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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित उत्तर-रूढ़िगत स्तर (Post-Conventional Morality) की अंतिम अवस्था यानी 'विवेक और सार्वभौमिक नीतिपरक सिद्धांत की अवस्था' (Stage 6: Universal Ethical Principles) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भीतर 'नैतिक स्वायत्तता' (Moral Autonomy), न्यायसंगत दृष्टिकोण और आंतरिक अंतरात्मा की आवाज के वैज्ञानिक विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत का 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level) का छठा चरण 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों का चरण' (Universal Ethical Principles Orientation) कहलाता है। इस चरण में व्यक्ति बाहरी सामाजिक कानूनों या संस्थागत नियंत्रण से ऊपर उठकर अपने स्व-चयनित नैतिक सिद्धांतों के अनुसार कार्य करता है, जो न्याय, मानवाधिकारों और मानवीय गरिमा पर आधारित होते हैं। यहाँ तक कि यदि कोई कानून अन्यायपूर्ण प्रतीत हो, तो अंतरात्मा की आवाज के आधार पर उसका विरोध करना भी इस स्तर की सर्वोच्च नैतिकता मानी जाती है। MPTET परीक्षा के दृष्टिकोण से यह उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक और नैतिक परिपक्वता को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्नी (Robert Gagne) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर के अधिगम—**'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)**—जिसके तहत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और संप्रत्ययों का उपयोग करते हुए किसी नवीन, जटिल और अनसुलझी संज्ञानात्मक समस्या का विश्लेषण करता है, तार्किक परिकल्पनाएं बनाता है और उच्च-स्तरीय बौद्धिक कौशल का प्रदर्शन करके उसका समाधान निकालता है, के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, स्वतंत्र बौद्धिक अनुप्रयोग और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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