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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'लग्नता या लगाव सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत शिशु के विकास में 'सुरक्षित लगाव' (Secure Attachment) और 'असुरक्षित-प्रतिरोधी लगाव' (Insecure-Resistant / Ambivalent Attachment) की अवस्थाओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जॉन बॉल्बी (John Bowlby) और मैरी ऐंसवर्थ (Mary Ainsworth) के 'लगाव सिद्धांत' (Attachment Theory) के अनुसार, 'सुरक्षित लगाव' (Secure Attachment) से युक्त शिशु अपनी प्राथमिक देखभाल करने वाले (Caregiver) को एक 'सुरक्षित आधार' (Secure Base) मानते हैं, जिसकी उपस्थिति में वे आत्मविश्वास से नए पर्यावरण की खोज करते हैं। वे अलगाव पर थोड़ा विचलित होते हैं लेकिन पुनर्मिलन पर तुरंत शांत होकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हैं। इसके विपरीत, 'असुरक्षित-प्रतिरोधी या उभयभावी लगाव' (Insecure-Resistant/Ambivalent Attachment) वाले बच्चे देखभाल करने वाले के जाने पर अत्यधिक angusth/विचलित होते हैं और लौटने पर वे चिपके रहने के साथ-साथ क्रोध और विरोध (Ambivalence) का मिश्रित व्यवहार दिखाते हैं। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है।
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