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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, 'बंडूरा' (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) तथा बाद में संशोधित 'सामाजिक संज्ञानात्मक सिद्धांत' (Social Cognitive Theory) के अंतर्गत 'पारस्परिक निर्धारणवाद' (Reciprocal Determinism) की अवधारणा का सबसे सटीक और व्यापक मनोवैज्ञानिक अर्थ निम्नलिखित में से क्या है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अल्बर्ट बंडूरा के सामाजिक संज्ञानात्मक सिद्धांत के अनुसार, 'पारस्परिक निर्धारणवाद' (Reciprocal Determinism) यह स्पष्ट करता है कि मानव का विकास और व्यवहार किसी एक कारक द्वारा निर्धारित नहीं होता, बल्कि तीन मुख्य घटक—व्यक्तिगत कारक (जैसे विचार, भावनाएँ, जैविक विशेषताएँ), व्यवहार (Behavior), और पर्यावरणीय प्रभाव (Environment)—एक त्रिपक्षी प्रणाली (Triadic Reciprocal Causation) के रूप में लगातार एक-दूसरे को प्रभावित और संशोधित करते रहते हैं। यह सिद्धांत इस बात पर जोर देता है कि मनुष्य न केवल अपने पर्यावरण से प्रभावित होता है, बल्कि वह अपनी संज्ञानात्मक क्षमता और व्यवहार के माध्यम से अपने पर्यावरण का निर्माण और चयन भी करता है। इसलिए विकल्प (b) इस अवधारणा की सबसे सटीक और वैज्ञानिक व्याख्या है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण आयाम—**'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence)**—जिसे जीवों, वनस्पतियों, पारिस्थितिकी तंत्र और प्राकृतिक पर्यावरण के सूक्ष्म अंतरों को पहचानने, वर्गीकृत करने और उनके साथ सफलतापूर्वक संवाद करने की क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक अवलोकन, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और समग्र संज्ञानात्मक विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, उरी ब्रॉन्फेनब्रेनर (Urie Bronfenbrenner) के 'पारिस्थितिकीय प्रणालियों के सिद्धांत' (Ecological Systems Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'मेसोसिस्टम या मध्य-प्रणाली' (Mesosystem)**—जिसे उस अंतर्संबंध के रूप में परिभाषित किया जाता है जो विकासशील बच्चे के विभिन्न सूक्ष्म-तंत्रों (Microsystems, जैसे—परिवार, विद्यालय, साथियों का समूह और पड़ोस) के बीच आपसी अंतःक्रिया और संप्रेषण के माध्यम से बनता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र विकास, सामाजिक समायोजन और शैक्षणिक समन्वय के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंध का सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण शैक्षणिक अवधारणा—**'शेपिंग या आकृति-आरोपण' (Shaping)**—जिसे वांछित अंतिम जटिल व्यवहार के क्रमिक और निकटतम सन्निकटन (Successive Approximations) को सुदृढ़ीकरण प्रदान करके धीरे-धीरे स्थापित करने की एक विधिवत तकनीक के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के जटिल कौशलों के अर्जन, व्यवहार संशोधन (Behavior Modification) और क्रमिक संज्ञानात्मक प्रगति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अवलोकन आत्मक अधिगम' (Observational Learning / Modeling) की प्रक्रिया के चार महत्वपूर्ण घटकों में से एक प्रमुख घटक—अर्थात् 'पुनरुत्पादन या मोटर पुनरुत्पादन' (Reproduction / Motor Reproduction)—की अवधारणा, जिसके तहत शिक्षार्थी अपने संज्ञानात्मक मस्तिष्क में संग्रहीत किसी मॉडल के व्यवहार के मानसिक प्रतीकों या बिंबों को वास्तविक शारीरिक क्रियाओं और व्यावहारिक कौशल में रूपांतरित करता है, अभ्यास करता है और अपने प्रदर्शन में निरंतर प्रतिक्रिया के माध्यम से सुधार करता है, के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के कौशल अर्जन, व्यावहारिक अनुकरण और स्व-नियामक (Self-regulatory) अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित **'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence)** की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति को अपनी स्वयं की आंतरिक भावनाओं, प्रेरणाओं, शक्तियों, कमजोरियों, इच्छाओं और मानसिक अवस्थाओं का गहन ज्ञान होता है तथा वह अपने व्यवहार का सटीक आत्म-विश्लेषण और नियमन करने में सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन (Self-Regulation), metacognition (अधि-संज्ञान) और भावनात्मक स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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