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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage: प्रतीकात्मक कार्य, अहंकेन्द्रितता और संरक्षण की अनुपस्थिति) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'इंसुला और एमिग्डाला' (Insula & Amygdala - संवेगात्मक अहंकेन्द्रितता और सामाजिक अनुभूति), 'ब्रोका और वर्निक क्षेत्र' (Broca's & Wernicke's Areas - प्रतीकात्मक भाषा और आत्मकेंद्रित वाक्), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus - बिना तार्किक संगठन के अनगढ़ स्मृतियों का भंडारण) के बीच सिनेप्टिक अति-उत्तेजना (Synaptic Hyper-connectivity), अपरिपक्व प्रीफ्रंटल इनहिबिशन, और कॉर्टिकल नेटवर्क्स के बीच अपर्याप्त एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वायगोत्स्की के 'निजी वाक्' (Private Speech) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-प्रीऑपरेशनल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Preoperational Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में विकेंद्रीकरण (Decentration), प्रतीकात्मक खेल आधारित अधिगम व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास की पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Preoperational Stage, लगभग 2 से 7 वर्ष) में बच्चों का मस्तिष्क तेजी से विकास कर रहा होता है, विशेषकर भाषा और प्रतीकात्मक चिंतन के क्षेत्र में। हालांकि, प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (Prefrontal Cortex) और कार्यकारी नियंत्रण (Executive Control) नेटवर्क अभी भी पूरी तरह परिपक्व नहीं होते हैं। इसके परिणामस्वरूप, बच्चों में अहंकेन्द्रितता (Egocentrism - दूसरों के दृष्टिकोण को न समझ पाना), संरक्षण की कमी (Lack of Conservation), और विकेंद्रीकरण (Decentration) का अभाव पाया जाता है। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, अपर्याप्त इनहिबिटरी नियंत्रण और कॉर्टिकल नेटवर्क के बीच अधूरी कनेक्टिविटी इन विशेषताओं के लिए उत्तरदायी है। आधुनिक समावेशी शिक्षा में, शिक्षकों को 'न्यूरो-प्रीऑपरेशनल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' का उपयोग करते हुए प्रतीकात्मक खेल (Symbolic Play), मूर्त हाथों-हाथ (Hands-on) अनुभव और बहु-संवेदी रणनीतियों के माध्यम से बच्चों के संज्ञानात्मक और सामाजिक विकेंद्रीकरण को सुगम बनाना चाहिए।
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक, राजनीतिक ढांचे तथा स्थानीय स्वशासन (Local Self-Government) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश राज्य में 'क्षेत्र पंचायतों' (Khetriya Panchayats) के प्रमुख (ब्लॉक प्रमुख) का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा किया जाता है, जबकि जिला पंचायत के अध्यक्ष का निर्वाचन संबंधित जिला पंचायत के निर्वाचित सदस्यों द्वारा अपने में से ही अप्रत्यक्ष रूप से किया जाता है।
2. उत्तर प्रदेश में 'नगर निगमों' के महापौर (Mayor) का चुनाव प्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली के माध्यम से सीधे शहर के पंजीकृत मतदाताओं द्वारा किया जाता है, और महापौर नगर निगम की 'कार्रवाई परिषद' (Executive Committee) का पदेन अध्यक्ष होता है।
3. उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल में 'विधान परिषद' (Legislative Council) एक स्थायी सदन है, जिसके सदस्यों की कुल संख्या 100 है, और इसका गठन सर्वप्रथम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 171 के अंतर्गत किया गया था जिसके सदस्यों का निर्वाचन विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों (जैसे स्नातक, शिक्षक, स्थानीय निकाय और विधानसभा) के माध्यम से होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन के अंतर्गत 'भाबर क्षेत्र' (Bhabar Region) की विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भाबर क्षेत्र हिमालय के गिरिपद (Foot Hills) में शिवालिक श्रेणी के ठीक दक्षिण में एक संकीर्ण (लगभग 8 से 16 किमी चौड़ी) पेटी के रूप में सहारनपुर से लेकर कुशीनगर तक पश्चिम से पूर्व फैला हुआ है।
2. इस क्षेत्र में नदियाँ ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों से उतरते समय अपने साथ भारी मात्रा में बड़े-बड़े बोल्डर, कंकड़ और पत्थर बहाकर लाती हैं और उन्हें यहाँ निक्षेप कर देती हैं, जिसके परिणामस्वरूप इस अत्यधिक पारगम्य (Permeable) क्षेत्र में अधिकांश छोटी नदियाँ धरातल के नीचे विलुप्त (गायब) होकर प्रवाहित होती हैं।
3. अत्यधिक पथरीली और कंकड़-पत्थर युक्त मृदा होने के कारण भाबर क्षेत्र कृषि के लिए अत्यधिक उपयुक्त माना जाता है, जहाँ गेحूँ और गन्ने की सघन खेती की जाती है, जबकि यहाँ बड़े पैमाने पर सघन वन भी पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम पठार (Plateaus of Learning)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, ए.डब्ल्यू. गिट्स (A.W. Staats) और आधुनिक न्यूरोसाइंस के 'संज्ञानात्मक थकान और न्यूरो-मेटाबॉलिक डिप्लेशन मॉडल' (Cognitive Fatigue and Neuro-metabolic Depletion Model) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'डॉसोटैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'एंटीरियर सिंग्युलेट कॉर्टेक्स' (ACC) और 'बेसल गैन्ग्लिया' (Basal Ganglia) के बीच ऊर्जा चयापचय (ATP depletion), न्यूरोट्रांसमीटर (जैसे एसिटिलकोलाइन और डोपामाइन) की कमी, और कार्यशील स्मृति (Working Memory) ओवरलोड की सक्रियण गतिकी, तथा ब्रायन और हार्ter (Bryan & Harter) द्वारा प्रतिपादित 'अभ्यास वक्र की उत्तर-चरण सीमाबद्धता' (Hierarchical Habit-Formation Plateau) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, ब्रेक-इंटीग्रेटेड मल्टीसेंसरी कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Break-Integrated Multisensory Constructive Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक ऊर्जा पुनर्स्थापना, प्रेरणा संवर्धन व समग्र अधिगम दक्षता के पुनरुत्थान में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Sociocultural Theory of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान निर्माण' (Scaffolding) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex - कार्यकारी नियंत्रण और योजना), 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (Mirror Neuron System - सामाजिक प्रेक्षण और अनुकरण), तथा 'भाषा प्रसंस्करण केंद्र' (Broca's and Wernicke's Areas - आंतरिक वाक् और मध्यस्थता) के बीच सामाजिक-संज्ञानात्मक युग्मन (Social-Cognitive Coupling), सहयोगात्मक तंत्रिका सक्रियण, और अंतःवैयक्तिक से अंतरावैयक्तिक नियमन (Inter-psychological to Intra-psychological regulation) की गतिकी, तथा जीन पियाजे के 'व्यक्तिगत संज्ञानात्मक निर्माणवाद' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-सोमेटापेड़ागोजी' (Neuro-Sociocultural Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सहयोगात्मक समस्या-समाधान, सामाजिक मध्यस्थता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के शिक्षा, ऐतिहासिक विश्वविद्यालयों और प्रमुख अनुसंधान परिषदों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश में स्थित 'इलाहाबाद विश्वविद्यालय' की स्थापना वर्ष 1887 में हुई थी, जो देश का चौथा सबसे पुराना विश्वविद्यालय है और इसे 'पूर्व का ऑक्सफोर्ड' (Oxford of the East) भी कहा जाता है।
2. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 'राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद' (SCERT) स्थित है, जिसकी स्थापना प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक शिक्षकों के प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम विकास के लिए वर्ष 1981 में की गई थी।
3. उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित 'संपूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय' की स्थापना वर्ष 1958 में की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य संस्कृत भाषा, वेदों और भारतीय दर्शन का उच्चस्तरीय शिक्षण एवं अनुसंधान करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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