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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा' (Progressive Education) तथा 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित 'चिंतनात्मक चिंतन' (Reflective Thinking) और 'समस्या-समाधान की पांच चरणों वाली वैज्ञानिक पद्धति' के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक सहभागिता, प्रायोगिक अनुभव और आलोचनात्मक तर्क (Critical Thinking) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के दृष्टिकोण से जॉन डीवी का 'प्रगतिशील शिक्षा' और 'करके सीखना' (Learning by Doing) का सिद्धांत अत्यंत महत्वपूर्ण है। डीवी के अनुसार, शिक्षा केवल भविष्य के लिए तैयारी नहीं बल्कि जीवन की प्रक्रिया है। उनकी पांच चरणों वाली समस्या-समाधान पद्धति (समस्या की अनुभूति, समस्या का सीमांकन, परिकल्पना निर्माण, परिकल्पना का परीक्षण, और सत्यापन/निष्कर्ष) विद्यार्थियों में 'चिंतनात्मक चिंतन' (Reflective Thinking) को बढ़ावा देती है। यह दृष्टिकोण विद्यार्थियों को निष्क्रिय ज्ञान ग्रहणकर्ता के रूप में देखने के बजाय उन्हें सक्रिय, स्वतंत्र और आलोचनात्मक विचारक बनाता है जो लोकतांत्रिक परिवेश में सामाजिक समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान खोज सकते हैं।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद और प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Connectionism / Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'प्रभाव का नियम' (Law of Effect)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक नियम के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अनुसार किसी उद्दीपक और अनुक्रिया (Stimulus-Response) के बीच का संबंध उस स्थिति में मजबूत हो जाता है जिसके परिणामस्वरुप संतोषजनक या सुखद अनुभूति होती है, तथा असंतोषजनक या कष्टप्रद परिणाम मिलने पर वह संबंध कमजोर हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकूली व्यवहारों के अर्जन, सुदृढ़ीकरण और सकारात्मक पुनरावृत्ति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित तीन निरूपण पद्धतियों—(1) क्रियात्मक निरूपण (Enactive Representation), (2) दृश्य/प्रतिबिम्बात्मक निरूपण (Iconic Representation), और (3) सांकेतिक निरूपण (Symbolic Representation)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सर्पिल पाठ्यक्रम (Spiral Curriculum) के निर्माण, अमूर्त चिंतन के विकास, और खोजनात्मक अधिगम (Discovery Learning) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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