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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level) के दोनों चरणों—(1) सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार (Social Contract and Individual Rights) तथा (2) सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत (Universal Ethical Principles)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वायत्त नैतिक तर्क (Autonomous Moral Reasoning), न्याय, मानवाधिकारों के प्रति सम्मान और आंतरिक विवेक (Conscience) के वैज्ञानिक विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याख्या: लॉरेंस कोहलवर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत का 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level) नैतिक विकास का उच्चतम चरण है। इसमें व्यक्ति सामाजिक नियमों और कानूनों से ऊपर उठकर अपने स्व-चयनित नैतिक सिद्धांतों और सार्वभौमिक न्याय (Universal Justice), मानवाधिकारों और व्यक्तिगत विवेक के आधार पर निर्णय लेता है। चरण 5 (सामाजिक अनुबंध) में कानून को मानव कल्याण के लिए बदला जा सकने वाला समझा जाता है, जबकि चरण 6 (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत) में व्यक्ति अपने आंतरिक विवेक और न्याय के सार्वभौमिक मानकों से संचालित होता है, भले ही वे कानून के विरुद्ध क्यों न हों। अतः विकल्प (c) इस मनोवैज्ञानिक अवधारणा को सबसे सटीक और वैज्ञानिक रूप से परिभाषित करता है।
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