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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के संरचना सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'त्रि-आयामी बुद्धि मॉडल' (Operations, Contents, और Products - 3D Model) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex - संक्रियात्मक संचालन और मूल्यांकन), 'पैरिएटल और ऑसिपिटो-टेम्पोरल कॉर्टेक्स' (Parietal and Occipito-Temporal Cortices - विषयवस्तु और स्थानिक-दृश्य प्रसंस्करण), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus - उत्पाद और स्मृति एकीकरण) के बीच बहु-आयामी तंत्रिका नेटवर्क सक्रियण, अभिसारी व अपसारी चिंतन (Convergent and Divergent Thinking) की समानांतर गतिकी, तथा चार्ल्स स्पीयरमैन के 'द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Intelligence Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सृजनात्मक समस्या-समाधान, बहु-दिशात्मक संज्ञानात्मक क्षमताओं व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यह प्रश्न जे.पी. गिलफोर्ड के 'त्रि-आयामी बुद्धि मॉडल' (Structure of Intellect - SOI) के न्यूरो-संज्ञानात्मक आधार और आधुनिक समावेशी शिक्षा में इसके अनुप्रयोग पर आधारित है। गिलफोर्ड ने बुद्धि को तीन आयामों- संक्रियाओं (Operations), विषयवस्तु (Contents), और उत्पादों (Products) में वर्गीकृत किया है, जिसमें 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) रचनात्मकता और नवीन विचारों के उत्पादन से जुड़ा है। न्यूरोलॉजिकल दृष्टिकोण से, अपसारी चिंतन मस्तिष्क के प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (PFC) और विभिन्न संज्ञानात्मक क्षेत्रों के बीच जटिल और लचीले तंत्रिका नेटवर्क सक्रियण पर निर्भर करता है। 'न्यूरो-इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' के तहत, यह शिक्षकों को प्राथमिक स्तर पर ऐसी शिक्षण रणनीतियाँ अपनाने के लिए प्रेरित करता है जो बच्चों में विविध चिंतन, सृजनात्मकता और समग्र संज्ञानात्मक-संवेगात्मक दक्षता का संवर्धन करती हैं। अतः विकल्प (a) सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है।
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं ऐतिहासिक परिदृश्य के संदर्भ में, राज्य के किस जिले में 'रामायण सर्किट' के अंतर्गत 'चौरी चौरा' कांड की ऐतिहासिक घटना घटी थी और वर्तमान में इस घटना से जुड़े स्मारक को किस वर्ष 'शहीद स्थल' के रूप में राष्ट्रीय पहचान दी गई थी?
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1. 'कानपुर' - नाना साहब (इन्होंने पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र के रूप में ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध विद्रोह का नेतृत्व किया और तात्या टोपे ने इनके सैन्य कमांडर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।)
2. 'लखनऊ' - बेगम हजरत महल (इन्होंने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरjis कादिर को नवाब घोषित करके अवध में ब्रिटिश सेना के खिलाफ विद्रोह का कुशल नेतृत्व किया।)
3. 'बरेली' - खान बहादुर खान (इन्होंने रुहेलखंड क्षेत्र में रोहिल्ला सेना का गठन कर अंग्रेजों के विरुद्ध मोर्चा संभाला और शासन की बागडोर अपने हाथ में ली।)
4. 'फैजाबाद' - लियाकत अली (इन्होंने मौलवी अहमदुल्लाह शाह के साथ मिलकर ब्रिटिश शासन के खिलाफ जिहाद का आह्वान किया और क्रांतिकारी गतिविधियों का प्रमुख संचालन किया।)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सामाजिक अध्ययन' के अंतर्गत 'भारतीय इतिहास एवं कला संस्कृति' के संदर्भ में, प्राचीन भारतीय इतिहास के प्रमुख दर्शनों (षड्दर्शन) और उनके प्रणेता (संस्थापक) ऋषियों के मिलान के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा युग्म असत्य (गलत) है?
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सामाजिक अध्ययन (Social Studies) के अंतर्गत नागरिक शास्त्र (राजनीति विज्ञान) शिक्षण की 'प्रोजेक्ट विधि' (Project Method) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन इस शिक्षण पद्धति के मूल दार्शनिक और व्यावहारिक उद्देश्य को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
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बुद्ध कालीन शिक्षा प्रणाली और उसकी प्रमुख विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बौद्ध कालीन शिक्षा प्रणाली में मठों (Monasteries) और विहारों में प्रवेश के लिए 'प्रव्रज्या' (Pravrajya) संस्कार कराया जाता था, जो लगभग 8 वर्ष की आयु में होता था, जिसके बाद छात्र 'सामणेर' (Novice) कहलाता था।
2. बौद्ध काल में उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद लगभग 20 वर्ष की आयु में 'उपनपसंदा' (Upasampada) संस्कार संपन्न होता था, जिसके उपरांत छात्र पूर्ण भिक्षु (Bhikkhu) बनता था और संघ की सदस्यता प्राप्त करता था।
3. बौद्ध शिक्षा का माध्यम पूरी तरह से पाली और अन्य लोक भाषाएं थीं, और इस प्रणाली में वर्ण व्यवस्था या जातिगत भेदभाव को पूर्ण स्थान दिया गया था, जिसके कारण शूद्रों और महिलाओं का प्रवेश वर्जित था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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