त्वरित लिंक्स
MPTET
1 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रिम संगठनकर्ता' (Advance Organizer) की अवधारणा—जिसके तहत मुख्य शिक्षण सामग्री या नवीन पाठ को पढ़ाने से पहले छात्रों के संज्ञान में मौजूद पूर्व-ज्ञान (Prior Knowledge) के साथ नए संप्रत्ययों को जोड़ने और जोड़ने के लिए एक उच्च-स्तरीय, अमूर्त और व्यापक परिचयात्मक सामग्री या ढांचा प्रस्तुत किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा निर्माण, संज्ञानात्मक संरचना और तार्किक समावेश के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डेविड औसुबेल (David Ausubel) के अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत के अनुसार, 'अग्रिम संगठनकर्ता' (Advance Organizer) वे शैक्षणिक उपकरण या परिचयात्मक सामग्रियां हैं जिन्हें मुख्य पाठ से पहले प्रस्तुत किया जाता है। इनका मुख्य कार्य शिक्षार्थियों के वर्तमान पूर्व-ज्ञान (Prior Knowledge) और नए आने वाले संप्रत्ययों के बीच एक 'संज्ञानात्मक पुल' या सेतु का निर्माण करना होता है। इसके माध्यम से छात्र नवीन सूचनाओं को अपनी मौजूदा संज्ञानात्मक संरचना या स्कीमा में 'सबज्यूम्प्शन' (Subsumption - समावेश) प्रक्रिया द्वारा सार्थक रूप से जोड़ पाते हैं, जिससे रटकर सीखने के बजाय अर्थपूर्ण अधिगम (Meaningful Learning) सुनिश्चित होता है। अतः विकल्प (b) इस अवधारणा का सबसे प्रामाणिक और वैज्ञानिक विश्लेषण है।
Related Questions
→
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुसार, स्कूली शिक्षा के किस चरण में 'योगात्मक मूल्यांकन' (Summative Assessment) के स्थान पर 'क्षमता-आधारित शिक्षण और आकलन' (Competency-based learning and assessment) को प्राथमिकता देने की संस्तुति की गई है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'पाह या मचान निर्माण' (Scaffolding)** की अवधारणा—जिसके तहत एक अधिक ज्ञ knowledgeable अन्य (MKO) या शिक्षक द्वारा शिक्षार्थी को उसकी संभावित विकास के क्षेत्र (ZPD) के भीतर समस्या समाधान हेतु शुरुआत में उच्च स्तर की अस्थायी सहायता प्रदान की जाती है और जैसे-जैसे शिक्षार्थी की निपुणता बढ़ती जाती है, उस सहायता को धीरे-धीरे वापस ले लिया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमित अधिगम (Self-Regulated Learning), संज्ञानात्मक स्वतंत्रता और आंतरिक बौद्धिक विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड कोल्ब (David Kolb) के 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अंतर्गत प्रतिपादित **'अमूर्त अवधारणाधिकरण' (Abstract Conceptualization)** के चरण—जिसके तहत शिक्षार्थी मूर्त अनुभवों के दौरान किए गए प्रेक्षणों और चिंतन का विश्लेषण करके तार्किक सिद्धांतों, सामान्यीकरणों और बौद्धिक मॉडलों का निर्माण करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सैद्धांतिक समझ, विश्लेषणात्मक चिंतन और वैचारिक एकीकरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति के भीतर किसी विशिष्ट परिस्थिति या कार्य को सफलतापूर्वक निष्पादित करने की अपनी क्षमताओं के बारे में विश्वास या धारणा शामिल होती है, जो उसके लक्ष्य-निर्धारण, प्रयास की मात्रा और असफलताओं के सामने दृढ़ता को सीधे तौर पर प्रभावित करती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रेरणा स्तर, शैक्षणिक लचीलेपन और स्व-नियमित अधिगम (Self-Regulated Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Moral Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार अभिविन्यास' (Social Contract and Individual Rights Orientation)**—जिसे उस उत्तर-पारंपरिक स्तर (Post-conventional Level) की पांचवीं अवस्था के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून एक सामाजिक अनुबंध (Social Contract) के रूप में लचीले होने चाहिए, जिन्हें समाज के कल्याण और व्यक्तिगत मानवाधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक रूप से बदला जा सकता है, न कि वे कठोर या अपरिवर्तनीय अंतिम सत्य होते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के नैतिक तार्किकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और न्याय बोध के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.