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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद' (Connectionism) या 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित मुख्य नियमों—(1) तत्परता का नियम (Law of Readiness), (2) अभ्यास का नियम (Law of Exercise), और (3) प्रभाव का नियम (Law of Effect)—तथा इसके गौण नियमों के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की संतोषजनक अनुक्रियाओं के दृढ़ीकरण, तंत्रिका तंत्र के परिपक्वता मार्ग और त्रुटिहीन कौशलार्जन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
थॉर्नडाइक के संबंधवाद (Connectionism) सिद्धांत में 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) यह स्पष्ट करता है कि जिन कार्यों से संतोषजनक परिणाम मिलते हैं, वे उद्दीपक-अनुक्रिया (Stimulus-Response) संबंध को सुदृढ़ करते हैं, और जिन से असंतोष होता है वे इसे कमजोर करते हैं। 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness) स्नायुमंडलीय तैयारी को दर्शाता है, यानी जब कोई व्यक्ति कार्य करने के लिए मानसिक रूप से तैयार होता है, तो उसे संतुष्टि मिलती है और कार्य न करने पर झुंझलाहट होती है। यह कक्षा-कक्षीय शिक्षण में बच्चों की अनुक्रियाओं के सही प्रबंधन और वैज्ञानिक सुदृढ़ीकरण के लिए अत्यंत प्रामाणिक है। अतः विकल्प (A) सही है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कर्ट लेविन (Kurt Lewin) के 'क्षेत्र सिद्धांत' (Field Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'जीवन स्पेस' (Life Space) की संकल्पना तथा अधिगम प्रक्रिया में विभिन्न प्रकार के मनोवैज्ञानिक संघर्षों—जैसे कि 'गम-गम संघर्ष' (Approach-Approach Conflict), 'परिहार-परिहार संघर्ष' (Avoidance-Avoidance Conflict), और 'गम-परिहार संघर्ष' (Approach-Avoidance Conflict)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ तथा कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थी के व्यवहार एवं निर्णय लेने की प्रक्रिया पर इनके प्रभाव के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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