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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) तथा 'अस्तित्ववादी बुद्धि' (Existentialist Intelligence) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पर्यावरणीय संवेदना, पारिस्थितिक संतुलन की समझ, और मानवीय अस्तित्व के दार्शनिक प्रश्नों के अन्वेषण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत के अनुसार, 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) व्यक्तियों को प्रकृति के पैटर्न को पहचानने, पौधों, जानवरों और अन्य प्राकृतिक तत्वों को वर्गीकृत करने की क्षमता देती है। वहीं, 'अस्तित्ववादी बुद्धि' (Existential Intelligence) मानव अस्तित्व के अंतिम मुद्दों—जैसे जीवन का अर्थ, मृत्यु का अर्थ, मानवीय अनुभव की प्रकृति और ब्रह्मांडीय घटनाओं—पर विचार करने की क्षमता से जुड़ी है। कक्षा-कक्ष में इनका वैज्ञानिक समावेश विद्यार्थियों को अनुभवात्मक, पारिस्थितिक और आलोचनात्मक चिंतन के माध्यम से समग्र रूप से सीखने में सहायता करता है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Cognitive Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'विकेंद्रीकरण' (Decentration)**—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से बालक किसी वस्तु या समस्या के केवल एक ही आयाम या पहलू पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय उसके एक साथ कई पहलुओं, दृष्टिकोणों या आयामों पर एक साथ विचार करने में सक्षम होता है (जो कि पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था की 'केंद्रण' या 'Centration' की सीमा से ठीक विपरीत है)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक चिंतन, बहु-आयामी समस्या-समाधान और संरक्षण (Conservation) की अवधारणा को समझने के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित व्यक्तित्व की तीन संरचनाओं—'इदम' (Id), 'अहम' (Ego), और 'पराअहम' (Superego)—तथा उनके मध्य उत्पन्न होने वाले मानसिक संघर्षों से बचाव के लिए प्रयुक्त होने वाली 'रक्षा युक्तियाँ' (Defense Mechanisms) में से 'युक्तिकरण' (Rationalization) और 'प्रक्षेपण' (Projection) की वास्तविक मनोवैज्ञानिक विशेषताओं तथा कक्षा-कक्षीय वातावरण में विद्यार्थियों के व्यवहार के विश्लेषण में इनके तार्किक अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित उत्तर-रूढ़िगत स्तर (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले दोनों चरणों—(1) 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) तथा (2) 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वनिर्मित नैतिक मूल्यों, लोकतांत्रिक सहभागिता, न्यायसंगत चिंतन, और अन्यायपूर्ण सामाजिक कानूनों के विरुद्ध अहिंसक सविनय अवज्ञा के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'शेपिंग या आकार देना' (Shaping) की अवधारणा—जिसके तहत किसी जटिल या पूरी तरह से नवीन अवांछित या वांछित व्यवहार को सीधे एक बार में प्राप्त करने के बजाय, लक्ष्य व्यवहार के क्रमिक और निकटतम सन्निकटन (Successive Approximations) चरणों को सुदृढ़ीकरण (Reinforcement) प्रदान करके धीरे-धीरे वांछित अंतिम व्यवहार को ढालकर स्थापित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के जटिल कौशलों के अर्जन, चरणबद्ध प्रगति और सकारात्मक सुदृढ़ीकरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित **'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence)** की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्तियों में प्राकृतिक दुनिया (पौधों, जानवरों, पारिस्थितिकी तंत्र, मौसम के पैटर्न आदि) की बारीकियों को पहचानने, वर्गीकृत करने और उसके साथ सामंजस्य बिठाने की उच्च क्षमता होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक बोध, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और अनुभवात्मक क्षेत्र-अध्ययन (Field Studies) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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