त्वरित लिंक्स
MPTET
1 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'संगीतकीय बुद्धि' (Musical Intelligence) तथा 'शारीरिक-गत्यात्मक बुद्धि' (Bodily-Kinesthetic Intelligence) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वर-लय संवेदनशीलता, शारीरिक नियंत्रण, और क्रिया-आधारित प्रदर्शन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत के अनुसार, बुद्धि कोई एक एकीकृत सामान्य इकाई नहीं है, बल्कि स्वतंत्र बुद्धियों का एक सेट है। 'संगीतकीय बुद्धि' (Musical Intelligence) व्यक्तियों को स्वर, लय, ताल और ध्वनियों के पैटर्न को समझने और सृजित करने की अनुमति देती है, जबकि 'शारीरिक-गत्यात्मक बुद्धि' (Bodily-Kinesthetic Intelligence) शरीर की गतिविधियों को नियंत्रित करने और वस्तुओं को निपुणता से संभालने की क्षमता प्रदान करती है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में इन दोनों बुद्धियों का उपयोग कला-एकीकृत शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम के माध्यम से विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक और व्यावहारिक विकास को सुदृढ़ करने के लिए किया जाता है।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Theory of Meaningful Verbal Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रिम आयोजक' (Advance Organizers) की अवधारणा तथा 'अवरोही अधिगम' (Deductive Learning / Subsumption) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पूर्व-ज्ञान के साथ नवीन संकल्पनाओं के एकीकरण (Integration), संज्ञानात्मक संरचना (Cognitive Structure) के सुदृढ़ीकरण और सार्थक अनुदेशनात्मक डिजाइन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach to Education) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सुविधाजनक शिक्षण' (Facilitative Learning) और 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) के सिद्धांतों के अनुसार, एक शिक्षक की भूमिका 'प्रसारक' या 'ज्ञाता' के स्थान पर 'सुविधाप्रदाता' (Facilitator) के रूप में होती है। इस संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन रोजर्स के अनुभवात्मक अधिगम की मूल भावना और बाल-केन्द्रित शिक्षा को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी अधिगम सिद्धांत' (Humanistic Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'प्रामाणिकता या सहजता' (Realness / Congruence)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक स्थिति के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ शिक्षक अपने विद्यार्थियों के सामने बिना किसी कृत्रिम मुखौटे या पेशेवर ढोंग के अपने वास्तविक संवेगों, विचारों और संवेदनाओं के साथ पूरी तरह से पारदर्शी और सच्चे रूप में उपस्थित होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मनोवैज्ञानिक सुरक्षा (Psychological Safety), आत्म-स्वीकृति (Self-Acceptance) और सार्थक अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम' (Progressive Education and Experiential Learning) सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित 'चिंतनशील चिंतन या विचारशील समस्या-समाधान' (Reflective Thinking / Inquiry-based Learning) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी किसी संशयपूर्ण या वास्तविक जीवन की समस्या का सामना करने पर सक्रिय रूप से परिकल्पनाओं का निर्माण करता है, उनका तार्किक और प्रायोगिक परीक्षण करता है, तथा निष्क्रिय स्मरण के स्थान पर 'करके सीखना' (Learning by Doing) के माध्यम से वास्तविक ज्ञान का निर्माण करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक स्वायत्तता और प्रयोजनवादी ज्ञान-निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी अधिगम सिद्धांत' (Humanistic Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सुविधाजनक या सहजकर्ता शिक्षण' (Facilitative Learning / Experiential Learning) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षक का मुख्य कार्य ज्ञान थोपना या निर्देश देना नहीं, बल्कि एक ऐसा मनोवैज्ञानिक रूप से सुरक्षित, सहानुभूतिपूर्ण और स्वीकृतिपूर्ण वातावरण (Empathic and Safe Environment) तैयार करना है जहाँ विद्यार्थी अपनी इच्छा से आत्म-निर्देशित (Self-Directed) और अनुभवात्मक अधिगम के माध्यम से अपनी पूरी क्षमता का विकास कर सकें—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आंतरिक स्वायत्तता, संवेगात्मक संतुलन और सार्थक अर्थपूर्ण अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.