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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा प्रतिपादित 'जी-कारक (General Intelligence) और एस-कारक (Specific Intelligence)' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'फ्रंटोपैराइटल मल्टीपल-डिमांड नेटवर्क' (Frontoparietal Multiple-Demand Network), 'व्हाइट मैटर ट्रैक्ट्स' (White Matter Tracts जैसे कि सुपीरियर लोंगिट्यूडिनल फेसिकुलस), और 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच सामान्य मानसिक ऊर्जा, विशिष्ट कौशल प्रसंस्करण, और तंत्रिका नेटवर्क दक्षता (Neural Efficiency Hypothesis) की सक्रियण गतिकी, तथा लुई थर्स्टन (Louis Thurstone) के 'प्राथमिक मानसिक क्षमताओं के सिद्धांत' (Primary Mental Abilities) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Intelligence Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में तार्किक अमूर्तन, संज्ञानात्मक अनुकूलन क्षमता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यह प्रश्न UPTET के बाल विकास और शिक्षण विधि के अंतर्गत 'बुद्धि के सिद्धांतों' (चार्ल्स स्पीयरमैन के द्विकारक सिद्धांत और थर्स्टन के बहु-मानसिक क्षमता सिद्धांत) को आधुनिक न्यूरो-साइंस (मस्तिष्क के फ्रंटोपैराइटल नेटवर्क, व्हाइट मैटर ट्रैक्ट्स और न्यूरल एफिशिएंसी हाइपोथैलेमस) और समावेशी शिक्षा की पेडागोजी के साथ जोड़ता है। विकल्प (b) सबसे उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है क्योंकि यह 'जी' और 'एस' कारकों के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप को समझते हुए समावेशी कक्षा में संज्ञानात्मक दक्षता और व्यक्तिगत भिन्नताओं के संतुलित विकास को स्पष्ट करता है।
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, कृषि-जलवायु प्रदेशों और प्रमुख फसलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कृषि योजना आयोग द्वारा कुल 9 (नौ) विशिष्ट कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जो राज्य की मृदा, वर्षा और तापमान की भिन्नता पर आधारित हैं।
2. उत्तर प्रदेश के 'बुंदेलखंड क्षेत्र' में मुख्य रूप से लाल और परवा मृदा पाई जाती है, जहाँ सिंचाई के साधनों की पर्याप्त उपलब्धता के कारण धान और गन्ने की खेती राज्य में सर्वाधिक होती है।
3. उत्तर प्रदेश का 'पूर्वी मैदानी क्षेत्र' (Eastern Plain Zone) अधिक वर्षा और जलोढ़ मृदा की उपस्थिति के कारण धान के उत्पादन के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect - SOI Model: संक्रियाएँ, विषय-वस्तु, और उत्पाद के आयाम) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'पैरिएटल कॉर्टेक्स' (Parietal Cortex), और 'टेम्पोरल लोब' (Temporal Lobe) के बीच बहु-आयामी संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, अभिसारी एवं अपसारी चिंतन (Convergent and Divergent Thinking) तथा सूचना रूपांतरण की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड गार्डनर के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Intelligence Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में समस्या-समाधान कौशल, सृजनात्मक अभिव्यक्ति व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage: अमूर्त तर्क और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक चिंतन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC - अमूर्त तर्क, कार्यशील स्मृति और कार्यकारी योजना), 'पैरिएटल कॉर्टेक्स' (Parietal Cortex - जटिल स्थानिक और तार्किक एकीकरण), और 'पूर्वकाल सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - संज्ञानात्मक नियंत्रण और त्रुटि संसूचन) के बीच माइलिनेशन प्रक्रिया, सिनेप्टिक प्रूनिंग, और मेटाकॉग्निटिव नेटवर्क (Metacognitive Network) की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वायगोत्स्की के 'संज्ञानात्मक विकास के सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-पियाजेन ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Piagetian Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में परिकल्पनात्मक समस्या-समाधान, तार्किक लचीलेपन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के आकलन (Assessment for Learning) और सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पाल ब्लैक (Paul Black) और डेलन विलियम (Dylan Wiliam) द्वारा प्रतिपादित 'रचनात्मक मूल्यांकन' (Formative Assessment) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'एंटीरियर सिंग्युलेट कॉर्टेक्स' (ACC) और 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (DMN) के बीच मेटाकॉग्निटिव मॉनिटरिंग (Metacognitive Monitoring), त्रुटि प्रसंस्करण (Error Processing), और फीडबैक एकीकरण (Feedback Integration) की सक्रियण गतिकी, तथा कैरल ड्वेक (Carol Dweck) के 'विकासवादी मानसिकता' (Growth Mindset) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, फॉर्मेटिव-ड्रिवेन कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Formative-Driven Constructive Pedagogy) और विद्यार्थियों में आत्म-नियमन (Self-Regulation), संज्ञानात्मक लचीलेपन व समग्र अधिगम क्षमता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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बच्चों के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास और संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में, लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सिद्धांत के निम्नलिखित प्रमुख घटकों पर विचार कीजिए:
1. वायगोत्स्की के अनुसार, भाषा बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपकरण (Tool) है, और प्रारंभिक अवस्था में बच्चों की 'आंतरिक वाक्' (Inner Speech) और 'सामाजिक वाक्' (Social Speech) उनके विचारों को निर्देशित करने तथा स्व-नियमन (Self-regulation) में सहायता करती है।
2. 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) उस वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच का अंतर है, जिसे बच्चा किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) के निर्देशन या सहयोग से प्राप्त कर सकता है।
3. 'मचान' (Scaffolding) की अवधारणा का तात्पर्य स्थायी रूप से बच्चे को हर चरण पर जीवनभर दी जाने वाली वित्तीय और मानसिक सहायता से है, ताकि वह बिना किसी शिक्षक की मदद के जटिल समस्याओं को स्वयं हमेशा के लिए हल कर सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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