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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) / 'सामाजिक संज्ञानात्मक सिद्धांत' (Social Cognitive Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अवलोकनयात्मक अधिगम' (Observational Learning) के चार अंतर्संबंधित घटकों—(1) अवधान (Attention), (2) धारणा/स्मृति (Retention), (3) पुनरुत्पादन (Reproduction), और (4) अभिप्रेरण/पुनर्बलन (Motivation/Reinforcement)—के साथ-साथ 'आत्म-प्रभावीकता' (Self-Efficacy) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के vicarious reinforcement (प्रतिनिधि पुनर्बलन), स्व-नियमित अधिगम (Self-Regulated Learning), और रोल-मॉडलिंग के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अल्बर्ट बंडूरा का सामाजिक संज्ञानात्मक सिद्धांत यह रेखांकित करता है कि अधिगम केवल प्रत्यक्ष अनुभव से नहीं, बल्कि दूसरों के व्यवहार और उनके परिणामों का अवलोकन करके भी होता है। इसमें चार प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण हैं: अवधान (ध्यान देना), धारणा (स्मृति में रखना), पुनरुत्पादन (व्यवहार को दोहराना), और अभिप्रेरण (प्रेरणा)। इसके अतिरिक्त, 'आत्म-प्रभावीकता' (Self-Efficacy) व्यक्ति का वह विश्वास है कि वह किसी कार्य को सफलताપૂર્વक पूरा कर सकता है, जो उसकी प्रेरणा और स्व-नियमित अधिगम को अत्यंत गहराई से प्रभावित करता है। विकल्प 'b' इस सिद्धांत के वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक स्वरूप का सबसे सटीक और प्रामाणिक वर्णन करता है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डैनियल गोलमैन (Daniel Goleman) के 'संवेगात्मक बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Emotional Intelligence) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-नियमन' (Self-Regulation) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति अपनी विघ्नकारी भावनाओं और आवेगों को नियंत्रित करने, बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने, ईमानदारी और जवाबदेही बनाए रखने तथा किसी भी निर्णय से पहले सोचने की उच्च-स्तरीय मानसिक क्षमता का प्रदर्शन करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक संतुलन, तनाव प्रबंधन और अनुशासित आचरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित उत्तर-रूढ़िगत स्तर (Post-Conventional Level) के अंतिम चरण यानी 'विवेक और सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation - Stage 6) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आंतरिक न्यायबोध, व्यक्तिगत अंतरात्मा के नियमों, और सामाजिक कानूनों के साथ नैतिक संघर्षों के आलोचनात्मक समाधान के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवीय आवश्यकताओं के पदानुक्रम सिद्धांत' (Theory of Human Motivation / Hierarchy of Needs) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकीकरण' (Self-Actualization) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति अपनी सर्वोच्च क्षमताओं, रचनात्मकता, आत्म-विकास और आंतरिक संभावनाओं को पूरी तरह से साकार करने की तीव्र मनोवैज्ञानिक ड्राइव का अनुभव करता है, जो शारीरिक, सुरक्षा, अपनेपन और सम्मान जैसी सभी बुनियादी और मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं के संतुष्ट होने के बाद शीर्ष स्तर पर प्रकट होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की उच्च-स्तरीय प्रेरणा, सृजनात्मकता के संवर्धन और सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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