त्वरित लिंक्स
MPTET
1 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित व्यक्तित्व की तीन संरचनाओं—'इदम' (Id), 'अहम' (Ego), और 'पराअहम' (Superego)—तथा उनके मध्य उत्पन्न होने वाले मानसिक संघर्षों से बचाव के लिए प्रयुक्त होने वाली 'रक्षा युक्तियाँ' (Defense Mechanisms) में से 'युक्तिकरण' (Rationalization) और 'प्रक्षेपण' (Projection) की वास्तविक मनोवैज्ञानिक विशेषताओं तथा कक्षा-कक्षीय वातावरण में विद्यार्थियों के व्यवहार के विश्लेषण में इनके तार्किक अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सिगमंड फ्रायड के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत के अनुसार, 'इदम' (Id) जन्मजात और अचेतन प्रवृत्तियों का केंद्र है जो 'सुख के सिद्धांत' पर कार्य करता है। 'अहम' (Ego) वास्तविकता के सिद्धांत (Reality Principle) पर काम करते हुए इदम और पराअहम के बीच संतुलन बनाता है। जब वास्तविकता का तनाव बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो अहम् चिंता (Anxiety) से बचने के लिए अचेतन रूप से 'रक्षा युक्तियों' (Defense Mechanisms) का सहारा लेता है। 'युक्तिकरण' (Rationalization) में व्यक्ति अपनी किसी विफलता या अवांछनीय आचरण के लिए तार्किक और सामाजिक रूप से स्वीकार्य किंतु झूठे कारण गढ़ लेता है (जैसे 'अंगूर खट्टे हैं'), जबकि 'प्रक्षेपण' (Projection) में व्यक्ति अपनी खुद की अस्वीकार्य भावनाओं, कुंठाओं या दोषों को दूसरों पर मढ़ देता है (जैसे 'बुरा काम करने वाला यह कहे कि दूसरे लोग बेईमान हैं')। अतः विकल्प (A) इन मनोवैज्ञानिक अवधारणाओं की सबसे सटीक और वैज्ञानिक व्याख्या करता है।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत उत्तर-रूढ़िगत स्तर (Post-Conventional Morality) के दूसरे चरण—अर्थात 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण अभिमुखता' (Universal Ethical Principle Orientation - स्टेज 6)—की अवधारणा, जिसके तहत व्यक्ति सामाजिक कानूनों या समझौतों से परे जाकर अपने स्व-चयनित आंतरिक नैतिक सिद्धांतों, मानवीय न्याय, और सार्वभौमिक मानवाधिकारों के आधार पर सही और गलत का निर्धारण करता है, के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के नैतिक तर्क, लोकतांत्रिक मूल्यों, और वैचारिक स्वायत्तता के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड कोल्ब (David Kolb) के 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय अधिगम शैली—**'अभिसारी अधिगम शैली' (Convergent Learning Style)**—जिसे उस व्यावहारिक मानसिक स्थिति के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ शिक्षार्थी अमूर्त अवधारणाओं (Abstract Conceptualization) और सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation) का उपयोग करके तकनीकी समस्याओं के एकल, सर्वोत्तम और सटीक समाधान तलाशता है तथा विचारों को व्यावहारिक उपयोग में लाने में दक्ष होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक विश्लेषण, तकनीकी कौशल और समस्या-समाधान की वैज्ञानिक क्षमताओं के संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) की अवधारणा—जिसके तहत वास्तविक विकासात्मक स्तर (स्वतंत्र समस्या समाधान द्वारा निर्धारित) और संभावित विकासात्मक स्तर (वयस्क मार्गदर्शन या सक्षम साथियों के सहयोग से समस्या समाधान द्वारा निर्धारित) के बीच का अंतराल शामिल होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक विकास, सहयोगात्मक समस्या-समाधान और 'मचान या पाड़' (Scaffolding) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर के अधिगम—अर्थात 'समस्या-समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)—की अवधारणा, जिसके तहत शिक्षार्थी आंतरिक नियमों, सिद्धांतों और संकल्पनाओं का उपयोग करके एक जटिल, नवीन और अनूठी स्थिति में उत्पन्न समस्या का तार्किक समाधान खोजता है, के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक क्षमताओं, सर्जनात्मक चिंतन (Creative Thinking), और बौद्धिक स्वायत्तता के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा एवं अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Progressive Education and Experiential Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'करके सीखना' (Learning by Doing) और 'चिंतनशील चिंतन' (Reflective Thinking) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षा केवल भविष्य की तैयारी नहीं है बल्कि जीवन की एक प्रक्रिया है, और वास्तविक ज्ञान विद्यार्थियों द्वारा वास्तविक जीवन की समस्याओं का सामना करते हुए वैज्ञानिक पद्धति (Scientific Inquiry) के माध्यम से अपने अनुभवों का पुनर्निर्माण (Reconstruction of Experience) करने से प्राप्त होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रजातांत्रिक मूल्यों, आलोचनात्मक समस्या-समाधान (Critical Problem Solving) और स्वायत्त ज्ञानार्जन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.