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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'संक्रियाओं, विषयवस्तुओं और उत्पादों के अंतर्संबंध' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'विस्तृत प्रीफ्रंटल, पैरिएटल और टेंपोरल कॉर्टिकल नेटवर्क्स' (Prefrontal, Parietal and Temporal Cortical Networks - तार्किक संक्रियाओं, स्मरण, अपसारी व अभिसारी चिंतन के संचालन), 'व्हाइट मैटर ट्रैक्ट्स' (White Matter Tracts जैसे सुपीरियर लोंगिट्यूडल फेसिकुलस - विभिन्न कॉर्टिकल क्षेत्रों के बीच तीव्र सूचना संचरण), तथा 'थैलेमस' (Thalamus - संवेदी और संज्ञानात्मक सूचनाओं के गतिक मार्गिक़रण) के बीच उच्च-क्रम डिस्ट्रीब्यूटेड सिंक्रोनाइजेशन और न्यूरोनल प्लास्टिसिटी की सक्रियण गतिकी, तथा हॉवर्ड गार्डनर के 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-एसआई मॉडल ऑप्टिमाइज्ड मल्टी-डाइमेंशनल पेडागोजी' (Neuro-SI Model Optimized Multi-Dimensional Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहु-आयामी बौद्धिक कौशल, रचनात्मक अभिसरण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यह प्रश्न जे.पी. गिलफर्ड के 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) के न्यूरो-संज्ञानात्मक और न्यूरो-बायोलॉजिकल आयामों पर आधारित है। गिलफर्ड ने बुद्धि को संक्रियाओं (Operations), विषयवस्तुओं (Contents), और उत्पादों (Products) के त्रि-आयामी मैट्रिक्स के रूप में परिभाषित किया है। आधुनिक तंत्रिका विज्ञान (Neuroscience) के अनुसार, इस प्रकार की जटिल बहु-आयामी संज्ञानात्मक गतिविधियाँ (जैसे अपसारी चिंतन, स्मरण, मूल्यांकन और अभिसरण) मस्तिष्क के प्रीफ्रंटल, पैरिएटल और टेंपोरल कॉर्टेक्स के व्यापक डिस्ट्रिब्यूटेड नेटवर्क्स तथा 'व्हाइट मैटर ट्रैक्ट्स' (जैसे सुपीरियर लोंगिट्यूडल फेसिकुलस) के माध्यम से न्यूरोनल सिंक्रोनाइजेशन पर निर्भर करती हैं। अतः विकल्प (a) इस जटिल अंतर्संबंध और इसके समावेशी कक्षा-कक्षीय शैक्षणिक निहितार्थों का सबसे सटीक और वैज्ञानिक वर्णन करता है।
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उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों और सांस्कृतिक परंपराओं के संदर्भ में, बुंदेलखंड क्षेत्र का प्रसिद्ध 'ख्याल नृत्य' निम्नलिखित में से किस विशेष अवसर पर आयोजित किया जाता है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'उत्तर प्रदेश के भूगोल एवं अर्थव्यवस्था' के संदर्भ में, राज्य की प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं और उनसे लाभान्वित होने वाले क्षेत्रों अथवा नदियों के मिलान के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा युग्म असत्य (गलत) है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा के सिद्धांतों' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System: विशेष रूप से एमिग्डाला और न्यूक्लियस एम्ब्युस), 'वेंट्रल टैगमेंटल एरिया' (VTA) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच डोपामाइनर्जिक रिवार्ड पाथवे, होमियोस्टैटिक नियमन और आत्म-प्राप्ति (Self-Actualization) की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डेसी (Edward Deci) और रिचर्ड रायन (Richard Ryan) द्वारा प्रतिपादित 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory - SDT: स्वायत्तता, सक्षमता और संबद्धता) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, आंतरिक रूप से प्रेरित रचनावादी शिक्षाशास्त्र (Intrinsically Motivated Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक सुरक्षा, संज्ञानात्मक सहभागिता व समग्र मानसिक कल्याण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-cultural Theory) और इसके प्रमुख अवधारणाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायगोत्स्की के अनुसार बालक का संज्ञानात्मक विकास किसी सामाजिक निर्वात में अकेले नहीं होता, बल्कि यह सामाजिक अंतःक्रिया (Social Interaction), संस्कृति (Culture) और भाषा (Language) के परस्पर समन्वय से संभव होता है, जिसमें वयस्क और अधिक ज्ञاني साथी 'सहयोगी मार्गदर्शक' (More Knowledgeable Other - MKO) की भूमिका निभाते हैं।
2. 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) उस अंतर को दर्शाता है जो किसी बच्चे द्वारा किसी कार्य को 'स्वयं स्वतंत्र रूप से करने के स्तर' और 'किसी वयस्क या सक्षम साथी के मार्गदर्शन या सहयोग से उस कार्य को पूरा करने के स्तर' के बीच होता है।
3. 'मचान या पाड़' (Scaffolding) उस स्थायी और अपरिवर्तनीय जैविक संरचना को कहा जाता है जो जन्म से ही बच्चे के मस्तिष्क में अंतर्निहित होती है और आयु बढ़ने के साथ स्वतः ही परिपक्व होकर उसके संज्ञानात्मक विकास को नियंत्रित करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'मचान या पाड़' (Scaffolding) तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के अवधारणात्मक अंतर्संबंधों के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex), 'एंटterior सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex), और 'इन्फीरियर पैरिएटल लोब' (Inferior Parietal Lobe) के बीच कार्यकारी नियंत्रण, सामाजिक अनुभूति, और न्यूरल सिंक्रनाइज़ेशन (Neural Synchronization) की सक्रियण गतिकी, तथा अंतर्सैद्धांतिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-सोशियोकॉग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Sociocognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning), निर्देशित सहभागिता (Guided Participation) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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