BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
1 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, 'गार्डनर' (Howard Gardner) के बहु-बुद्धि सिद्धांत की आलोचना करते हुए मनोवैज्ञानिक 'जॉन मेयर' (John Mayer) और 'पीटर सेलोवे' (Peter Salovey) ने जिस 'संवेगनात्मक बुद्धि' (Emotional Intelligence - EI) की अवधारणा को लोकप्रिय बनाया, उसके मुख्य घटकों (Components) के सही समुच्चय का चयन करें जो डैनियल गोलमैन (Daniel Goleman) के मॉडल के अनुसार संवेगनात्मक दक्षता को दर्शाते हैं:

Detailed Explanation

डैनियल गोलमैन (Daniel Goleman) ने डैनियल गोलमैन के संवेगनात्मक बुद्धि मॉडल में चार मुख्य स्तंभों या क्षेत्रों को शामिल किया है: 1. आत्म-जागरूकता (Self-Awareness), 2. आत्म-प्रबंधन (Self-Management), 3. सामाजिक जागरूकता (Social Awareness), और 4. संबंध प्रबंधन (Relationship Management)। यह सिद्धांत MPTET परीक्षा के बाल विकास पाठ्यक्रम के अंतर्गत संवेगात्मक विकास और व्यक्तिगत भिन्नताओं को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Share:

Related Questions

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'शेपिंग या आकार देना' (Shaping) की अवधारणा—जिसके तहत किसी जटिल, नवीन या अवांछित व्यवहार को क्रमिक अनुमानों (Successive Approximations) के सिद्धांत का उपयोग करते हुए वांछित अंतिम लक्ष्य व्यवहार की ओर धीरे-धीरे पुनर्बलित करके चरण-बद्ध तरीके से स्थापित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के जटिल कौशल अर्जन, सुधारात्मक शिक्षण और व्यवस्थित व्यवहार संशोधन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धिमत्ता सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अंतःवैयक्तिक बुद्धिमत्ता' (Intrapersonal Intelligence)**—जिसे उस व्यक्तिपरक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से कोई व्यक्ति अपने स्वयं के आंतरिक भावनाओं, संवेगों, प्रेरणाओं, शक्तियों, कमजोरियों और वैचारिक मानचित्र (Self-reflection and self-awareness) को गहराई से समझता है और अपने जीवन को तदनुसार विनियमित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन (Self-regulation), metacognition (परासंज्ञान), और भावनात्मक स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित **'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence)** की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति को अपनी स्वयं की आंतरिक भावनाओं, प्रेरणाओं, शक्तियों, कमजोरियों, इच्छाओं और मानसिक अवस्थाओं का गहन ज्ञान होता है तथा वह अपने व्यवहार का सटीक आत्म-विश्लेषण और नियमन करने में सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन (Self-Regulation), metacognition (अधि-संज्ञान) और भावनात्मक स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत व्यक्तित्व की संरचना के तीन प्रमुख घटकों—इदम (Id), अहम् (Ego) और पराहम् (Superego)—में से 'अहम्' (Ego) की उस महत्वपूर्ण कार्यप्रणाली या रक्षा तंत्र (Defense Mechanism) का अध्ययन करते समय, 'युक्तिकरण या तर्कसंगतीकरण' (Rationalization) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति अपनी असफलताओं, अस्वीकार्य इच्छाओं या अवांछित व्यवहारों के लिए तार्किक, बौद्धिक रूप से स्वीकार्य और मनगढ़ंत बहाने या कारण गढ़ लेता है ताकि वह आत्म-सम्मान की रक्षा कर सके और अपराध बोध (Guilt) से बच सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के रक्षात्मक व्यवहार, मानसिक समायोजन और रक्षा तंत्रों के वैज्ञानिक विश्लेषण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रगामी संगठक या एडवांस ऑर्गेनाइज़र' (Advance Organizer) की अवधारणा—जिसके तहत मुख्य शिक्षण सामग्री या नवीन ज्ञान को प्रस्तुत करने से पहले एक उच्च-स्तरीय, समावेशी और मूर्त रूपरेखा या परिचयात्मक सामग्री विद्यार्थियों के सामने रखी जाती है, जिससे शिक्षार्थी अपने पूर्व-ज्ञान (Prior Knowledge) के साथ नए संप्रत्ययों को संज्ञानात्मक रूप से जोड़ सकें (Cognitive Anchoring)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा निर्माण, अवधारणात्मक स्पष्टता और दीर्घकालिक स्मरण (Long-term Retention) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.