त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के क्षेत्र सिद्धांत' (Field Theory of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, कर्ट लेविन (Kurt Lewin) द्वारा प्रतिपादित 'जीवन स्पेस' (Life Space: $B = f(P, E)$) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल कॉर्टेक्स' (Parietal Cortex - पर्यावरणीय स्थानिक मैपिंग), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus - प्रासंगिक और प्रादेशिक स्मृति), और 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC - व्यक्तिगत प्रेरणा और मूल्य निर्धारण) के बीच संज्ञानात्मक मानचित्रण (Cognitive Mapping), मनोवैज्ञानिक क्षेत्र एकीकरण, और प्रेरणा-व्यवहार गतिकी की सक्रियण प्रक्रिया, तथा ई.सी. टॉलमैन (E.C. Tolman) के 'चिह्न-Gestalt अधिगम सिद्धांत' (Sign-Gestalt Learning Theory / Latent Learning) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-फील्ड ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Field Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में समग्र पर्यावरणीय अनुकूलन, उद्देश्यपूर्ण स्थानिक समस्या-समाधान व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कर्ट लेविन का क्षेत्र सिद्धांत (Field Theory) यह मानता है कि व्यवहार व्यक्ति (Person) और उसके मनोवैज्ञानिक पर्यावरण (Environment) यानी 'जीवन स्पेस' (Life Space) का फलन है ($B = f(P, E)$)। न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मस्तिष्क का पैरिएटल कॉर्टेक्स स्थानिक जागरूकता और पर्यावरण मैपिंग के लिए जिम्मेदार है, जबकि हिप्पोकैम्पस प्रासंगिक संदर्भों को जोड़ने का कार्य करता है। जब ये क्षेत्र 'vmPFC' के साथ मिलकर काम करते हैं, तो छात्र अपने पर्यावरण को समझकर उद्देश्यपूर्ण निर्णय लेते हैं। यह दृष्टिकोण टॉलमैन के 'चिह्न-Gestalt' और 'लेटेंट लर्निंग' के साथ संरेखित होकर आधुनिक समावेशी शिक्षा में 'न्यूरो-फील्ड ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' के माध्यम से बच्चों के संज्ञानात्मक और संवेगात्मक विकास को इष्टतम बनाता है।
Related Questions
→
वंशानुक्रम और पर्यावरण (Heredity and Environment) की अंतःक्रिया के संदर्भ में, बाल विकास के मनोवैज्ञानिक अध्ययनों और वुडवर्थ (Woodworth) के प्रसिद्ध समीकरण 'विकास = (वंशानुक्रम × पर्यावरण)' के आधार पर निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक दृष्टि से सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'आरंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ECCE)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन बॉल्बी (John Bowlby) द्वारा प्रतिपादित 'संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory: सुरक्षित, असुरक्षित-अनिच्छुक, असुरक्षित-प्रतिरोधी, और अव्यवस्थित संलग्नता) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'अमिकडाला' (Amygdala), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच भावनात्मक विनियमन, तनाव प्रतिक्रिया प्रणाली (HPA Axis), और सामाजिक-संवेगात्मक समेकन की सक्रियण गतिकी, तथा मैरी ऐंसवर्थ (Mary Ainsworth) के 'स्ट्रेंज सिचुएशन एक्सपेरिमेंट' (Strange Situation Protocol) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-अटैचमेंट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Attachment Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सुरक्षित भावनात्मक आधार (Secure Base), लचीलेपन (Resilience) व समग्र संज्ञानात्मक-संवेगात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश की मृदा एवं कृषि प्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्यवर्ती मैदानी क्षेत्रों में पाई जाने वाली प्राचीन जलोढ़ मृदा को 'भांगर' (Bhangar) कहा जाता है, जो बाढ़ की पहुँच से दूर होती है और जिसमें कैल्सियम कार्बोनेट के कंकड़ पाए जाते हैं।
2. बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ चिकनी और भारी काली मिट्टी के समान होती हैं, जो सूखने पर अत्यंत कठोर हो जाती हैं और जिनमें नमी बनाए रखने की अद्भुत क्षमता होती है।
3. राज्य के पर्वतीय एवं पठारी ढलानों पर पाई जाने वाली 'राँड़' (Randh) मृदा अत्यधिक उपजाऊ और नाइट्रोजनयुक्त होती है, जिसके कारण इसमें बिना किसी रासायनिक उर्वरक के धान की सर्वाधिक उपज प्राप्त होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, एडवर्ड टोलमैन (Edward Tolman) द्वारा प्रतिपादित 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory / Purposive Behaviorism) के अंतर्गत वर्णित 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map) और 'अव्यक्त अधिगम' (Latent Learning) की संकल्पनाओं के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा वुल्फगैंग कोहलर (Wolfgang Köhler) द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के अंतर्गत 'गेस्टाल्ट' (Gestalt) दृष्टिकोण यानी 'संपूर्णता के प्रत्यक्षीकरण' (Perception of Whole) और 'सहसा मानसिक पुनर्गठन' (Sudden Cognitive Restructuring) की प्रक्रियों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक समस्या-समाधान आधारित कक्षा-कक्ष शिक्षण और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय तार्किक क्षमताओं के विकास में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के संज्ञानवादी और क्षेत्र सिद्धांतों' के संदर्भ में, कर्ट लेविन (Kurt Lewin) द्वारा प्रतिपादित 'क्षेत्र सिद्धांत' (Field Theory) के अंतर्गत वर्णित 'जीवन स्थान' (Life Space, B = f(P,E)) की संकल्पना और 'पुनर्संरचना' (Restructuring) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप, तथा बार्टलेट (Frederic Bartlett) द्वारा प्रतिपादित 'स्कीमा सिद्धांत' (Schema Theory) के अंतर्गत स्मृति में मानसिक संरचनाओं और 'प्रयास व त्रुटि' के बिना 'अंतर्दृष्टिपूर्ण संज्ञान' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, संज्ञानात्मक पुनर्निर्माण और विद्यार्थियों में समस्या-समाधान की योग्यताओं के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.