब' (Occipital Lobe), 'टेम्पोरल लोब' (Temporal Lobe) और 'प्रिमोटर कॉर्टेक्स' (Premotor Cortex) के बीच बहुसंवेदी एकीकरण, दृश्य-श्रव्य प्रसंस्करण और मोटर-संवेदी मानचित्रण की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड कोल्ब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle: मूर्त अनुभव, चिंतनशील अवलोकन, अमूर्त अवधारणा, और सक्रिय प्रयोग) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग (UDL) और विद्यार्थियों में बहुआयामी संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, व्यक्तिगत अधिगम प्राथमिकताओं व समग्र शैक्षणिक सुगमता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास की प्रक्रिया आयु के साथ क्रमिक रूप से तीन मुख्य स्तरों (Levels) और प्रत्येक स्तर में दो अवस्थाओं (Stages) यानी कुल छह चरणों में विभाजित है, और यह विकास सार्वभौमिक होता है।
2. 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता का स्तर' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण में व्यक्ति कानून को एक कठोर और अपरिवर्तनीय नियम के रूप में देखता है, जहाँ कानून का पालन करना ही एकमात्र परम नैतिकता है, भले ही वह सामाजिक कल्याण के विरुद्ध हो।
3. कोहलबर्ग ने अपने सिद्धांत के प्रतिपादन के लिए 'हाइन्ज़ दुविधा' (Heinz Dilemma) का उपयोग किया था, जिसके माध्यम से उन्होंने बालकों और वयस्कों के तार्किकीकरण (Reasoning) का अध्ययन किया कि वे नैतिक दुविधा की स्थिति में किस प्रकार निर्णय लेते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.