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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण आयाम—**'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence)**—जिसे जीवों, वनस्पतियों, पारिस्थितिकी तंत्र और प्राकृतिक पर्यावरण के सूक्ष्म अंतरों को पहचानने, वर्गीकृत करने और उनके साथ सफलतापूर्वक संवाद करने की क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक अवलोकन, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और समग्र संज्ञानात्मक विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत के अनुसार 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) व्यक्तियों को प्राकृतिक दुनिया (पौधे, जानवर, मौसम के पैटर्न आदि) को पहचानने, वर्गीकृत करने और उसके साथ जुड़ने की क्षमता देती है। कक्षा-कक्षीय संदर्भ में, इस बुद्धि वाले शिक्षार्थी प्रत्यक्ष अनुभव, क्षेत्र-भ्रमण (field trips), और पर्यावरण-आधारित अन्वेषण (exploration) के माध्यम से सबसे बेहतर सीखते हैं। यह बच्चों में संज्ञानात्मक लचीलेपन, आलोचनात्मक अवलोकन और पारिस्थितिक संवेदनशीलता का विकास करती है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'अवलोकनारात्मक अधिगम एवं प्रतिरूपण' (Observational Learning and Modeling)** की अवधारणा—जिसके तहत बालक अपने परिवेश में मौजूद आदर्शों या मॉडल्स (जैसे माता-पिता, शिक्षक या मीडिया नायक) के व्यवहार का सूक्ष्म अवलोकन करके, उसे याद रखकर, मोटर क्षमताओं के माध्यम से पुनरुत्पादित करके और प्रेरणा प्राप्त करके नए व्यवहारों को बिना प्रत्यक्ष पुनर्बलन के स्वतः सीख जाते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सामाजिक-नैतिक विकास, स्व-प्रभावकारिता (Self-Efficacy) के सृजन और सकारात्मक आदतों के निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिकों—मैक्स वर्दीमर (Max Wertheimer), कर्ट कोफ्का (Kurt Koffka), और वोल्फगांग कोहलर (Wolfgang Köhler)—द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के अंतर्गत निहित 'अवयवीकरण' (Gestalt Perception) के नियमों—जैसे 'समीपता' (Proximity), 'समानता' (Similarity), 'निरंतरता' (Continuity), और 'पूर्णता' (Closure)—तथा कोहलर के 'सुल्तान' नामक चिंपैंजी पर किए गए प्रयोग के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में 'समस्या-समाधान' (Problem Solving) के दौरान 'अचानक बोध या प्रकाश' (Aha! Experience) की घटना के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, उरी ब्रॉन्फेनब्रेनर (Urie Bronfenbrenner) के 'पारिस्थितिकी प्रणालियों के सिद्धांत' (Ecological Systems Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'मिसोसिस्टम' (Mesosystem - मध्य प्रणाली)** की अवधारणा—जिसके तहत विकासशील बच्चे की विभिन्न सूक्ष्म प्रणालियों (Microsystems जैसे कि परिवार, स्कूल, सहकर्मी समूह और पड़ोस) के बीच आपसी संबंधों और अंतःक्रियाओं का अध्ययन किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र विकास, अभिभावक-शिक्षक सहभागिता और सामाजिक-संज्ञानात्मक अनुकूलन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) अथवा 'सामाजिक संज्ञानात्मक सिद्धांत' (Social Cognitive Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अवलोकनयात्मक अधिगम' (Observational Learning / Modeling) की प्रक्रिया के चार प्रमुख घटकों—'अवधान' (Attention), 'धारण' (Retention), 'पुनरुत्पादन' (Reproduction), और 'अभिप्रेरण/पुनर्बलन' (Motivation/Reinforcement)—तथा 'स्व-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy) की संकल्पना के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-नियमन (Self-Regulation) पर इनके प्रभाव के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी शिक्षण सिद्धांत' (Humanistic Theory of Teaching) के अंतर्गत प्रतिपादित **'प्रयोक्ता-केंद्रित या अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential / Student-Centered Learning)** की मुख्य शर्त—**'सहानुभूतिपूर्ण समझ और तदानुभूति' (Empathic Understanding)**—जिसके तहत शिक्षक शिक्षार्थी के आंतरिक संसार और दृष्टिकोण को उसके अपने दृष्टिकोण से देखने तथा उसकी भावनाओं को बिना किसी पूर्व-ग्रह या मूल्य-निर्णय के गहराई से महसूस करने का प्रयास करता है, के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक संबल, मनोवैज्ञानिक सुरक्षा और स्व-स्वीकृति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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