BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
17 views

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities - विशेष रूप से डिस्लेक्सिया / Dyslexia) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मस्तिष्क के 'ऑक्सीपिटो-टेम्पोरल विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' (VWFA), 'सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस' (Wernicke's Area से संबंधित), और 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Broca's Area) के बीच फोनोलॉजिकल डिकोडिंग (Phonological Decoding), दृश्य-श्रव्य एकीकरण (Audiovisual Integration), और ऑर्थोग्राफिक मैपिंग (Orthographic Mapping) की सक्रियण विफलता तथा दोषपूर्ण तंत्रिका नेटवर्क (Neural Disconnectivity) की गतिकी, तथा सैम्युअल किर्क (Samuel Kirk) द्वारा गढ़ा गए 'लर्निंग डिसेबिलिटी' प्रत्यय और आधुनिक बहुसंवेदी शिक्षण विधियों (مثل Orton-Gillingham Method) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिसेबिलिटी ऑप्टिमाइज्ड रेमेडियल पेडागोजी' (Neuro-Disability Optimized Remedial Pedagogy) और विद्यार्थियों में ध्वन्यात्मक जागरूकता (Phonological Awareness), पाठ्य-बोध (Reading Comprehension) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

विकल्प (b) सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है। डिसलेक्सिया (Dyslexia) एक न्यूरोलॉजिकल आधारित विशिष्ट अधिगम अक्षमता है, जिसमें मस्तिष्क के 'विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' (VWFA), सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस और इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस के बीच फोनोलॉजिकल डिकोडिंग और ऑर्थोग्राफिक मैपिंग में तंत्रिका असंतुलन (neural disconnection) पाया जाता है। इसके उपचारात्मक शिक्षण में 'ऑर्टन-जिलिंगहम' जैसी बहुसंवेदी (दृश्य, श्रवण, गतिसंवेदी) रणनीतियाँ मस्तिष्क की न्यूरोप्लास्टिसिटी का लाभ उठाकर पढ़ने की दक्षता को बेहतर बनाती हैं।
Share:

Related Questions

→ उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्य बुद्धि' (G-Factor) और 'विशिष्ट बुद्धि' (S-Factor) में से किस कारक को स्पीयरमैन ने 'मानसिक ऊर्जा' (Mental Energy) की संज्ञा दी है और इसे जन्मजात तथा अपरिवर्तनीय माना है? → उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, अपवाह तंत्र और खनिज संपदा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के दक्षिण का पठारी क्षेत्र प्रायद्वीपीय पठार का उत्तर-पूर्वी विस्तार है, जिसके अंतर्गत ललितपुर, झाँसी, महोबा, बाँदा और सोनभद्र जिले आते हैं। इस क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएँ चिकनी और काली प्रकृति की होती हैं, जिनमें नमी धारण करने की अत्यधिक क्षमता होती है। 2. उत्तर प्रदेश में तांबा (Copper) का मुख्य भंडार ललितपुर जिले के सोनराई क्षेत्र में पाया जाता है, जबकि यूरेनियम के निक्षेप भी इसी जिले से प्राप्त होते हैं। 3. सोनभद्र जिले में रिहंद नदी पर बनाए गए गोविंद बल्लभ पंत सागर बांध के कारण यहाँ उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा कृत्रिम जलाशय निर्मित हुआ है, तथा इस जिले में चूना पत्थर, कोयला और नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले प्रचुर मात्रा में मिलते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → उत्तर प्रदेश के प्रागैतिहासिक एवं ताम्रपाषाण कालीन संस्कृतियों के संदर्भ में, निम्नलिखित पुरातात्विक स्थलों और उनसे संबंधित विशेषताओं के युग्मों पर विचार कीजिए: 1. दधिहर (Dadrihar) - गोरखपुर जिला (यहाँ से मध्य पाषाण काल के अंतिम चरण और प्रारंभिक मृदभांड संस्कृति के साक्ष्य मिले हैं।) 2. राजा नल का टीला (Raja Nal Ka Tila) - सोनभद्र जिला (यहाँ से लौह युग के प्रारंभिक साक्ष्य और प्राचीन कृषि गतिविधियों के अवशेष प्राप्त हुए हैं।) 3. नरहन (Narhan) - गोरखपुर जिला (यहाँ घाघरा नदी के तट पर स्थित इस पुरास्थल से काले-लाल मृदभांड तथा प्रारंभिक कृषि एवं पशुपालन के साक्ष्य मिले हैं।) 4. कोल्हवा (Kolhua) - भदोही जिला (यह स्थल उत्तर पाषाण कालीन चित्रित धूसर मृदभांड संस्कृति से संबंधित है।) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं? → भारतीय संविधान के किस संशोधन द्वारा मौलिक कर्तव्यों को संविधान में जोड़ा गया था? → पारिस्थितिकी तंत्र के अंतर्गत 'पारिस्थितिक अनुक्रमण' (Ecological Succession) और 'पोषण स्तर' (Trophic Levels) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्राथमिक अनुक्रमण (Primary Succession) उस नग्न क्षेत्र में प्रारंभ होता है जहाँ पहले से कोई जीवन अस्तित्व में नहीं था (जैसे- नवनिर्मित लावा या नग्न चट्टान), और इस प्रक्रिया में सबसे पहले स्थापित होने वाले जीव समुदाय को 'चरम समुदाय' (Climax Community) कहा जाता है। 2. लिंडेमैन का 'दस प्रतिशत नियम' (10% Law) यह बताता है कि एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर ऊर्जा का स्थानांतरण केवल 10 प्रतिशत होता है, जबकि शेष 90 प्रतिशत ऊर्जा श्वसन, ताप और चयापचय क्रियाओं के दौरान ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाती है। 3. 'जैविक आवर्धन' (Biomagnification) के अंतर्गत खाद्य श्रृंखला के माध्यम से विषैले पदार्थों (जैसे- डीडीटी या पारा) की सांद्रता प्रत्येक उच्च पोषण स्तर पर क्रमिक रूप से घटती जाती है, जिससे शीर्ष उपभोक्ताओं में इन रसायनों की मात्रा सबसे कम होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.