त्वरित लिंक्स
UPTET
15 views
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities) के विशिष्ट प्रकार 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia - पठन और phonological processing अक्षमता) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मस्तिष्क के 'बाएँ गोलार्ध के टेम्पोरो-पैरिएटल कॉर्टेक्स' (Left Temporo-Parietal Cortex - ध्वन्यात्मक कोडिंग और फॉनोलॉजिकल अवेयरनेस), 'विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' (Visual Word Form Area - VWFA: लिखित शब्दों और दृश्यों के त्वरित पहचान), तथा 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area - पठन के दौरान मौखिक अभिव्यक्ति और आंतरिक वाणी) के बीच दोषपूर्ण न्यूरोनल कनेक्टिविटी, फॉनोलॉजिकल डेफिसिट, और व्हाइट मैटर ट्रैक्ट्स (जैसे सुपीरियर लोंगिट्यूडल फेसिकुलस) के कम माइलिनेशन की सक्रियण गतिकी, तथा स्टैनिस्लास डीहेन के 'रीडिंग इन द ब्रेन' (Reading in the Brain) सिद्धांत के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिस्लेक्सिया ऑप्टिमाइज्ड मल्टीसेंसरी फोनिक्स पेडागोजी' (Neuro-Dyslexia Optimized Multisensory Phonics Pedagogy) और विद्यार्थियों में पठन प्रवाह, ध्वनि-प्रतीक समन्वय व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डिस्लेक्सिया (Dyslexia) एक विशिष्ट पठन अक्षमता है जो मुख्य रूप से मस्तिष्क के बाएँ गोलार्ध के टेम्पोरो-पैरिएटल कॉर्टेक्स, विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया (VWFA) और ब्रोका क्षेत्र के बीच फॉनोलॉजिकल प्रोसेसिंग (ध्वन्यात्मक प्रसंस्करण) की विफलता और न्यूरोनल कनेक्टिविटी की कमी से जुड़ी होती है। इसके उपचार और प्रबंधन के लिए बहुसंवेदी (Multisensory) और फॉनोलॉजिकल जागरूकता आधारित शिक्षण रणनीतियाँ सबसे उपयुक्त मानी जाती हैं।
Related Questions
→
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत 'समानता का अधिकार' प्रदान किया गया है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'मूल्यांकन और मापन (Evaluation and Measurement) के आधुनिक मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, बेंजामिन ब्लूम (Benjamin Bloom) द्वारा प्रतिपादित 'शैक्षिक उद्देश्यों के वर्गीकरण' (Taxonomy of Educational Objectives) के 'संज्ञानात्मक पक्ष' (Cognitive Domain) के अंतर्गत सर्वोच्च स्तरों—'संश्लेषण' (Synthesis / सृजन) और 'मूल्यांकन' (Evaluation)—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) और 'एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC) की आलोचनात्मक चिंतन और निर्णय लेने की सक्रियण प्रक्रिया, तथा नॉर्मन ग्रोनलुंड (Norman Gronlund) और रॉबर्ट ग्लेसर (Robert Glaser) द्वारा प्रतिपादित 'मानदंड-संदर्भित परीक्षण' (Criterion-Referenced Testing) और 'निदानात्मक एवं रचनात्मक मूल्यांकन' (Diagnostic and Formative Assessment) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक दक्षताओं तथा स्व-नियमन (Self-Regulation) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'मूर्त्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage: लगभग 7 से 11 वर्ष) की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताओं पर विचार कीजिए:
1. इस अवस्था में बालक में 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे वह यह समझ जाता है कि किसी वस्तु के आकार, रूप या रंग में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, द्रव्यमान या आयतन अपरिवर्तित रहता है।
2. बालक 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की योग्यता हासिल कर लेता है, जिसके कारण वह किसी समस्या या वस्तु को केवल एक ही आयाम (Dimension) से देखने के बजाय एक साथ कई पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर पाता है।
3. इस चरण के दौरान बालक 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-Deductive Reasoning) करने में पूरी तरह सक्षम हो जाता है, जो इस सिद्धांत की अंतिम अवस्था की मुख्य पहचान है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा अपनी पूर्व-मौजूदा स्कीमा (Schema) में नई जानकारी को फिट करने के लिए उसमें संशोधन या बदलाव करता है, तो इस मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया को निम्नलिखित में से क्या कहा जाता है?
→
उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प, पारंपरिक कलाओं और उनके प्रमुख उत्पादन केंद्रों (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट - ODOP) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मूंज उत्पाद' (Munja Cane Products) के लिए सुल्तानपुर और अमेठी जिलों को जाना जाता है, जबकि 'कांच की चूड़ियाँ' और उनसे जुड़े ग्लासवेयर के लिए फिरोजाबाद जिला उत्तर प्रदेश में विश्व प्रसिद्ध है।
2. 'कालीन उत्पादन' (Carpet Industry) के लिए भदोही और मिर्जापुर जिले प्रमुख केंद्र हैं, जहाँ हाथ से बुनी गई ऊनी कालीनों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में 'मददगार' भौगोलिक संकेत (GI Tag) भी प्राप्त है।
3. 'लकड़ी के खिलौने' और नक्काशीदार घरेलू सजावट की वस्तुओं के लिए 'वाराणसी' और 'चित्रकूट' जिले विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं, जबकि 'इत्र और सुगंधित तेल' के लिए कन्नौज को भारत की 'ग्रास ऑफ द ईस्ट' राजधानी कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.